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बैंक से डेढ़ करोड़ का ड्रॉफ्ट कैश कराने की कोशिश करने वाले 2 पर 4 साल बाद केस दर्ज

सिटी पुलिस ने बैंक ऑफ इंडिया में फर्म के नाम पर खाता खुलाकर फर्जी 1 करोड़ 50 लाख रुपए का ड्रॉफ्ट लगाने के मामले में दो...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:20 AM IST
सिटी पुलिस ने बैंक ऑफ इंडिया में फर्म के नाम पर खाता खुलाकर फर्जी 1 करोड़ 50 लाख रुपए का ड्रॉफ्ट लगाने के मामले में दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। घटना 31 मई 2014 की है लेकिन पुलिस ने 4 साल बाद कार्रवाई की है। दोनों आरोपी फरार हैं। बैंक का दावा है कि दोनों आरोपी फर्जी ड्राफ्ट से पैसे निकालकर बैंक को चूना लगाने की फिराक में थे लेकिन इस संबंधी खुलासा तब हुआ जब दोनों आरोपियों ने फर्जी ड्राफ्ट पर 1 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि भर दी। असलियत में 10 लाख रुपए से ज्यादा ड्राफ्ट कैश नहीं होता। घटना के मौके उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दे दी थी लेकिन पुलिस ने मामले को अब तक दबा रखा था। हो सकता है दोनों आरोपी अब तक कई और बैंकों को भी चूना लगा चुके हो। अब शिकायत करने वाले मैनेजर की भी जहां से बदली हुए 4 साल हो गए है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले को इतना लहजे में लिया कि ड्राफ्ट से 1 करोड़ 50 लाख रुपए निकालने की कोशिश करने वाले दोनों आरोपी बैंक से अपने 5 हजार रुपए भी वापस लेने आए। उस समय भी पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने उन्हें फिर भी नहीं पकड़ा। एसएसपी संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि मामला पुराना था। इसकी जांच चल रही थी। अब जैसे ही यह मामला उनके ध्यान में आया तो उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दे दिए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।

थाना सिटी में दर्ज शिकायत में बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच के सीनियर असिस्टेंट मैनेजर सतीश कुमार कक्कड़ ने बताया कि तजिंदर सिंह पुत्र प्यारा सिंह निवासी कुतेबवाल और डेनियल पुत्र मुख्तयार सिंह निवासी आलौदीपुर ने उनकी बैंक में 1 मार्च 2014 को पारस एंड कंपनी फर्म के नाम पर खाता खुलवाया था। खाता नंबर 63902011000008 में 31 मई 2014 को दोनों ने बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच महाराष्ट्र के नाम पर 1 करोड़ 50 लाख रुपए का ड्राफ्ट नंबर 0621623 बैंक में लगवा दिया। बैंक को उसी समय आशंका हो गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि उक्त दोनों ने बैंक को जो ड्राफ्ट दिया, वह फर्जी है। शिकायत तत्कालीन एसएसपी को दी थी।