सुप्रीम कोर्ट के विवादपूर्ण फैसले के विरोध में राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र

Kapurthala News - सुप्रीम कोर्ट की ओर से 9 फरवरी को एससी/एसटी की सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी और प्रमोशन को लेकर विवादपूर्ण दिए...

Feb 15, 2020, 08:00 AM IST

सुप्रीम कोर्ट की ओर से 9 फरवरी को एससी/एसटी की सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी और प्रमोशन को लेकर विवादपूर्ण दिए फैसले के खिलाफ एससी/बीसी मुलाजिम और लोक एकता फ्रंट ने नायब तहसीलदार गुरसेवक चंद को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। मुलाजिम नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सही नहीं है। करिया मुंडे कमिशन की रिपोर्ट ने यह बात सिद्ध की है कि भारत की न्याय प्रणाली जातिग्रस्त है। संविधान में आर्टिकल 15 (4) और 16(4) जोकि एससी/एसटी को आवश्यक प्रतिनिधित्व व हिस्सेदारी देता है। मौलिक अधिकार के घेरे में आता है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक आरक्षण, प्रतिनिधित्व कोई मौलिक अधिकार नहीं है, जो भारतीय संविधान के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस फैंसले को जल्द खत्म किया जाए। इस अवसर पर द क्लास फोर गवर्नमेंट इंप्लाइज यूिनयन के प्रदेश उप-प्रधान जसविंदरपाल उग्गी, एससी/बीसी अध्यापक जत्थेबंदी के कुशल कुमार, तीन र| मिशन के डायरेक्टर स्वामी राजपाल, हरजिंदर सिंह, सुखजिंदर, हरनेक सिंह, अनेक राज मूलनिवासी, डा. बीआर अंबेडकर मूलनिवासी महासभा के राज कल्याण, हरमेश ज्योति, जसमिंदरपाल, भारत मुक्ति मोर्चा के जिला प्रधान कमलजीत सिंह मौजूद थे।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना