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लिफ्टिंग की धीमी रफ्तार से अनाज मंडी में नहीं बची फसल रखने के लिए जगह, भड़के किसान

एग्रीकल्चर रिपोर्टर | खन्ना अनाज मंडियों के हालात पंजाब सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:35 AM IST

लिफ्टिंग की धीमी रफ्तार से अनाज मंडी में नहीं बची फसल रखने के लिए जगह, भड़के किसान
एग्रीकल्चर रिपोर्टर | खन्ना

अनाज मंडियों के हालात पंजाब सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में इन दिनों लिफ्टिंग की रफ्तार धीमी होने के कारण फसल रखने को जगह नहीं बची है। इस कारण किसान भड़के हुए हैं। किसानों को फसल रखने से पहले मंडी में ट्रैक्टर ट्रॉलियों में फसल रखते हुए कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। फिर कहीं जाकर अगर फसल रखने को थोड़ी बहुत जगह मिलती है तो फसल की सफाई के लिए पंखा लगाने की जगह नहीं मिलती। इससे खरीद बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मंडी में फसल बिकने का इंतजार कर रहे सलाणा गांव के किसान जगतार सिंह ने कहा कि वह रविवार को तीन ट्रॉलियों में फसल लेकर आए थे। अनाज मंडी के मेन गेट पर फसल में नमी की मात्रा चेक करने के बाद उन्हें अंदर भेजा गया तो मंडी का हाल देखकर वह दंग रह गए। मंडी में फसल रखने को जगह नहीं है। वे कई घंटे ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर खड़े रहे। फिर पल्लेदारों ने थोड़ी बहुत जगह बनाई। वहां पर पंखा लगाने को स्पेस नहीं है। जिस कारण फसल की बोली भी नहीं लग सकी। घटींड के गुरदेव सिंह ने भी मंडी के प्रबंधों पर रोष जताते कहा कि सरकार के दावे खोखले हैं।

यह है लिफ्टिंग की पोजीशन: पनग्रेन ने 44190 क्विंटल फसल की खरीद की, इसमें से 17070 क्विंटल की लिफ्टिंग नहीं हुई थी। एफसीआई की 22480 क्विंटल खरीदी फसल में से एक दाना भी नहीं उठाया गया। मार्कफेड की 77010 क्विंटल फसल में से 60750 क्विंटल, पनसप ने 15790 में से 11790 क्विंटल, वेयर हाऊस की 28510 में से 23530, पंजाब एग्रो की 12510 में से पूरी फसल और व्यापारियों की 1130 क्विंटल में से 280 क्विंटल की लिफ्टिंग बाकी है। कुल मिलाकर 1 लाख 64 हजार 260 क्विंटल फसल की लिफ्टिंग बाकी है। जिससे समस्या और बढ़ सकती है।

लिफ्टिंग कराना एजेंसियों की जिम्मेदारी : सेक्रेटरी

मार्केट कमेटी सेक्रेटरी दलविंदर सिंह ने कहा कि लिफ्टिंग कराना हमारा काम नहीं है। हमारी तरफ से खरीद सही तरीके से हो रही है। किसानों को कोई दिक्कत नहीं है।

आमद तेज होने से आई दिक्कत : एएफएसओ

एएफएसओ मनीष पजनी ने कहा कि अनाज मंडी में एक दो दिन में फसल की आमद इतनी तेज हो गई कि मंडी में अंबार लग गए। लिफ्टिंग 72 घंटे में होती है। इस लिए दिक्कत आई है। एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। उसके बाद किसानों को फसल रखने की दिक्कत नहीं आएगी।

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Web Title: लिफ्टिंग की धीमी रफ्तार से अनाज मंडी में नहीं बची फसल रखने के लिए जगह, भड़के किसान
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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