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आम बजट ने लोगों को किया िनराश

केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेश किया आम बजट को लेकर शहर की जनता कई उम्मीदें लगाईं बैठी थी। लेकिन बजट से जनता को...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:40 AM IST
आम बजट ने लोगों को किया िनराश
केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेश किया आम बजट को लेकर शहर की जनता कई उम्मीदें लगाईं बैठी थी। लेकिन बजट से जनता को भाजपा का आखरी बजट होने के कारण जो उम्मीदें थी। वह किसी हद तक उम्मीदें ही रह गई। टैक्स बार के सचिव एडवोकेट पीके तुली ने कहा कि इस बजट को जनता के हित का बजट कहने की बजाए देश कहा जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। इस बजट को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगो की राय भास्कर ने जानी। उद्योगपति पवन अग्रवाल ने जेटली के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट से जनता को जो उम्मीदें थी उन पर पानी फिर गया है। साफ शब्दों में यह निराशाजनक बजट है। खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 1.5 गुना किया जाना सही है लेकिन उसमे किसी भी तरह से पारदर्शिता नहीं है। सेलरी लोगों को 40 हजार तक स्टेंडर्ड डिडक्शन देना एक धोखा है दूसरी तरफ कई तरफ से टैक्स लगा कर जनता को निचोड़ा गया है। मंजू अग्रवाल ने कहा कि बजट 2018 में गृहणियों को घरेलू जरूरत की चीजें सस्ती होने की बहुत उम्मीद थी लेकिन वह उम्मीदें सिर्फ उम्मीदें ही रह गई।

पांच वर्षों में भाजपा नेताओं ने जो जनता से वायदे किए। उनमें से कोई भी पूरा नहीं किया। घरेलू उपयोग की चीजों को जीएसटी मुक्त करना सरकार को प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए था लेकिन कुछ नहीं किया।

एडवोकेट पीके तुली ने कहा कि बजट में आम जनता के लिए राहत के नाम पर कुछ भी नहीं है। टैक्स छूट में राहत तो दूर जनता जो अपनी छोटी छोटी बचत के बाद पैसा म्यूचल फंड में लगाती है। उस पर होने वाली इनकम पर भी सरकार ने टैक्स लगा दिया है।

बजट की जानकारी लेते हुए एडवोकेट पीके तुली के दफ्तर में बैठे लोग

केंद्र सरकार ने पेश किया देश हित का बजट

भाजपा नेता मनु धीर ने बजट को देश हित का बजट कहते हुए कहा कि देश जनता की ही है और अगर देश को लाभ होगा तो वह जनता का ही लाभ है। जिससे सर्वपक्षीय विकास होगा। बजट में देश भर में 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों की स्थापना की घोषणा से जनता को इलाज में राहत मिलेगी। स्वास्थ्य के लिए 1.5 लाख आरोग्य सेंटर स्थापित किए जाएंगे। हर साल 1 हजार बी.टेक स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति मिलेगी। शिक्षकों के लिए एकीकृत बी.एड कोर्स की शुरु शुरूआत होगी। यह बजट के सराहनीय बिंदु है।

10 हजार से अधिक की नकद पेमेंट पर रोक लगाना गलत : कालिया

समाज सेवक व रोटरी क्लब के सचिव विजय कालिया ने बताया कि बजट में ट्रस्ट को 10 हजार से अधिक की नगद पेमेंट पर रोक लगाना गलत है। कई बार ट्रस्ट को छोटे छोटे काम करवाने के लिए नगद पेमेंट करनी पड़ती है। बजट में स्मार्टवॉच बियरेवल डिवाइसिस पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 20 प्रतिशत व इमिटेशन ज्वेलरी पर कस्टम ड्यूटी 15 से 20 करना भी जनता के हित में नहीं है। कुल मिलकर यह बजट जनता के हित का बजट नहीं है। पिछले 6 महीनों में पेट्रोल व डीजल 10 से 15 रुपए महंगा किया लेकिन बजट में मात्र 2 रुपए कम कर जनता से मजाक किया है।

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