पंजाब / उपचुनाव का अलार्म बजते ही जोड़-तोड़ हुआ शुरू, जानें किस सीट पर कैसा है पार्टियों का गणित



politicsl parties efforts analysis for the assembly By-Election on 4 seats of Punjab
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politicsl parties efforts analysis for the assembly By-Election on 4 seats of Punjab

  • दाखां विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने सीएम के पॉलिटिकल सेक्रेटरी कैप्टन संदीप संधू का नाम लगभग फाइनल
  • फगवाड़ा में सोमप्रकाश और विजय सांपला अपनों को दिलाना चाहते हैं टिकट, तीसरे को मिल सकता है फायदा
  • मुकेरियां से दिवंगत विधायक रजनीश बब्बी की पत्नी को टिकट दे सहानुभूति ले सकती है कांग्रेस

Dainik Bhaskar

Sep 22, 2019, 02:13 PM IST

जालंधर. पंजाब में विधानसभा उपचुनाव की तारीख का ऐलान होते ही राजनैतिक दलों में उठापटक शुरू हो चुकी है। पिछले कुछ बरसों में हर साल किसी न किसी एक सीट पर उपचुनाव होते रहे हैं, वहीं इस बार चार सीटों पर होने हैं। मौजूदा स्थिति में खाली हुई चार सीटों में भाजपा, कांग्रेस, आप और अकाली दल सभी के खाते से एक-एक की कटौती हुई है। अब जहां ये सभी अपनी-अपनी सीट बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे। एक तरफ सत्ता में ढाई पूरे कर चुकी कांग्रेस को सत्ता में होने का फायदा मिल सकता है, वहीं अकाली दल-भाजपा गठबंधन इस उपचुनाव को 2022 के आम चुनाव की पृष्ठभूमि मानकर चलते हुए चारों सीटें जीतने का दावा कर रहा है। उम्मीदवारी पर दावे का भी दौर शुरू हो चुका है।

 

फगवाड़ा में केंद्रीय मंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री की साख दांव पर

फगवाड़ा सीट पर कांग्रेस ने आईएएस अधिकारी बलविंदर कुमार को टिकट देने का मन बनाया है। पिछले चुनाव के वक्त निलंबित, मगर दोबारा आ चुके पूर्व विधायक त्रिलोचन सिंह सूंढ भी टिकट के चाहवान हैं, वहीं पूर्व विधायक जोगिंदर सिंह मान और बलबीर रानी सोढी भी दावेदारी की लाइन में हैं। दूसरी ओर भाजपा में भी यहां से टिकट लेने को घमासान कुछ कम नहीं है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला अपने बेटे को टिकट दिलाने के लिए सरगर्म हैं तो मौजूदा मंत्री सोमप्रकाश अपनी पत्नी के लिए टिकट चाहते हैं। पार्टी परिवारवाद के खिलाफ है, ऐसे में पार्टी के सीनियर नेता दिलबाग राय या फिर किसी और वर्कर के चांस ज्यादा हैं।

 

जलालाबाद सीट पर रायसिख बिरादरी का कैंडीडेट चाहता है शिअद

2017 में जलालाबाद बड़े अंतर से जीतने वाले और अब संसद पहुंच चुके शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल की पार्टी अब उनकी जगह किसी राय सिख बिरादरी के नेता को खड़ा करना चाहती है, क्योंकि यहां इस बिरादरी का बाहुल्य है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर आए जगमीत सिंह बराड़ को भी मौका मिल सकता है। इसके दूसरी ओर कांग्रेस में पूर्व मंत्री हंसराज जोसन और अनीष सिडाना भी टिकट लेने को लेकर मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन रविंदर सिंह आमला ऊर्फ बबला का नाम लगभग फाइनल माना जा रहा है।

 

मुकेरियां में कांग्रेस को मिल सकती है सहानुभूति

होशियारपुर जिले में आती मुकेरियां विधानसभा सीट पर कांग्रेस दिवंगत विधायक रजनीश बब्बी की पत्नी को टिकट दे सकती है। हालांकि पहले कहा जा रहा था कि उनके बेटे को लड़वाया जाएगा, लेकिन बेटे की उम्र कम होने के कारण रजनीश की पत्नी को टिकट दिया जा सकता है। अगर बब्बी की पत्नी को टिकट मिला तो कांग्रेस को इसका पूरा लाभ मिल सकता है। भाजपा की ओर से दो बार के पूर्व विधायक अरुणोश शाकर और जंगी लाल महाजन के बीच टिकट लेने के लिए कड़ा मुकाबला है। वहीं आम आदमी पार्टी ने अभी किसी को हां नहीं की है।

 

दाखां सीट पर कैप्टन के पॉलिटिकल सेक्रेटरी का नाम लगभग तय

लुधियाना जिले की दाखां विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने सीएम के पॉलिटिकल सेक्रेटरी कैप्टन संदीप संधू का नाम लगभग फाइनल कर दिया है। लोकसभा चुनाव में आनंदपुर साहिब से संधू की जगह पार्टी ने मनीष तिवारी पर भरोसा जताया। उनके अलावा पूर्व विधायक जस्सी खंगूड़ा और मलकीत सिंह दाखा सहित सोनी गालिब भी टिकट के लिए लाइन में हैं। शिअद यहां से पूर्व विधायक मनप्रीत सिंह अयाली को टिकट देगा। इस सीट पर सिमरजीत सिंह बैंस भी अपना प्रत्याशी खड़ा करेंगे।

 

सत्तारूढ़ पार्टियां ही जीतती रही हैं उपचुनाव

2012 में दसूहा, 2013 में मोगा, 2014 में तलवंडी साबो और पटियाला, 2015 में धूरी, 2016 में खडूर साहिब और 2018 में शाहकोट के उपचुनाव हुए हैं। अब 2019 में चार उपचुनाव होने जा रहे हैं। 2014 में पटियाला को छोड़कर शेष सभी उपचुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी ही जीतती रही है। ऐसे में इस बार इन चारों सीटों के कांग्रेस के खाते में जाने के पूरे आसार माने जा रहे हैं।

 

 

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