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एनजेएसए कॉलेज के गेस्ट फैकल्टी लेक्चररों ने कक्षाओं का किया बायकाट, हड़ताल शुरू
पंजाब के सभी सरकारी कॉलेजों में डेढ़ दशक से गेस्ट फैकल्टी लेक्चरर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा देकर उनका भविष्य सुधार रहे हैं। 15 साल से ज्यादा समय से वह कॉलेजों में अपनी सेवाएं बाखूबी निभा रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें रेगुलर नहीं किया गया है। वेतन भी कम है। आज के महंगाई भरे युग में कम वेतन में घर का गुजारा करना बेहद मुश्किल है। सरकार गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसरों को अलग-अलग कैटागिरी में बांटकर उनके हितों से खिलवाड़ कर रही है, जो चिंताजनक है। सरकार के इस रवैये को देख कर नवाब जस्सा सिंह आहलूवालिया सरकारी कॉलेज में तैनात 21 गेस्ट फैकल्टी लैक्चररों ने क्लासों का बायकाट कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि वह विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब नहीं करना चाहते लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये को देखते हुए उन्हें अपने अधिकारों प्रति यह कदम उठाना पड़ रहा है। सरकारी कॉलेज गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसर एसोसिएशन ने सरकार के अड़ियल रवैये और रेगुलर करने की मांग को लेकर नवाब जस्सा सिंह आहलूवालिया सरकारी कॉलेज (एनजेएसए) में क्लासों का बायकाट कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे गेस्ट फैकल्टी लेक्चरर।
गेस्ट फैकल्टी सदस्यों को मिल रहे 21 हजार 600 रुपए रेगुलर प्रोफेसरों को मिल रहा 1 लाख से अधिक वेतन
बता दें कि पंजाब के 48 सरकारी कॉलेजों में 1011 गेस्ट फैकल्टी सदस्य डेढ़ दशक से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने उन्हें रेगुलर करने की जो शर्तें रखी हैं, उनपर कोई भी लेक्चरर खरा नहीं उतर सकेगा। पंजाब के 1011 गेस्ट फैकल्टी सदस्यों को 21 हजार 600 रुपए वेतन दिया जा रहा है जबकि रेगुलर पद पर काम करने वाले प्रोफेसरों को सरकार की ओर से 1 लाख से अधिक सरकारी खजाने से वेतन दिया जा रहा है। काम का बोझ गेस्ट फैकल्टी लेक्चरार ही उठा रहे हैं।