इस साल डेवलपमेंट पर 150 करोड़ ज्यादा होंगे खर्च; पीजी-हॉस्टल, बेहड़ों पर कॉमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स
नगर निगम द्वारा माता रानी चौक स्थित जोन ए दफ्तर में निगम हाउस बनने के बाद तीसरे साल 2020-21 का बजट वीरवार को पेश किया जा रहा है। इस बार 2019-20 के मुकाबले सेंक्शन किए गए 846 करोड़ के बजट के बदले करीब 200 करोड़ और बढ़ाते हुए 1044 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। जिसे हाउस मीटिंग में मंजूरी के बाद सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। हालांकि इस बार तैयार किए गए बजट में पिछले साल के मुकाबले निगम ने 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए डेवलपमेंट के कामों के लिए बजट में 62.17 प्रतिशत का कोटा रखा है। इस हिसाब से पिछले साल के मुकाबले 150 करोड़ से ज्यादा का खर्चा डेवलपमेंट के कामों क लिए रखा गया है।
डेवलपमेंट के तौर पर इस बार 649 करोड़, संकटकालीन स्थिति के लिए बजट का 2.39 प्रतिशत 25 करोड़ और स्टेब्लिशमेंट के लिए बजट का 35.44 प्रतिशत हिस्सा 370 करोड़ रुपए प्रस्तावित रखा है। अगर रिकवरी की बात करें तो अभी तक निगम ने 846 करोड़ का टारगेट पूरा नहीं किया है, जबकि 500 करोड़ के करीब ही रिकवरी हो पाई है। हालांकि अभी अगला वित्तीय वर्ष शुरू होने में 20 दिन शेष बचे हैं। जिस हिसाब से रिकवरी बाकी रह गई है, इसलिए वो हाउस बजट में पेश किया जाएगा।
बड़ा सवाल
निगम ने इस बार बजट में स्ट्रीट लाइट के नए कामों के लिए दो करोड़ और मेंटेनेंस के लिए 3 करोड़ का बजट तैयार किया है। वहीं स्मार्ट सिटी के तहत 95 वार्डों में नई एलईडी लगाने का प्रोजेक्ट चल रहा है और उसी कंपनी की ही मेंटीनेंस की जिम्मेदारी है। ऐसे में निगम ने 5 करोड़ रुपए किस आधार पर बजट में रखे हैं।
अभी तक रिकवरी में 346 करोड़ कम
निगम ने 2019-20 के लिए आमदनी का कुल बजट 949.65 करोड़ रखा था, लेकिन सरकार नेे 846.13 करोड़ ही सेंक्शन किए गए। ऐसे में अभी तक निगम ने मार्च की मौजूदा तारीख तक करीब 500 करोड़ की रिकवरी की है। निगम की अकाउंट ब्रांच के हिसाब से 31 मार्च 2020 तक 346 करोड़ और आने की उम्मीद है। वहीं, अगर इसमें पीआईडीबी ग्रांट, ग्रांट्स, लोन, अमरुत स्कीम का पैसा भी मिला दें तो घाटा बढ़कर दो गुणा हो जाएगा हालांकि इस बार के बजट में इन चीजों को शामिल नहीं किया गया है।
मेंटेनेंस पर खर्च होगा 43 करोड़
डेवलपमेंट के अंडर ही मेंटीनेंस पर 43 करोड़ खर्च करेगा। सबसे ज्यादा 15 करोड़ सड़कों, 5 करोड़ पुलों व प्रोजेक्ट, 10 करोड़ गलियों व ड्रेन, स्ट्रीट लाइटों पर 3 करोड़, 6 करोड़ पार्कों, 1 करोड़ स्लम कॉलोनी और 3 करोड़ एमपी लैड बिल्डिंगों, लाइब्रेरी व पब्लिक टॉयलेट्स की मेंटीनेंस पर खर्च होंगे।
नई डेवलपमेंट पर
{सड़कें-48 करोड़ {पुल/प्रोजेक्ट -15 करोड़ {गलियां,ड्रेन-40 करोड़ {स्ट्रीट लाइट-2 करोड़
{पार्क-10 करोड़ {आउटर एरिया-2 करोड़
{पब्लिक टॉयलेट, लाइब्रेरी-10 करोड़
निगम ने कमाई के टारगेट भी बढ़ाए
पहले अब
प्रॉपर्टी टैक्स- 75 130 करोड़
सीवरेज-पानी-75 90 करोड़
एक्साइज ड्यूटी-36 39 करोड़
लाइसेंस फीस-2.25 2.70 करोड़
रेंट तहबाजारी-8.8 10 करोड़
जुर्माना फीस-30 32 करोड़
सेल ऑफ प्रापर्टी-5 10 करोड़
यहां होगा खर्चा
{डेवलपमेंट,मेंटीनेंस- 649.10 करोड़
{एस्टेब्लिशमेंट-370 करोड़ {अन्य-25 करोड़
यहां से आएगी इतनी इनकम
{जीएसटी - 460 करोड़
{प्रॉपर्टी टैक्स - 130 करोड़
{एमसी टैक्स ऑन इलेक्ट्रिसिटी-45 करोड़
{एडवरटाइजमेंट टैक्स - 23 करोड़
{स्लाटर हाउस - 30 लाख
{रेंट एंड तहबाजारी - 10 करोड़
{तहबाजारी - 3 करोड़
{सीवरेज-पानी - 90 करोड़
{एक्साइज ड्यूटी - 39 करोड़
{कंपनसेशन फीस-32 करोड़
{लाइसेंस फीस -2.70 करोड़
{सेल ऑफ प्रॉपर्टी- 10 करोड़
सरकार ने 2019-20 का 846 करोड़ का पास किया था बजट, निगम ने बनाया था 949 करोड़ का
स्मार्ट सिटी में एलईडी प्रोजेक्ट, फिर भी बजट में 5 करोड़ स्ट्रीट लाइट के
हर साल डेवलपमेंट पर ज्यादा खर्च फिर भी सड़कों का बुरा हाल
निगम बजट 2020-21
कुल 1044 करोड़
वीरवार को हो सकती निगम बजट पर हाउस की मीटिंग, उससे पहले भास्कर में पढ़िए बजट में प्रस्तावित प्रावधान
हर साल बजट में डेवलपमेंट वर्क को लेकर करोड़ों की बढ़ोतरी की जाती है। लेकिन फिर भी सड़कें टूटीं, पार्कों का बुरा हाल, पानी-सीवरेज की समस्या वार्डों में जैसे की तैसे है। गौर हो कि भास्कर ने सड़कों का मुद्दा गंभीरता से उठाया था।
{इस बार निगम 150 करोड़ का लोन ताजपुर रोड कूड़े के वर्षों पुराने डंप को खत्म करने के लिए ले रहा है। जिसकी भरपाई कैसे की जाएगी, इसके बारे में कोई प्रावधान ही नहीं रखा है।
06 फरवरी**