एक किलो धान की पैदावार के लिए 4000 ली. पानी का हो रहा इस्तेमाल, भविष्य के लिए सोचें किसान

Ludhiana News - पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में चल रहे दो दिवसीय किसान मेले का समापन किया गया। इस मौके पर विभिन्न फार्म...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 04:26 AM IST
Ludhiana News - 4000 liters for one kg of rice production use of water think for future farmers
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में चल रहे दो दिवसीय किसान मेले का समापन किया गया। इस मौके पर विभिन्न फार्म कंपीटिशन के विजेताओं की घोषणा की गई। फलों और सब्जियों की बेहतरीन किस्में देने वाले किसानों को यूनिवर्सिटी द्वारा सम्मानित किया गया। बाबा सिद्ध सेल्फ हेल्प ग्रुप की मनजीत कौर को वुमन एंटरप्रेन्योर में पहला इनाम दिया गया। समापन कार्यक्रम में डायरेक्टोरेट ऑफ ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट के पंजाब और मिशन डायरेक्टर एएस मिगलानी मुख्य मेहमान रहे। उन्होंने पंजाब में गिर रहे जमीनी पानी के स्तर पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि 1 किलो धान की पैदावार के लिए 4000 लीटर पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा चाहे मुफ्त पानी और बिजली की सुविधा किसानों को दी जा रही है। लेकिन किसानों को भविष्य के लिए सोचना होगा। साथ ही तुरंत ही विविधीकरण को अपनाना होगा। उन्हें फलों, सब्जियों और फूलों की खेती की ओर ध्यान देना चाहिए। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. बीएस ढिल्लों ने कहा कि खेती में खर्च को कम कर, खेती के साधनों का सही इस्तेमाल कर और घरेलू इस्तेमाल के लिए फलों और सब्जियों को विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने किसानों को पैदावार को बढ़ाने पर ध्यान देने के बजाए मुनाफे पर ध्यान देने की बात कही। साथ ही मधुमक्खी पालन, मशरूम उगाने, डेयरी, पोल्ट्री फार्मिंग को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

यूनिवर्सिटी कैटेगरी में

डिपार्टमेंट ऑफ वेटरनरी मेडिसिन ने हासिल किया पहला स्थान

विभिन्न कैटेगरी के विजेता









लुधियाना| गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनीमल साइंस यूनिवर्सिटी में चल रहे दो दिवसीय पशु पालन मेले का समापन किया गया। किसानों को विविधिकरण को अपनाने और पशु पालन प्रोडक्ट्स में इजाफा कर अपनी इनकम को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। डायरेक्टोरेट ऑफ ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट के पर्सनल और मिशन डायरेक्टर एएस मिगलानी ने कार्यक्रम में मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत की। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एएस नंदा ने कहा कि यूनिवर्सिटी द्वारा छोटे किसान से लेकर बड़े किसान तक को ट्रेनिंग दी जा रही है। यूनिवर्सिटी कैटेगरी में डिपार्टमेंट ऑफ वेटरनरी मेडिसिन ने पहला, कॉलेज ऑफ फिशरीज ने दूसरा और नेशनल ब्यूरो ऑफ एनीमल जेनेटिक रिसोर्स करनाल, बठिंडा, केवीके बरनाला, डिपार्टमेंट ऑफ वेटरनरी गाइनीकोलॉजी ने तीसरा स्थान हासिल किया।

समापन कार्यक्रम में डायरेक्टोरेट ऑफ ग्राउंड वाॅटर मैनेजमेंट के पंजाब और मिशन डायरेक्टर एएस मिगलानी रहे मुख्य मेहमान, बाबा सिद्ध सेल्फ हेल्प ग्रुप की मनजीत कौर को वुमन एंटरप्रेन्योर कैटेगरी में मिला पहला इनाम, होम साइंस कंपीटिशन में न्यूट्रिशियस स्नैक्स तैयार करने पर गुरविंदर कौर रहीं विजेता

स्टूडेंट्स ने रक्तदान कैंप लगाया

राज्य में 72 फीसदी दूध उत्पादन भैंस से

किसानों को भैंस के दूध से मौजरेला चीज़ बनाने की दी जाएगी ट्रेनिंग

लुधियाना|गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनीमल साइंसेस यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किए गए दो दिवसीय 26वें पशु पालन मेले का समापन किया गया। यूनिवर्सिटी द्वारा 2019 का साल ‘भैंस प्रसार मिशन-2019’ की शुरुआत की गई। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एएस नंदा द्वारा इस मिशन की शुरुआत किसानों के सामने की गई। उन्होंने बताया कि डॉ. नंदा ने बताया कि देश में 176.5 मिलियन टन दूध उत्पादित किया जा रहा है। इसमें से पंजाब द्वारा सिर्फ 2.53 फीसदी डेयरी जानवरों के साथ 11.85 मिलियन टन लगभग 6.72 फीसदी दूध उत्पादित किया जा रहा है। पंजाब के पास 51.60 लाख भैंस और 24.28 लाख गाय हैं। राज्य में 72 फीसदी दूध भैंस द्वारा दिया जा रहा है।



2019 का साल भैंस प्रसार मिशन को होगा समर्पित, साल भर में विभिन्न गतिविधियों का किया जाएगा आयोजन, हाइजीन मीट उत्पादन और जीरो वेस्ट टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग भी किसानों को देगा गडवासू

वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर 49 फीसदी दूध भैंसों द्वारा दिया जा रहा है। दूध में दिए जा रहे योगदान के अलावा मीट उत्पादन में भी अहम योगदान निभा कर आर्थिक तौर पर भी फायदा कर रही है। पंजाब द्वारा 4.75 फीसदी भैंसों के साथ 8.58 फीसदी मीट उत्पादित हो रहा है। इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए साल भर भैंसों के पालन को प्रसारित करने का निर्णय लिया है। साल भर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। किसानों को अपने स्तर पर मौजरेला चीज़ बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। डेयरी फार्मिंग में इजाफा से आर्थिक तौर पर 20-25 फीसदी का इजाफा हो सकेगा। 10 लाख की इनवेस्टमेंट से 10 भैंसें और 9 क्रॉस ब्रीड गाय पाली जा सकती हैं। इससे किसानों को 2 लाख तक का फायदा हो सकता है। गडवासू द्वारा ब्रोइलर भैंस फार्मिंग की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। गडवासू द्वारा रूरल इंडिया सॉल्यूशन के साथ बछड़ों को सही कीमत पर बेचने के लिए एमओयू साइन किया गया है। किसानों को फार्म मैनेजमेंट और प्रजनन की समस्याओं को हल करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके अलावा हाइजीन मीट उत्पादन और जीरो वेस्ट टेक्नॉलॉजी की ट्रेनिंग भी किसानों को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गडवासू के रिसर्च सेंटर द्वारा भैंस के प्रोडक्शन सिस्टम पर काम किया जा रहा है।

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