डॉ. चिमन अरोड़ा के बेटे ओशो ने नीट के बाद अब एम्स में पाया 560वां रैंक

Kapurthala News - भास्कर संवाददाता | फगवाड़ा/जालंधर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट बुधवार रात...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:45 AM IST
Phagwara News - dr chiman arora39s son osho found 560th rank after aiims now in aiims
भास्कर संवाददाता | फगवाड़ा/जालंधर

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट बुधवार रात 9:35 पर घोषित किया गया। दिल्ली चिल्ड्रन अस्पताल फगवाड़ा के एमडी चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. चिमन अरोड़ा के बेटे ओशो अरोड़ा ने 560 रैंक हासिल किया। जबकि छोटे भाई ईश अरोड़ा ने 612 रैंक हासिल किया है। ईश अरोड़ा ने नीट में 263 रैंक हासिल कर जिले में पहला स्थान पाया था। उनकी मां सुमन अरोड़ा गवर्नमेंट स्कूल में प्रिंसिपल हैं। ओशो अरोड़ा ने नीट में 2663 रैंक हासिल किया था। टेस्ट 25 व 26 मई को लिया गया था, जिसमें शहर से करीब 1500 स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया।

साल में 7 नए एम्स खुलने से स्टूडेंट्स को फायदा

देशभर में एम्स की संख्या 15 तक पहुंचने से इस बार देशभर से करीब 4.5 लाख स्टूडेंट्स ने एंट्रेस टेस्ट दिया था। साल 2018 में आठ एम्स ही थे, जिनमें टोटल 807 सीटें थीं। लेकिन इस बार 400 सीटें बढ़ गई हैं तो ज्यादा स्टूडेंट्स को मौका मिलेगा। नीट का एग्जाम देने वाले बहुत सारे स्टूडेंट्स ने इस बार एम्स का एग्जाम भी दिया।

ओशो स्किन और ईश आई स्पेशलिस्ट बनना चाहते हैं

ओशो और ईश का मुंह मीठा कराते डॉ. चिमन अरोड़ा व मां प्रिंसिपल सुमन अरोड़ा। -भास्कर

कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में बढ़ने वाले ओशो ने बताया कि पहले मैंने नॉन मेडिकल लेकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी। लेकिन इंट्रेस्ट नही बना। ओशो स्किन स्पेशलिस्ट बनना चाहते थे और आकाश इंस्टीट्यूट में कोचिंग ली। उन्होंने बताया कि वे रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे। इसमें परिवार का पूरा साथ मिला।

दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले ईश ने कहा कि ‘एक बार मैंने ब्लाइंड होम में विजिट किया था। वहां लोगाें को देखकर मेरा मन हुआ कि मैं इनके लिए कुछ कर पाऊं। तभी सोचा आई स्पेशलिस्ट बनूंगा।’ बड़े भाई ओशो के साथ बैठकर स्टडी करता था। रोजाना 6 घंटे पढ़ाई करता। पेरेंटस ने हमेशा सपोर्ट किया।

बठिंडा में एम्स की 50 सीटें

देशभर के 15 एम्स में कुल 1207 सीटें हैं। एम्स दिल्ली में कुल 107 सीटें हैं, इनमें से सात फॉरेन नेशनल के लिए रिजर्व्ड हैं। ऋषिकेश, रायपुर, पटना, नागपुर, भोपाल, जोधपुर, गुंटुर, भुवनेश्वर में प्रति इंस्टीट्यूट 100 सीटें हैं। वहीं बठिंडा, गोरखपुर, कल्याणी, बरेली, देवगढ़ व तेलंगाना में प्रति इंस्टीट्यूट 50 सीटें हैं।

रिजर्व्ड सीटों की सूची जारी

टोटल 1207 में से सात सीटें फॉरेन नेशनल कैंडिडेट के लिए हैं। एम्स 2019 एमबीबीएस सीट रिजर्वेशन पॉलिसी के अनुसार 600 सीटें जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए, 321 सीटें अोबीसी कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए, 180 एससी और 96 सीटें एसटी कैंडिडेट्स के लिए रिजर्व्ड हैं। सभी में पांच फीसदी सीटें दिव्यांग कैंडिडेट्स के लिए रिजर्व्ड हैं।

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