मौसम / पंजाब-हरियाणा से लौटने लगा मानसून, अब रुकेगी लगातार हो रही बारिश



Punjab Rains, Haryana Rain News: Rajasthan Monsoon Forecast Update; Rajasthan Rain Latest News
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Punjab Rains, Haryana Rain News: Rajasthan Monsoon Forecast Update; Rajasthan Rain Latest News

  • आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी इलाकों में कमजोर पड़ेगा मानसून
  • पंजाब में सभी जिलों के डीसी, एडीसी और एसडीएम की छुट्टियां रद्द
  • हरियाणा के कई इलाकों में घुसा पानी, पानीपत में हाईवे तक पहुंचा 
     

Dainik Bhaskar

Aug 20, 2019, 05:16 PM IST

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा में बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते हालात काफी ज्यादा खराब हो गए हैं, नदी-नाले उफान पर होने और गांवों में पानी घुस जाने की वजह से दोनों राज्यों के कई इलाकों में अब भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जिसके बाद दोनों राज्य सरकारें फंसे हुए लोगों को बचाने का काम युद्धस्तर पर कर रही है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दोनों ही राज्यों में बारिश नहीं होने की संभावना जताई है। स्कायमेट वेदर वेबसाइट के अनुसार, मानसून एकबार फिर राजस्थान की ओर रुख कर रहा है, जिसके चलते पंजाब और हरियाणा के सभी इलाकों में मानसून कमजोर पड़ जाएगा और बारिश होने की संभावना काफी कम होगी। इन जगहों पर आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा, और अधिकतर शहरों में दिन का तापमान 33 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और उमस भी काफी ज्यादा बनी रहेगी। 

 

पंजाब में छुट्टियां रद्द, राहत और बचाव कार्य में लगी सेना

 

पंजाब में भारी बारिश के बाद बिगड़े हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी जिलों के डीसी, एडीसी और एसडीएम की छुट्टियां तुरंत प्रभाव से रद्द कर दीं और 100 करोड़ जारी करने के आदेश दिए हैं। राज्य में रोपर हेडवर्क से छोड़े गए करीब 2.4 लाख क्यूसेक पानी की वजह से शाहकोट, नाकोडर और फिल्लौर में बाढ़ का खतरा पैदा बन गया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमों को बुलाते हुए खतरे वाली जगहों से लोगों को हटाया है। वहीं नबीं माखु और जिरा इलाके से लोगों को बचाने के लिए सेना के 200 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। भाखड़ा से सोमवार को 1.44 लाख क्यूसिक पानी और छोड़े जाने के बाद सूबे में धुस्सी बांध कई जगह से टूट गए। इससे जालंधर और रोपड़ के करीब 130 गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। खन्ना, नवांशहर, जगराओं और तरनतारन के 138 गांवों की हालत नाजुक है। रोपड़ जिले के करीब 600 परिवारों के 3000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

 

यमुना बह रही थी खतरे के निशान के ऊपर 

 

हरियाणा में भी बारिश की वजह से हालात काफी खराब चल रहे हैं। हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना से लगे हरियाणा के 85 गांवों में जहां बाढ़ का खतरा पैदा हो गया, वहीं करीब 64 गांवों में भी पानी घुस गया। पानी बढ़ने से 25 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए और 36 हजार एकड़ से अधिक फसल बर्बाद हो गई। जिसके बाद प्रशासन मोटरबोट और हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है। उधर बाढ़ के खतरे को देख यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत और सोनीपत जिले के निचले इलाकों को भी खाली करा लिया गया है। हालांकि मंगलवार को हथनीकुंड बैराज में पानी का स्तर कम होने के बाद यमुना के जलस्तर में भी कमी देखी गई। यमुना जबकि सोमवार को वो खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर 205.36 मीटर पर पहुंच गई थी। हरियाणा के करनाल, यमुनानगर, अंबाला और पंचकुला सहित आसपास के शहरों में आने वाले दिनों में बारिश की संभावना कम है।
 

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