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असीं बच्चे नीं मराउणे, तुसीं चाहे नरेंद्र मोदी नूं लै आओ...

एक तरफ मीजल रूबेला मुहिम के तहत सरकारी अधिकारियों व मुलाजिमों की ड्यूटी अवेयरनेस पर लगी हुई है, वहीं शिक्षा के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:25 AM IST

एक तरफ मीजल रूबेला मुहिम के तहत सरकारी अधिकारियों व मुलाजिमों की ड्यूटी अवेयरनेस पर लगी हुई है, वहीं शिक्षा के मंदिर के पुजारी ही इसे लेकर लोगों को दुविधा में डाल रहे हैं। ऐसा मामला कम्युनिटी हेल्थ सेंटर मानूपुर के साथ लगते सरकारी स्कूल में सामने आया है। जहां इंजेक्शन लगाने गए एसएमओ डा. मनोहर लाल और उनकी टीम से स्कूल का पंजाबी लेक्चरार उलझ गया। इस उलझनबाजी में लेक्चरार का पारा सातवें आसमान पहुंचा और उसने यहां तक कह दिया कि असीं बच्चे नी मराउणे, तुसीं चाहे नरेंद्र मोदी नू लै आओ...... । इसका बुरा प्रभाव स्कूल में बच्चों को इंजेक्शन लगवाने पहुंचे पेरेंट्स पर भी पड़ा। जिस कारण टीम को निराश होकर लौटना पड़ा। एसएमओ ने इसकी सूचना सिविल सर्जन डा. परविंदरपाल सिंह सिद्धू को दी। जिन्होंने जिला प्रशासन को सूचित कराया। एडीसी (डिवेल्पमेंट) शेना अग्रवाल ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए टीचर को शोकाज नोटिस जारी करके जवाब मांगने के साथ साथ जिला शिक्षा अधिकारियों ( सेकेंडरी और एलीमेंटरी) को निर्देश दिए कि मीजल रूबेला अभियान की 100 प्रतिशत सफलता के लिए जिले के सभी सरकारी स्कूलों की चैकिंग करें और प्राइवेट स्कूल मुखियों को पत्र लिख कर मेडिकल टीमों को सहयोग देना सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा अध्यापक-परिजन बैठकें आयोजित करवाई जाएं और इसकी रिपोर्ट दो दिनों के भीतर जिला प्रशासन को पेश की जाए। उन्होंने यह भी आदेश दिए कि अभियान में रुकावट डालने वाले अध्यापकों और दूसरे स्टाफ खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाए और साथ ही सोशल मीडिया के द्वारा अफवाहें फैलाने वाले व्यक्तियों पर भी नजर रखी जाए।

टीचर ने बहस की

हम इंजेक्शन लगाने गए थे, तो वहां टीचर ने पेरेंट्स को अवेयर करने की बजाय उल्टा हमने बहस की। मुहिम को लेकर बुरा भला बोला गया। यहां तक कहा गया कि बेशक नरेंद्र मोदी को बुला लो, हमने इंजेक्शन लगवाकर बच्चे नहीं मरवाने हैं। जबकि, टीचर को पेरेंट्स को अवेयर करना चाहिए था। टीचर ने ऐसा करके सरकार की हिदायतों की उल्लंघना भी की है। जिस पर उन्होंने सिविल सर्जन को अवगत करवा दिया था। ऐसे कई अन्य स्कूल भी हैं, जिनके बारे में प्रशासन को लिखित में बताया जा चुका है। उनका मकसद 100 प्रतिशत टीकाकरण है। जिसे लेकर उनकी टीमें काम कर रही हैं। डाॅ. मनोहर लाल, एसएमओ मानूपुर

पर्चा कराने दी धमकी

डीसी लुधियाना के जरिए सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल, स्टाफ और विशेष तौर पर मुझ पर पर्चा दर्ज करने की धमकी एसएमओ की अगुवाई में आई टीम द्वारा देने पर रोष वश मुझसे यह कहा गया कि आप चाहे डीसी की जगह मोदी को इस बारे में कहिए पर हम लोग अपने बच्चों के साथ वैक्सीनज़ के नाम पर कोई धक्केशाही नहीं कर सकते और न ही उनके अभिभावकों को इस बारे में मज़बूर कर सकते हैं। मेरा इस संदर्भ में तात्पर्य यही था कि अधयापक व डाॅक्टर केवल वेक्सीन लेने के किए प्रेरणा तो दे सकते हैं। परन्तु किसी को इस संदर्भ में मज़बूर करना मेडीकल एथिक्स के ख़िलाफ है। -गुरप्रीत सिंह, पंजाबी लेक्चरार

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