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करंसी लवर्स के पास सौ साल से ज्यादा पुराने नोट और सिक्के

3 वर्ष पहले
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जालंधर | आज एक रुपए का नोट 101 साल का हो गया है। पहला एक रुपए का नोट लंदन में छपकर 30 नवंबर 1917 को भारत में जारी हुआ था। बायीं ओर सिल्वर कॉइन में किंग जार्ज पंचम की तस्वीर थी। उस समय एक रुपए के नोट की काफी वेल्यू होती थी। आज के 100 रुपए के नोट से कम नहीं होता था। अब करंसी की वेल्यू कम हो रही है पर पुराने नोटों की डिमांड बढ़ी है। पुरानी करंसी कलेक्ट करने वाले कई लोगों के पास लाखों की कलेक्शन है। मिलिए शहर के करंसी लवर्स से...।

एक रुपए के नोट ने समय के साथ-साथ बदला रंग-रूप
1917

1949

1957

35 साल से कर रहे पुराने नोट, सिक्कों की कलेक्शन
मल्टी नेशनल कंपनी में काम करने वाले 55 वर्षीय रोहित कुमार तिवारी ने बताया कि उन्हें सिक्के व पुराने नोट कलेक्ट करने का शौक है। कलेक्शन करते 35 साल हो गए हैं। एक साल पहले पता चला कि किसी के पास 1917 का एक रुपए का नोट है। उन्होंने दोस्त के जरिये डील कर नोट खरीदा। रोहित ने बताया कि बचपन में पॉकेट मनी में से पैसे बचाकर सिक्के व नोट खरीदता था। जॉब लगी तो सैलरी का कुछ हिस्सा हॉबी पर खर्च करने लगा। साल में तीन-चार बार कलेक्शन के लिए देश में घूमता हूं। इस समय मेरे पास एक रुपए से लेकर हजार रुपए तक का नोट व सिक्के हैं। कई देशों की करंसी कलेक्ट की है।

रोहित तिवारी

सौ साल की करंसी कलेक्ट की
लेक्चरर सुरिंदर के पास 1901 से 2000 तक की कलेक्शन है। एक रुपए के 1835 से लेकर अब तक के सिक्के शामिल हैं। पॉकेट मनी से करंसी कलेक्शन की। हमेशा अपने साथ पुरानी करंसी की लिस्ट लेकर चलता था। मंदिर, गुरुद्वारे जहां से भी पुरानी करंसी मिलती थी, कलेक्ट कर लेता था। इस समय मेरे पास 300 से ज्यादा सिक्के हैं।

सुरिंदर

1940

1950

2017

फेक करंसी की पहचान जरूरी
रिटायर्ड मदनलाल ने 1960 में स्कूल प्रोजेक्ट के लिए करंसी और डाक टिकट कलेक्शन शुरू की थी। पॉकेटमनी से सिक्के व नोट खरीदे। भारत के साथ-साथ थाइलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, पाकिस्तान व कई कंट्रीज की करंसी कलेक्ट की है। 1918 और इसके बाद आए सभी नोट और सिक्के जुटाए हैं। पुरानी असली करंसी की पहचान कर लेते हैं।

मदनलाल

1944

1951

2018

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