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नो स्मोकिंग को जीवन का मूल मंत्र बनाएं : डा. रवजीत

खाने-पीने के गलत ढंग व तनावपूर्ण जीवन शैली के चलते आज ज्यादातर लोग ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं। जीवन शैली...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:35 AM IST
खाने-पीने के गलत ढंग व तनावपूर्ण जीवन शैली के चलते आज ज्यादातर लोग ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं। जीवन शैली में सुधार कर व संतुलित आहार लेकर इससे बचाव किया जा सकता है। यह बात सीनियर मेडिकल अधिकारी डा. अजीत सिंह ने विश्व हाइपरटेंशन दिवस मौके आयोजित जागरूकता प्रोग्राम दौरान कही। इस दौरान मेडिकल स्पेशलिस्ट डा. रवजीत सिंह ने मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर के कारणों व उसके बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 130/80 को नार्मल ब्लड प्रेशर माना जाता है। यदि इससे ज्यादा है तो व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में माना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर कारण हार्ड अटैक, गुर्दों का फेल होने व काला मोतिया होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने इसे साईलेंट किलर भी कहा। नो स्मोकिंग को जीवन का मूल मंत्र बनाना चाहिए। दिन में 5 बार फल व सब्जियां खाने, रोजाना दस हजार कदम चलने की आदत डालनी चाहिए और बाडी मास इंडेक्स को 25 से कम रखना चाहिए। उन्होंने बच्चों को बचपन में ही शारीरिक गतिविधियां करवाने जैसे खेल खेलने आदि की आदत बनाने के लिए प्रेरित किया।

विश्व हाइपरटेंशन दिवस के मौके पर आयोजित जागरूकता प्रोग्राम को संबोधित करते हुए डा. रवजीत सिंह। साथ हैं सीनियर मेडिकल अधिकारी डा. अजीत सिंह।

ब्लड प्रेशर की गोली जिंदगी की एफडी

डा. रवजीत सिंह ने ब्लड प्रैशर की गोली को लेकर लोगों में प्रचलित गलत धारनाओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि लोग कई बार ब्लड प्रेशर की गोली को बीच में बिना डाक्टरी सलाह से इसे छोड़ देते हैं कि इसकी आदत पूरी उम्र पड़ जाएगी। जबकि सच्चाई यह है कि यह सुरक्षित है। उन्होंने बीपी की गोली की तुलना फिक्सड डिपाजिट से की और कहा कि जिस तरह फिक्सड डिपाजिट भविष्य में जाकर मनुष्य के जीवन को सुरक्षा प्रदान करता है। उसी तरह डाक्टरी सलाह से ली गई बीपी गोली भविष्य में जाकर सेहत को सही रखती है और फायदेमंद होती है। इस अवसर पर डा.मोहनप्रीत सिंह, परमजीत कौर, नीलम कुमारी व अन्य मौजूद थे।