परिजन बोले- डोमिसाइल के खिलाफ अगर फैसला आया तो कोर्ट जाएंगे

Jalandhar News - जालंधर | पंजाब में साल 2019 की एमबीबीएस मेरिट लिस्ट को लेकर स्टूडेंट्स और उनके परिजनों में असमंजस की स्थित है। कारण आल...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:55 AM IST
Jalandhar News - the family said if the decision came against domisile the court would go to court
जालंधर | पंजाब में साल 2019 की एमबीबीएस मेरिट लिस्ट को लेकर स्टूडेंट्स और उनके परिजनों में असमंजस की स्थित है। कारण आल इंडिया कोटे के तहत स्टेट कोटे में बाहरी राज्यों के स्टूडेंट्स का एमबीबीएस के सीटों के लिए आवेदन होने हैं। इसके विरोध में पिछले हफ्ते स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के वाइस चांसलर से मिले थे। पहले मेरिट सूची 8 जुलाई को रिलीज होनी थी, जिसे 11 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है लेकिन इतने दिन बीत जाने के बावजूद मेरिट सूची जारी नहीं की गई। जिले के 100 से अधिक स्टूडेंट्स ने साल 2019 के लिए एमबीबीएस में अप्लाई किया है। अब एमबीबीएस सीटों के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा फैसला रिजर्व रखा गया है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी द्वारा प्रतिभागी कॉलेजों की मेडिकल और डेंटल की यूजी सीटों में एडमिशन के लिए ‘पंजाब एमबीबीएस 2019’ का आयोजन किया है। इसमें सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त किए कॉलेजों में 85 फीसदी कोटे की सीटें और प्राइवेट कॉलेजों की सभी सीटें शामिल होती हैं। पंजाब एमबीबीएस 2019 एप्लीकेशन फार्म 19 जून से ऑनलाइन शुरू हुआ था, जिसकी आखिरी तारीख 25 जून थी। पंजाब एमबीबीएस 2019 मेरिट सूची में आने वाले प्रतिभागी ही काउंसलिंग के लिए अप्रूव होगा। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि दो-तीन दिन में स्टूडेंट्स की मेरिट सूची रिलीज कर दी जाएगी।

स्टूडेंट्स मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाते तो 1 साल करना होगा इंतजार

डोमिसाइल सर्टिफिकेट के बिना रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकती

नीट का एग्जाम क्लियर करने वाले जिन स्टूडेंट्स का 530 से 590 के बीच में रैंक आया है, उनके लिए सबसे ज्यादा दिक्कत है। पैरेंट्स ने बताया कि रजिस्ट्रेशन से पहले डोमिसाइल सर्टिफिकेट दिया है और सिर्फ पंजाब में ही अप्लाई किया है। अगर 530 रैंक से नीचे वाले स्टूडेंट्स मेरिट लिस्ट में आते हैं तो उन्हें पंजाब के किसी सरकारी कॉलेज में जगह मिल सकती है। एमबीबीएस में दाखिले के इच्छुक स्टूडेंट्स की 11वीं और 12वीं का पंजाब से पास होना चाहिए। साल 2014 में पंजाब सरकार ने इसमें 10वीं कक्षा भी पंजाब से पास की होनी लाजमी कर दिया गया। जिसे कुछ विद्यार्थी ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 2016 में हाईकोर्ट के फैसले पर प्रदेश सरकार ने प्रावधान किया था कि सेशन 2019-20 से एमबीबीएस मे दाखिला लेने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट के साथ विद्यार्थी की 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा भी पंजाब से ही पास की होनी चाहिए।

250 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने काउंसलिंग के लिए किया अप्लाई... नीट के एग्जाम में 530 से अधिक रैंक प्राप्त करने वाली स्टूडेंट के पिता नवदीप ने बताया कि पंजाब के सभी स्टूडेंट्स ने डोमिसाइल सर्टिफिकेट के अधीन ही राज्य के मेडिकल कॉलेजों की सीट्स के िलए अप्लाई किया है। मगर यूनिवर्सिटी की तरफ से बाहरी राज्यों के भी 250 से अधिक स्टूडेंट्स की काउंसलिंग के लिए अप्लाई किया है। जब उन्होंने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वीसी से इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा था कि काउंसलिंग से पहले कोई भी रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। सूची जारी करने से पहले हर स्टूडेंट के डाक्यूमेंट्स को इंस्टीट्यूट से चेक करवाया जा रहा है।

हाईकोर्ट के फैसले को अप्लाई किया जाए... जसबीर सिंह का कहना है कि उनका बेटा पिछले कई साल से एग्जाम के लेकर मेहनत कर रहा था। जब उसे पता लगा है पंजाब की मेडिकल सीटों के लिए बाहरी राज्यों के स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया है तो वे काउंसलिंग को लेकर काफी चिंतित है। जसबीर सिंह का कहना है हाईकोर्ट की तरफ से साल 2016 में एमबीबीएस सीटों के डोमिसाइल सर्टिफिकेट के फैसले को बोर्ड के अधिकारी अप्लाई नहीं कर रहे हैं। पंजाब सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और स्टेट के स्टूडेंट्स को काउंसलिंग के पहल देनी चाहिए।

मेरिट सूची जारी न किए जाने को लेकर पैरेंट्स भड़के तो अधिकारी बोले दो-तीन दिन में जारी करेंगे लिस्ट

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