संगरूर में टीचर्स का प्रदर्शन / शिक्षा मंत्री की कोठी का घेराव करने पहुंचे टीचर्स की पुलिस से झड़प, जमीन पर गिरीं महिलाएं, पगड़ियां उतरीं



प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को रोकती पुलिस प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को रोकती पुलिस
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प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को रोकती पुलिसप्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को रोकती पुलिस

  • शिक्षा मंत्री से बैठक में निर्धारित डेट न मिलने पर फिर से रोड जाम किया
  • चेतावनी- सोमवार 11 बजे तक बैठक की तारीख बनाएं, नहीं तो फिर घेराव होगा

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2019, 06:24 AM IST

संगरूर. रोजगार की मांग को लेकर 8 दिन से धरने पर बैठे बीएड अध्यापक यूनियन ने रविवार को शिक्षा मंत्री विजय इन्दर सिंगला के निवास के घेराव करना चाहा तो बेरोजगार अध्यापकों से पुलिस की जमकर धक्का-मुक्की हुई। बेरोजगार अध्यापकों को पुलिस ने डंडे के दम पर पीछे धकेल दिया। धक्का-मुक्की में कई यूनियन सदस्य जमीन पर गिर गए अाैर एक अध्यापक कुलवंत लौंगोवाल की पगड़ी भी गिर गई। गुस्साए अध्यापकों ने सिंगला निवास के नजदीक धूरी पटियाला बाइपास पर धरना दे यातायात ठप कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने यूनियन के वफद की शिक्षा मंत्री से रेस्ट हाउस में बैठक कराई लेकिन बैठक में 25 सितंबर के बाद पैनल बैठक का समय दिया गया। इसके बाद फिर से अध्यापकों ने शाम 5 बजे लाल बत्ती चौक में धरना लगाकर यातायात ठप कर दिया और चेतावनी दी गई कि सोमवार सुबह 11 बजे तक लिखित में तारीख व समय न दिया गया तो अगले रविवार को फिर से शिक्षा मंत्री की कोठी का घेराव करेंगे। तय प्रोग्राम के अनुसार रविवार सुबह ही यूनियन सदस्य पंजाब भर से जुटने शुरू हो गए थे। 

 

प्रदर्शनकारियों से निपटने को 4 लेयर में सुरक्षा

दोपहर करीब 1 बजे सैकडों की संख्या में जुटे बेरोजगार अध्यापकों ने सिंगला निवास की ओर रुख किया। पुलिस ने पहले ही सिंगला निवास जाने के रास्ते को बैरीकेड लगा बंद कर रखा था। बैरीकेड के समक्ष बकायदा रस्सी बांध चार लेयर में पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। शनिवार को ईजीएस के प्रदर्शन से डरी पुलिस ने पहले ही पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। प्रदर्शन के नजदीक फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात की गई थी। सिंगला निवास के नजदीक पहुंचे ही अध्यापकों ने निवास की ओर बढ़ना चाहा तो दस मिनट चली धक्का मुक्की में पुलिस ने उन्हें पीछे धकेल दिया। 
 

30 हजार पद खाली, बेराेजगाराें काे नहीं दी जा रही नाैकरियां

राज्य प्रधान सुखविंदर सिंह ढिल्लवां, महासचिव गुरजीत कौर खेडी व प्रेस सचिव रणदीप संगतपुरा ने कहा कि घर-घर नौकरी का वायदा कर सत्ता हासिल करने वाली कैप्टन सरकार नौजवान पीढ़ी को संघर्ष के रास्ते चलने को मजबूर हो रही है। बेरोजगारी के कारण गांव चक्क भाईका का उच्च शिक्षा प्राप्त जगसीर सिंह खुदकुशी कर गया। एक तरफ शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में इस वर्ष करीब 52 हजार रुपए छात्र नए दाखिल करके छात्रों की संख्या में इजाफा होने का दावा कर रहा है। दूसरी तरफ अध्यापकों की भर्ती नहीं की जा रही। जबकि शिक्षा विभाग में करीब 30 हजार पद खाली हैं। 
 

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