बेटे को डीएसपी बनाने का झांसा दे लिए Rs.50 लाख, फिर आईपीएस के 3 करोड़

Jalandhar News - कपूर का अाराेप है कि ढाई कराेड़ रुपए उसने शेरा काे दिए थे। शुरुअाती जांच में यह बात सामने आ रही है कि शेरा बस...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:51 AM IST
Jalandhar News - rs50 lakhs to lure son into dsp then 3 crores of ips
कपूर का अाराेप है कि ढाई कराेड़ रुपए उसने शेरा काे दिए थे। शुरुअाती जांच में यह बात सामने आ रही है कि शेरा बस कंडक्टर है। शेरा का कहना है कि उसका काम चंडीगढ़ में पैकेट डिलीवर करना भर था। वहां पुनीत या उनका काेई अादमी ले जाता था। उसे नहीं पता हाेता था कि पैकेट में क्या है? शेरा ने कहा कि हर पैकेट के बदले उसे 200-300 रुपए मिलते थे। वह कोरियर का काम कर रहा था। उसे नहीं पता था कि किसी से काेई ठगी की जा रही है।

ठगी का नेटवर्क देखिये... यूपीएससी का फर्जी जॉइनिंग लेटर और बैज भी दिया

सत नगर के चंदन और किशनपुरा के पुनीत समेत कंप्लेंट में 9 लोगों के नाम

भास्कर न्यूज | जालंधर

तहसील में करीब 30 साल से डीड राइटर का काम कर रहे जोगिंदर पाल कपूर ने बिजनेसमैन चंदन चोपड़ा और उसके दोस्त पुनीत पर साढ़े तीन करोड़ रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि उनके बेटे विंशु कपूर को पंजाब पुलिस में डीएसपी भर्ती करवाने के लिए चंदन चोपड़ा और पुनीत ने 50 लाख में सौदा तय किया था। चार साल तक डीएसपी नहीं लगवाया। बाद में आईपीएस बनाने का झांसा देकर 3 करोड़ रुपए अाैर ठग लिए। इस तरह डीड राइटर से कुल 3.50 कराेड़ रुपए की ठगी हुई।

फरवरी 2019 में कपूर काे क्लियर हाे गया कि बेटे काे नाैकरी दिलाने का झांसा देकर उनके साथ ठगी हो गई है। कपूर के तार सीनियर भाजपा नेताओं से जुड़े हैं। दाेनाें से गुहार लगाने के बावजूद पैसे की वापसी न हाेने पर कपूर ने 9 सितंबर काे पुलिस काे कंप्लेंट की। थाना स्तर पर जांच के दाैरान कपूर ने 27 सितंबर को हाईकोर्ट में पिटीशन दायर कर कहा कि केस जल्द दर्ज किया जाए। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जांच के आदेश देते हुए एडीसीपी गुरमीत सिंह किंगरा को जांच सौंपी। पुलिस सत नगर के 24 साल के बिजनेसमैन के बेटे चंदन चोपड़ा को जांच के दायरे में लाई है। पुनीत को सोमवार को तलब किया गया है।

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2015 में शुरू हुअा ठगी का खेल, एडवांस दिए 18 लाख

कपूर के पास 3.5 करोड़ रुपए का पूरा हिसाब अाैर ठगी के सबूत हैं। केस में चंदन व पुनीत के साथ-साथ बस कंडक्टर शेरा, उप्पल प्रॉपर्टी डीलर, सपना, गौतम, विपिन, अजीत, जगदीश और तरुण छाबड़ा के नाम हैं। कंडक्टर शेरा को छोड़कर बाकी अन्य की भूमिका का कोई जिक्र नहीं किया है। नीलामहल से सटे कृष्णा कॉलोनी के रहने वाले जोगिंदर पाल कपूर ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह 30 साल से डीड राइटिंग कर रहे हैं। उनका दफ्तर पुडा कांप्लेक्स में है। कपूर के घर के बगल के मोहल्ला सत नगर में रहने वाले बिजनेसमैन अरुण चोपड़ा का बेटा चंदन चोपड़ा अगस्त 2015 को उनके घर आया। यहां पर उसने बताया कि उसके दोस्त पुनीत के पंजाब और दिल्ली के सीनियर पुलिस अफसराें से अच्छे संबंध हैं। इनके जरिये पुलिस में कई डीएसपी डायरेक्ट भर्ती करवाए हैं।

