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सुल्तानपुर लोधी, नडाला और भुलत्थ में भी पुलिस तैनात

सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद पूरे देश के खिलाफ आए एससी-एसटी संगठनों की ओर से भारत बंद की...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:35 AM IST
सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद पूरे देश के खिलाफ आए एससी-एसटी संगठनों की ओर से भारत बंद की कॉल को लेकर जिला पुलिस प्रशासन और सिविल प्रशासन ने जनता की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधों के दावे कर रहे हैं लेकिन शहर के सवा लाख लोगों की सुरक्षा के लिए उनके पास मात्र 300 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। जिला पुलिस ने 31 मार्च को फ्लैग मार्च निकालने के बाद रविवार की शाम को भी एक बार फिर से फ्लैग मार्च निकाला। एसएसपी संदीप शर्मा की ओर से जिले में करीब 1200 पुलिस कर्मियों के तैनात किए जाने का दावा किया जा रहा हैं, इसमें 500 सुरक्षा कर्मी बाहर से मंगवाए गए हैं। इनमें से 250 पीएपी और 250 आईएसपीसी कर्मी शामिल हैं। 1200 पुलिस मुलाजिमों में 100 महिला पुलिस कर्मी भी तैनात की गईं हैं। यह जानकारी एसपी हैड क्वार्टर तजिंदर सिंह ने दी है।

केंद्र और प्रदेश की सरकार ने जनता की सुरक्षा के लिए जिला और पुलिस प्रशासनों को पुख्ता प्रबंध करने के अादेश जारी किए हैं तथा अनहोनी घटना से बचने के लिए प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज, बैंक और अन्य सरकारी व गैर सरकारी संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है।

राम रहीम के मुद्दे के बाद प्रदेश में दूसरी बार इंटरनेट सेवाएं बंद

500 सुरक्षा कर्मी बाहर से मंगवाए गए

जिलेभर में धारा 144 लागू

कॉल को लेकर बाजारों में निकाला फ्लैग मार्च। (दाएं) थाना सिटी में टीयर गैस की बंदूकों को गिनते हुए पुलिस कर्मी।

तीन थानों के प्रभारियों के साथ निकाला फ्लैग मार्च

डीएसपी सब-डिविजन गुरमीत सिंह के नेतृत्व में शहर के बाजारों में तीनों थानों के प्रभारियों और महिला पुलिस कर्मियों के साथ फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च शहीद भगत सिंह चौक से शुरू होकर सदर बाजार, मच्छी चौक, सर्राफा बाजार से होता हुआ सुभाष बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, सत्यनारायण बाजार, बस अड्डा, डीसी चौक से होकर माल रोड से गुजरते हुए शहीद भगत सिंह चौक पर विश्रामित हुआ। फ्लैग मार्च से पहले पुरानी कचहरी परिसर में सभी पुलिस कर्मियों को एकत्रित कर डीएसपी सब-डिविजन गुरमीत सिंह ने निर्देश भी दिए। रविवार से पहले भी 31 मार्च की शाम को भी पुलिस ने 300 कर्मियों समेत शहर के बाजारों से होते हुए लाहौरी गेट, शहरियां मोहल्ला, मेहताब गढ़, कोटू चौक आदि क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला था।

टीयर गैस के साथ पानी की बौछारों का भी प्रबंध

दो अप्रैल बंद को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधों में हर तरह की घटना से निपटने के लिए तैयारी की हुई है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शहर की अमन शांति को कायम रखने के लिए शरारती तत्वों से निपटने के लिए टीयर गैस के साथ-साथ पानी की बौछारों का भी प्रबंध किया गया है। वहीं, सिविल सर्जन डा. हरप्रीत सिंह काहलों ने बताया कि बंद की कॉल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहेंगी। वहीं, बंद का आह्वान करने वाले दलित समुदायों के अलग-अलग नेताओं से भी बैठक कर उन्हें शांतिपूर्वक ढंग से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए कहा है। सभी संगठनों के नेताओं ने शांति बनाए रखने का भरोसा दिया है।

सोमवार रात तक मोबाइल पर इंटरनेट सेवाएं बंद

उधर, दलित समुदाय के लोग शांतिपूर्ण बंद रखने के दावे कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया पर अंकुश लगाने की कोशिश में मोबाइल के जरिए इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का फैसला लिया है। प्रदेश में इससे पहले राम रहीम के मुद्दे पर 25 अगस्त 2017 को और अब दूसरी बार दलित समुदायों की ओर से भारत बंद की कॉल के बाद रविवार रात 8.30 बजे से सोमवार रात तक मोबाइल पर इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का फैसला लिया गया है। जिले के साढ़े आठ लाख आबादी के लिए 1200 पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। इसकी पुष्टि करते हुए एसएसपी संदीप शर्मा ने बताया कि जिले की सुरक्षा के लिए 500 सुरक्षा कर्मी बाहर से मंगवाए गए हैं, विशेषकर शहर की सुरक्षा के लिए करीब 300 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।