पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

ढाई साल पहले श्रेया को पुरुष के हाथ लगाए; अब त्वचा का रंग बदला

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नए हाथाें से दी परीक्षा, डाॅक्टर बाेले- गहन स्टडी की जरूरत


श्रेया कहती हैं, ‘ट्रांसप्लांट के समय शरीर व हाथों का रंग अलग था, लेकिन इतना संतोष था, मेरे हाथ हैं।’ डॉ. सुब्रमण्यम अय्यर कहते हैं कि श्रेया के केस में हम कलर कोडिंग की जांच कर रहे हैं। केस समझने को गहन स्टडी की जरूरत है। बदलाव चौंकाने वाले हैं। श्रेया फिलहाल इकोनॉमिक्स से बीए कर रही हैं। पिछली परीक्षा नए हाथों से दी है।

पुणे | दुर्घटना में दाेनाें हाथ खाे चुकी पुणे की श्रेया सिद्दनागौड़ा काे डाॅक्टराें ने पुरुष के हाथ ट्रांसप्लांट करने की बात कही ताे एक पल काे वह चाैंकीं, लेकिन काेई िवकल्प नहीं था, इसलिए उन्हाेंने सहमति जता दी। श्रेया बताती हैं, ‘नए हाथ बड़े, सांवले अाैर भारी थे। कलाइयां चाैड़ी थीं, अंगुलियां पुरुषों की तरह थीं। बाल भी काफी थे।’ अब ढाई साल बाद श्रेया के शरीर ने इन हाथाें काे अपना लिया है। हाथाें का रंग श्रेया के शरीर से मेल खाता है। इन पर बाल नहीं हैं। ये अधिक कोमल हैं। श्रेया की मां सुमा बताती हैं, ‘काेई भांप नहीं सकता कि ये पुरुष के हाथ हैं। श्रेया अब चूड़ियां पहनने लगी है।{शेष | पेज 5 पर
खबरें और भी हैं...