बेटे को मेडिकल कॉलेज में एमएस की सीट दिलाने को 50 लाख में सौदा, डाॅ. राजेश अग्रवाल से 20 लाख की ठगी
किडनी कांड में आरोप के दायरे में आए यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेश अग्रवाल से 20 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी उनके डाॅक्टर बेटे राहुल अग्रवाल को मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) की डिग्री के लिए पुडुचेरी स्थित जवाहर लाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (मेडिकल कॉलेज) में मैनेजमेंट कोटे में सीट दिलवाने का झांसा देकर की गई है। चंडीगढ़ के सेक्टर-36डी के रहने वाले दीपक सैनी और उनकी प|ी ने डॉ. अग्रवाल से सीट दिलवाने का सौदा 50 लाख में तय किया था और एडवांस में 20 लाख रुपए लिए थे। इसके बाद न तो डॉ. अग्रवाल के बेटे को उक्त मेडिकल कॉलेज में सीट मिली न ही पैसे लौटाए। बुधवार को लंबी जांच के बाद थाना रामामंडी में सैनी दंपति के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420 और 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है। सीपी ने सारे मामले की जांच एसीपी (सेंट्रल) हरसिमरत सिंह की सुपरविजन में एसएचओ सुलखण सिंह को सौंप दी है। प्राथमिक जांच के दौरान सैनी दंपति जांच का हिस्सा नहीं बने थे।
मंगलौर के कॉलेज से राहुल अग्रवाल ने ली एमबीबीएस की डिग्री
छोटी बारादरी के रहने वाले यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेश अग्रवाल ने बीते साल 18 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि वह सर्वोदया अस्पताल पार्टनरशिप में चलाते हैं। उनके बेटे राहुल ने 2014 में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मंगलौर से बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) की डिग्री की थी। वह बेटे को अच्छी मेडिकल कॉलेज से मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) की डिग्री करवाने चाहते थे। उन्होंने परिचित लुधियाना के रहने वाले डॉ. रविंदर से बात की तो उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के सेक्टर-36डी में रहते दीपक सैनी उनका काम करवा सकते हैं। इसके बाद डॉ. अग्रवाल ने दीपक सैनी से बात की थी। सैनी ने डॉ. अग्रवाल से जनवरी 2016 में कहा कि वह पुडुचेरी स्थित जवाहर लाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च (मेडिकल कॉलेज) में मैनेजमेंट कोटे में सीट दिलवा सकता हैं। इसके पचास लाख रुपए देने होंगे। बेटे को सीट दिलवाने के लिए डॉ.अग्रवाल ने उनका ऑफर मान लिया। सौदे के अनुसार 20 लाख रुपए एडवांस देने थे। सैनी और उनकी प|ी परागपुर के पास डॉ. अग्रवाल, उनकी प|ी, बेटे, डॉ. जसविंदर सिंह और चित नंदन सिंह मिले। यहां पर सैनी दंपति को 20 लाख एडवांस में दिए गए थे। बाकी पेमेंट सीट मिलने के बाद देनी थी। 3 महीने निकल गए न तो सैनी की कॉल आई न ही कुछ बताया। डॉ. अग्रवाल ने सैनी से बात की तो धमकियां देनी शुरू कर दीं।
डाॅ. राजेश अग्रवाल