चंदन ने घर आकर लिए थे विंशु कपूर के सर्टिफिकेट

कपूर के अनुसार चोपड़ा ने ऑफर दिया था कि 50 लाख खर्च करने पर वह उनके बेटे काे डायरेक्ट डीएसपी भर्ती करवा सकता है। 3 दिन बाद चोपड़ा उनके घर आकर बोला कि बात हो गई है। पुनीत जल्द उनके बेटे को डीएसपी लगवा देगा। सितंबर 2015 को चंदन ने घर अाकर बेटे के सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी और एडवांस 18 लाख रुपए ले गया। कपूर का आरोप है कि चंदन और पुनीत अक्टूबर 2015 को बाकी के 32 लाख ये कहकर ले गए कि जल्द ही अपॉइंटमेंट लेटर मिल जाएगा।

अफसर व स्टाफ की ट्रांसफर का झांसा देकर डेढ़ करोड़ मांगे

कपूर फैमिली अपनी रिश्तेदारी से लेकर फ्रेंड सर्किल तक को बता चुकी थी कि उनका बेटा जल्द डीएसपी बन जाएगा। चर्चा यह भी है कि बेटे के डीएसपी बनने की खुशी में जोगिंदरपाल कपूर ने अपने दफ्तर में लड्‌डू तक बंटवा दिए थे। आरोपियों ने कुछ दिन बाद कपूर से कहा कि अपॉइंटमेंट लेटर देने वाले सीनियर पुलिस अफसर और स्टाफ बदल गया है। अब डेढ़ लाख और देने होंगे ताकि पूरी सेटिंग कर सके। कपूर के अनुसार 2018 में उनके घर इनोवा गाड़ी में एक शख्स आया जिसे 80 लाख रुपए दिए थे। बाकी के पैसे बैंक के जरिए दिए थे।

अपॉइंटमेंट लेटर की हाेगी जांच... यूपीएससी के चेयरमैन अरविंदर सक्सेना और मेंबर भीम सेन बस्सी के साइन वाले अपॉइंटमेंट लेटर की जांच हाेगी। लेटर में लिखा गया था कि विंशु कपूर बतौर डीसीपी जाॅइन करेंगे। लेटर फरवरी 2019 को जारी हुआ था। पुलिस जल्द यूपीएससी को लेटर को जांच के लिए भेजेगी। बता दें कि चेयरमैन सक्सेना यूपीएससी आने से पहले उड्डयन शोध केंद्र में निदेशक थे और मेंबर बस्सी दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर हैं। 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। लेटर की जांच के बाद अहम खुलासे हो सकते हैं।

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आरोपी बोले- आपको दिया है Rs.50 लाख का डिस्काउंट

कपूर ने शिकायत में कहा कि 2 कराेड़ रुपए देने के बाद भी बेटा डीएसपी नहीं लगा ताे चंदन और पुनीत ने कहा कि वैसे ताे डीएसपी का रेट 4 कराेड़ है पर हम 3.5 कराेड़ ही मांग रहे हैं। 2 कराेड़ देकर फंसे कपूर डेढ़ कराेड़ देने काे भी राजी हाे गए। 1 दिसंबर 2018 को उक्त लाेगाें ने अाकर यूपीएससी का अपॉइंटमेंट लेटर देकर कहा कि बधाई हाे, अापका बेटा आईपीएस बन गया है। अाईपीएस के बैज तक दे दिए। लेटर देख कपूर ने पेंडिंग पेमेंट भी दे दी अाैर बेटे काे लेकर दिल्ली में यूपीएससी भवन पहुंच गए। 5 दिन बाद पता चला ठगी हुई है।

सभी आरोपियों काे एक साथ बुलाकर की जाएगी पूछताछ

जांच के लिए शनिवार काे तलब किए गए चंदन चाेपड़ा ने कहा कि उनका इस मामले से काेई लेना-देना नहीं है। 2013 में कपूरथला में प्लस-2 के एग्जाम के दाैरान पुनीत से मुलाकात हुई थी। विंशु उनके माेहल्ले के पास ही रहता है, इसलिए केवल मुलाकात करवाई थी। कपूर अंकल ने कब और किसको पैसे दिए, उसे कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अब केस से जुड़े सभी लाेगाें काे एक साथ बुलाकर पूछताछ करेगी।

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