पंजाब / मुख्यमंत्री अमरिंदर को कभी 'कैप्टन' माना ही नहीं सिद्धू ने, राहुल गांधी को बताया था अपना कैप्टन



several major statements in Captain Amrinder Singh and Navjot Sidhu Controversy
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several major statements in Captain Amrinder Singh and Navjot Sidhu Controversy

  • एक प्रेस कांफ्रेस में सिद्धू ने कहा था, 'कौन कैप्टन? मेरे कैप्टन तो राहुल गांधी हैं'
  • इसी बयान के बाद से सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच शुरू हुई थी अनबन
  • अमरिंदर ने कहा था- महत्वाकांक्षी हैं सिद्धू, मुझे हटाकर खुद सीएम बनना चाहते हैं

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 05:13 PM IST

जालंधर. पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की टीम (कैबिनेट) के सदस्य रहे नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें कभी अपना कैप्टन माना ही नहीं। एक प्रेस कांफ्रेस ने खुद सिद्धू ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था, 'कौन कैप्टन? मेरे कैप्टन तो राहुल गांधी हैं।' यही नहीं, पाकिस्तान में इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह, करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में जाने सहित कई अन्य मामलों में भी दोनों के बीच मतभेद खुलेआम सामने आए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पिछले माह अमरिंदर ने सिद्धू का मंत्रालय बदल दिया। मामला राहुल गांधी तक पहुंचा। फिर भी दोनों के बीच सुलह नहीं हो पाई। इसके बाद आज (रविवार) को सिद्धू ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

 

सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर नाराज थे अमरिंदर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ समारोह के लिए पाक सरकार ने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू समेत देश के कई नेताओं को आमंत्रित किया था। इसमें न सुषमा गईं और न ही कैप्टन। लेकिन, सिद्धू एक दिन पहले ही पाकिस्तान पहुंच गए। वहां वह पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा के गले मिले थे। इसे लेकर खूब विवाद हुआ था।

 

कहा था, 'मेरे कैप्टन राहुल हैं...'

इसके बाद करतारपुर गलियारे की नींव रखी जानी थी तो 26 नवंबर को भारत की तरफ आयोजित कार्यक्रम में सिद्धू नदारद रहे, लेकिन 28 नवंबर को पाकिस्तान में आयोजित शिलान्यास समारोह में वह शामिल हुए। तब कैप्टन अमरिंदर ने कहा था कि सिद्धू हाईकमान की परमिशन के बिना वहां गए हैं। वापसी के बाद सिद्धू से कैप्टन की नाराजगी पर मीडिया ने बात की तो सिद्धू ने बड़े व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था, 'कौन कैप्टन? ओह कैप्टन? ओह आर्मी दे कैप्टन, मेरे कैप्टन तो राहुल गांधी हैं।'

 

आतंकी हमले पर बोले- आतंकियों का कोई देश और मजहब नहीं

फरवरी 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतकी हमले को लेकर भी कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बयान एक-दूसरे अलग थे। एक तरफ कैप्टन अमरिंदर ने 41 के बदले 82 मारने की बात कहते हुए पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। वहीं इस मसले पर सिद्धू का बयान था, 'आतंकियों का कोई देश और मजहब नहीं होता। कुछ लोगों की करतूत के लिए किसी राष्‍ट्र को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।'

 

तीतर की खाल का गिफ्ट नहीं लिया था अमरिंदर ने

पाकिस्तान दौरे के बाद सिद्धू ने विवाद सुलझाने के लिए पाकिस्तान से मुख्यमंत्री के लिए गिफ्ट आए थे। यह गिफ्ट तीतर की खाल से बना हुआ था। ऐसे में वन विभाग के नियमों का हवाला देते हुए अमरिंदर ने इस गिफ्ट को लेने से इनकार कर दिया था।  

 

पत्नी का टिकट कटने के बाद  बढ़ी नाराजगी

अमरिंदर और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच की खींचतान का एक कारण सिद्धू की पत्नी का टिकट कटना भी माना जा रहा है। सिद्धू की पत्नी ने आरोप लगाया था कि अमरिंदर के कहने पर उनका टिकट काटा गया है। इस पर सिद्धू ने कहा था कि उनकी पत्नी झूठ नहीं बोलतीं।

 

बेअदबी मामले पर टिप्पणी, कैप्टन ने बताया सिद्धू को महत्वाकांक्षी

17 मई को सिद्धू ने राज्य में कांग्रेस सरकार को धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मुद्दे पर घेरते हुए सवाल किया था कि 2015 की बेअदबी और गोलीबारी की घटनाओं के संबंध में बादल के खिलाफ कोई प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई? क्या कोई फ्रेंडली मैच चल रहा है। इसके बाद अमरिंदर ने कहा था, 'सिद्धू महत्वाकांक्षी हैं। वह मुझे साइड करके खुद सीएम बनना चाहते हैं।'

 

विभाग बदलने का विवाद

कैप्टन ने कहा था कि वह (नवजोत सिंह सिद्धू) स्थानीय निकाय विभाग को कुशलतापूर्वक नहीं संभाल पा रहे हैं। इसके बाद एक कैबिनेट बैठक में शामिल न होने पर अमरिंदर ने 6 जून को उनका विभाग बदल दिया था। हालांकि, सिद्धू भी अड़े रहे और उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला।

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