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- Kapurthala News Seeing The Hunger The Institution Formed With 4 Friends Now 100 Members Giving Ration To 50 Families In The Month So That The Poor Stove Is Not Extinguished
भूखों को देख 4 दोस्तों संग बनाई संस्था, अब 100 मेंबर, माह में 50 परिवारों को दे रहे राशन...ताकि गरीबों का चूल्हा न बुझे
मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। अपने लिए तो सभी जीते हैं, असली जीना तो वह है जो दूसरों के लिए कुछ करते हुए जीवन बिताए। इसमें कोई शक नहीं कि दुनिया में से दुख-तकलीफें खत्म नहीं की जा सकती हैं, लेकिन इन्हें बांटकर कुछ कम तो किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कपूरथला शहर के विक्रम प्रभाकर कर रहे हैं। 18 माह पहले चार दोस्तों संग मिलकर गरीबों के घर में चूल्हा जलाने का एेसा सिलसिला शुरू किया कि अब कारवां बन गया है। जिसके लिए प्रभाकर ने अपने 4 दोस्तों संग मिल कर रहमत मिशन ह्यूमेनिटी सोसायटी का गठन किया। जिसमें अपनी जेब से पैसे खर्च कर 5 गरीब परिवारों के सदस्यों को राशन वितरण किया। जिससे उसके दिल को थोड़ा सुकून मिला। सुकून मिलते ही मन में इससे अधिक करने की इच्छा जागी तो चारों दोस्तों ने मिलकर सोसायटी को आगे बढ़ाने के लिए दूसरे लोगों का भी सहयोग लिया। अब उनकी सोसायटी में 90 से 100 मैंबर जुड़ गए है तथा 50 गरीब परिवार के लोगों को राशन देने की समर्थ बन गई है। संस्था के संस्थापक विक्रम प्रभाकर ने बताया कि उन्होंने 18 माह पहले सितंबर 2018 में भूखे लोगों को देख कर रहमत मिशन ह्यूमेनिटी संस्था बनाई। उन्होंने मन बनाया कि वह हर महीने भूखे लोगों को एक माह का राशन बांटेंगे। इसके लिए उन्हें और लोगों की मदद चाहिए थी। सबसे पहले उन्होंने अपनी संस्था के साथ और लोगों को जोड़ा। पहले 4-5 मैंबर ही थे। लेकिन धीरे-धीरे उनके साथ और लोग भी जुड़ने लगे। इस समय उनकी टीम में 90 से 100 के करीब मैंबर है। जोकि हर महीने आपस में थोड़े-थोड़े रुपए एकत्र कर गरीब लोगों की मदद के लिए एक महीने का राशन वितरण करते है। अब वह लगातार उन परिवारों को हर महीने राशन देते आ है। विक्रम प्रभाकर ने बताया कि संस्था की ओर से हर महीने अलग-अलग गांवों व क्षेत्रों में 45 से 50 परिवारों को राशन वितरित किया जाता है और परिवारों की संख्या हर महीने बढ़ती जाती है। ऐसा नहीं है कि इन परिवारों को केवल एक ही बार राशन दिया जाता है। इन परिवारों को हर महीने एक माह का राशन दिया जाता है।
गरीब परिवार संस्था से कर सकते हैं संपर्क
विक्रम प्रभाकर ने बताया कि हर महीने गरीब परिवारों की संख्या बढ़ती जाती है। यदि शहर व गांव में कोई ऐसा परिवार है जिनके पास
खाने के लिए कुछ नहीं है या घर में कोई कमाने वाला नहीं है। वह उनकी संस्था के साथ संपर्क कर सकता है। विक्रम प्रभाकर ने बताया कि किसी के घर में कोई कमाने वाला नहीं, लंबी बीमारी के चलते कामकाज नहीं कर सकता या फिर घर में कमाने का कोई साधन नहीं ऐसे परिवारों को संस्था हर महीने राशन देती है।
इनका रहता है सहयोग }विक्रम प्रभाकर ने बताया कि हर महीने दिए जाने वाले राशन में संस्था के लोगों के अलावा निर्मला कलसी, राजवंत, प्रीती शर्मा, नितिन धीर, हैप्पी जर्मन, मनी जर्मन, पवनवीर, अमृतपाल सिंह ढिल्लो, सुनील शर्मा, करण, प्रिंस व कृष्ण मौर्य के अलावा अन्य सदस्य विशेष सहयोग देते है।