पास करवाने वाले अलग, निर्माण वाले अलग नक्शे बनवा रहे प्राॅपर्टी मालिक

Jalandhar News - सिटी में बनी अवैध इमारतों पर जनहित याचिका की सुनवाई 11 नवंबर काे हाेनी थी पर इस दिन छुट्टी अा गई है। अगली सुनवाई में...

Nov 10, 2019, 08:06 AM IST
सिटी में बनी अवैध इमारतों पर जनहित याचिका की सुनवाई 11 नवंबर काे हाेनी थी पर इस दिन छुट्टी अा गई है। अगली सुनवाई में निगम को अवैध इमारतों‌ पर कार्रवाई की रिपाेर्ट देनी हाेगी। आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरजीत सिंह ने हाईकाेर्ट में जनहित याचिका लगाई हुई है। 270 लोकेशन की लिस्ट हाईकोर्ट काे दी गई है।

अवैध निर्माण पर अभी तक काेई ठाेस कार्रवाई नहीं हुई है। इसीबीच निगम के जानकारों ने बताया कि अवैध इमारतें बनाने वाले किस तरह कानूनी कार्रवाई से बच जाते हैं। अवैध इमारत का पता चलने पर मालिक को हलफिया बयान देने को कहा जाता है। मालिक लिखकर देता है कि इमारत सील न की जाए, वह तमाम कमियां दूर करेगा। स्टाफ एफिडेविट लेकर फारिग हो जाता है अाैर मालिक ने खामियां दूर कीं या नहीं, बायलाज का पालन किया या नहीं, काेई ध्यान नहीं देता। दूसरा तरीका ये है कि पेनल्टी देकर इमारत रेगुलर की जाती है। मालिक पर ये शर्त लगी होती है कि उसने जो ओपन एरिया आदी खत्म किए हैं, उन्हें दोबारा बरकरार करेंगे। बिल्डिंग को समझौता फीस लेकर रेगुलर करने का सर्टिफिकेट थमा दिया जाता है। इसके बाद लोग फिर से नियम तोड़ते हैं पर कार्रवाई नहीं होती। सिटी में बनी अवैध इमारतों के मालिकों ने 2-2 नक्शे बनवाए थे। पहला नक्शा पूरी तरह से नियमों के अनुसार ताकि इसके आधार पर निगम से तमाम मंजूरियां ले सकें। इनमें फायर सेफ्टी, बिजली, बैंक लोन, निगम की एनओसी, नो ड्यू सर्टिफिकेट आदी शामिल होते हैं। दूसरा नक्शा वो जो नियम तोड़कर इमारत में फेरबदल करने होते हैं।







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