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केंद्र सरकार द्वारा बजट पेश करने को लेकर हर समुदाय में आस

मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2018 के आम बजट की घोषणा आज की जा रही है। केंद्र द्वारा अपने कार्यकाल का अंतिम आम बजट पेश करने को...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:35 AM IST
मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2018 के आम बजट की घोषणा आज की जा रही है। केंद्र द्वारा अपने कार्यकाल का अंतिम आम बजट पेश करने को लेकर जनता को केंद्र सरकार से बहुत सारी उम्मीदें हैं। जिसमें अमूमन हर समुदाय के लोग इनकम टैक्स की स्लैब में और राहत मिलने की आस लगाए बैठे हैं तथा गृहिणियां इस बजट में घरेलू सामान को सस्ता होने की मांग कर रहीं हैं। बजट संबंधी अलग-अलग श्रेणियों के लोगों से बातचीत की गई है।

आयकर की छूट को 5 लाख तक किया जाए : अग्रवाल

केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए जाने वाले बजट संबंधी उद्योगपति पवन अग्रवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा बजट में सबसे पहले आयकर की छूट को 5 लाख तक किया जाए। सैलरी पाने वाले लोगों को टैक्स में स्टेंडर्ड डिडक्शन जोकि मोदी सरकार ने बंद की थी उसे दोबारा बहाल किया जाए।

खाने-पीने की चीजें जीएसटी के दायरे से बाहर हों : मंजू

मोदी सरकार द्वारा आज पेश किए जाने वाले बजस को लेकर ग्रहिणी मंजू अग्रवाल ने बताया कि घरेलू सामान की वस्तुएं सस्ती की जाए तथा खाने पीने वाली चीजों को जीएसटी के दायरे से बाहर लाया जाए। ताकि हर घर का बजट बिगड़ने की बजाए सही बना रहे और आम जनता को िकसी भी तरह की मुश्किल का सामना न करना पड़े।

पेट्रोल और डीजल के दामों को जीएसटी में आए सरकार : नंदा

एडवोकेट रजत नंदा ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल के दामों को जीएसटी में लाए ताकि हर दोनों के दाम कम हो सके। अगर केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल को जीएसटी लगाती है तो हर स्टेट में दोनों के दाम एक सामान हो जाएंगे। ऐसा करने से लोगों को काफी राहत िमलेगी जो कि केंद्र का यह कदम सराहनीय होगा।

आयकर टैक्स में पांच लाख रुपए तक रिबेट दी जाए : तुली

टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव प्रदीप कुमार तुली ने बताया कि आयकर टैक्स में पांच लाख रुपए तक रिबेट दी जाए। होम लोन में भी ज्यादा रिबेट देनी चाहिए। क्योंकि नोटबंदी के कारण प्रापर्टी कारोबार में काफी मंदी छाई हुई है। उन्होंने कहा कि 80(सी) सेक्शन के तहत जो डेढ़ लाख की रिबेट मिल रही है उसमें भी बढ़ौतरी की जाए।

सरकार का बजट जनहितैषी होना चाहिए : रिक्की सेठी

केंद्र द्वारा आज पेश होने वाले बजट को लेकर ट्रांसपोर्टर व्यवसाय से जुड़े रिक्की सेठी का कहना है कि बजट जनहितैषी होना चाहिए जो निम्न से लेकर उच्च वर्ग तक सभी के लिए उपयुक्त होना चाहिए। व्यवसायियों को ज्यादा टैक्स के बोझ तले दबाने वाला ना हो। मंहगाई की दर कम करने वाला हो।

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