• Home
  • Punjab News
  • Kapurthala News
  • अप्रैल फूल छोड़कर अप्रैल कूल मनाएं पर्यावरण की संभाल के लिए पौधे लगाएं
--Advertisement--

अप्रैल फूल छोड़कर अप्रैल कूल मनाएं पर्यावरण की संभाल के लिए पौधे लगाएं

वातावरण को लेकर लोग कितने सजग हुए हैं, यह आज यानि कि पहली अप्रैल पर देखने को मिलेगा। ग्लोबल वार्मिंग के चलते मार्च...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:20 AM IST
वातावरण को लेकर लोग कितने सजग हुए हैं, यह आज यानि कि पहली अप्रैल पर देखने को मिलेगा। ग्लोबल वार्मिंग के चलते मार्च के आखिरी सप्ताह में दिन में तापमान में लगातार बढ़ोतरी हुई है। मार्च के महीने में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जोकि इन दिनों में सामान्य तापमान से कही ज्यादा था। लोग अब खुद कहने लगे है कि ‘अप्रैल फूल छोड़ो, अप्रैल कूल मनाओ’ यानि कि पहली अप्रैल को लोगों को बेवकूफ बनाने की रस्म तोड़कर हर इंसान कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, जिससे पर्यावरण की संभाल हो सके। देश में पहली अप्रैल को एक दूसरे को अप्रैल फूल बनाने की रस्म कई सालों से चली आ रही है। जिसमें हम और आप एक दूसरे को बेवकूफ बनाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं लेकिन इस बार लोग खुद यह कहने पर मजबूर हो गए हैं कि इस बार अप्रैल फूल नहीं-अप्रैल कूल मनाएं, जिससे अाप की एक छोटी सी मुहिम धरती को कूल बनाने में मदद कर सकती है।

डा. अंबेडकर मिशन सोसायटी के प्रधान गुरमुख सिंह ढोड और एसएसपी संदीप कुमार शर्मा समागम के दौरान पौधारोपण करते हुए। -फाइल फोटो

संत सीचेवाल ने वातावरण संभाल के लिए छेड़ रखी है मुहिम

प्रदेश को हरा-भरा और वातावरण की संभाल को लेकर पर्यावरण प्रेमी संत सीचेवाल ने मुहिम छेड़ रखी है। संत सीचेवाल की ओर से साल 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव को लेकर पूरे प्रदेश में लाखों पौधे लगाए जाएंगे। पहले पड़ाव में निर्मल कुटिया सीचेवाल में डेढ़ लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। यह पौधे लोगों की मदद से पूरे सूबे में लगाए जाएंगे, जिनमें छायादार, सदाबहार पौधे, जैसे नीम, अर्जुन, पीपल और बहेड़ा आदि के पौधे लगाए जाएंगे।

डॉ. अबेंडकर सोसायटी आज लगाएगी पौधे

डॉ. अबेडकर सोसायटी और साइकिल क्लब कपूरथला के सदस्य गुरमुख सिंह ढोड ने बताया कि इस बार पहली अप्रैल को उनकी सोसायटी के सदस्य कांजली वेटलेंड के आसपास के क्षेत्र की सफाई करेंगे और हर सदस्य वहां एक पौधा जरूर लगाएगा, जिससे पर्यावरण को हरा भरा बनाया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस बार अप्रैल फूल की जगह अप्रैल कूल मनाया जाए।