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टारगेट किलिंग का मामला- एक कॉल पर बना था दोनों हाथ से फायर करने वाला शार्प शूटर शेरा

bhaskar news | Last Modified - Nov 11, 2017, 05:06 AM IST

इटली से चला था दौर, बाई जी बना पहेली।
  • टारगेट किलिंग का मामला- एक कॉल पर बना था दोनों हाथ से फायर करने वाला शार्प शूटर शेरा
    लुधियाना.पंजाब में दस महीनों के दौरान हिंदू नेताओं समेत 7 टारगेट किलिंग मामले में पुलिस ने अमलोह के गांव मंजी के रहने वाले शूटर हरदीप सिंह उर्फ शेरा(21) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से 3 मोटरसाइकिल, कार, स्विस की एअर गन, 9 एमएम का पिस्तौल, 32 30 बोर का रिवॉल्वर, 315 बोर सिंगल शॉट कंट्री मेड पिस्टल, 60 कारतूस अन्य सामान भी बरामद किया है।
    कट्टरपंथी सोच वाले शेरा के पास बाई जी नामक शख्स की ओर से आई एक कॉल ने ही उसे दोनों हाथों से फायरिंग करने वाला शूटर बना दिया। इसी कॉल से शेरा की सोच बदली और केएलएफ के साथ जुड़ गया। लुधियाना में डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि शेरा ही दोनों हाथों से फायरिंग करता था। गौर हो कि रविंदर गोसाईं मर्डर के बाद 23 अक्टूबर को संवेदना व्यक्त करने आए गवर्नर ने भी पुलिस को दोनों हाथों से गोली चलाने वाली शूटर की तलाश करने को कहा था।
    भास्कर खास
    - दोनों हाथों से फायरिंग करने का एक्सपर्ट बनने को एक साल तक की प्रैक्टिस
    - प्रैक्टिस करने के लिए इटली से विशेष तौर पर मंगवाई थी एयर गन
    - वारदात के बाद इटली से नया टारगेट लेकर आता था इंडिया
    - आईटी में माहिर शेरा वारदात के बाद नहीं छोड़ता था कोई सबूत
    - इटली में नाभा जेल ब्रेक कांड के आरोपी गैंगस्टर मिंटू के संपर्क में आया था शेरा
    - गोसाईंमर्डर के बाद गवर्नर ने भी दोनों हाथ से फायर करने वाले को तलाशने को कहा था
    गांव में ही की थी प्रेक्टिस
    दोनों हाथों से फायरिंग करने के लिए शेरा ने अपने ही गांव में करीब 1 साल तक प्रैक्टिस की। इसके लिए शेरा ने इटली से विशेष तौर पर स्विस की बनी हुई एयर गन मंगवाई थी। शेरा ने ही टारगेट किलिंग में प्रमुख भूमिका निभाई। बचपन से ही इटली में रहा शेरा वारदात को अंजाम देने के बाद इटली भाग जाता था और नया टारगेट लेकर इंडिया आता था। इलेक्ट्रॉनिक फील्ड के साथ-साथ आईटी में शेरा माहिर है। शातिर दिमाग शेरा अपने साथी चूहड़वाल के रहने वाले रमनदीप सिंह से मिल कर वारदात को अंजाम देता और पुलिस को गुमराह करने के लिए सारे सबूत मिटा देता था। वारदात को अंजाम देने के बाद हर बार ऐसे रास्ते चुनता था, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हों। बेशक पुलिस ने टारगेट किलिंग की मामलों में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन पुलिस के लिए अब बाईजी नामक शख्स एक पहेली बन गया है।
    इटली से चला था दौर, बाई जी बना पहेली
    शेरा जब 5 साल का था तो उसे उसके ताया दलजीत सिंह उसे इटली ले गए थे। वहां पर उसने आठवीं क्लास तक पढ़ाई की और फिर इलेक्ट्रॉनिक डिप्लोमा करने लगा। करीब 1 साल के बाद ही उसकी अपने ताया से अनबन हो गई। वह कुछ समय के लिए इंडिया गया। वापस इटली जाने के बाद उसने फिर दूसरे स्थान पर जाकर डिप्लोमा शुरू कर दिया। जब शेरा 18 साल का था तो पहली बार नाभा जेल ब्रेक कांड के मुख्य आरोपी हरमिंदर मिंटू से इटली में मुलाकात हुई थी। तभी मिंटू कुछ दिन के लिए इटली में उसके घर रुका। इसी दौरान शेरा को केएलएफ के साथ जुड़ने के लिए कहा। उसके बाद उसकी मिंटू के साथ बातचीत होती रही। जेल ब्रेक के बाद मिंटू को थाइलैंड की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान जब उसने मिंटू के फोन पर कॉल की तो उसकी कॉल किसी बाई जी नामक शख्स ने उठा ली। बातचीत के बाद शेरा उसके साथ जुड़ गया और फिर उसने टारगेट किलिंग का सफर शुरू कर दिया। मेन वारदात का टारगेट उन्हें बाई जी से ही मिलता था।
    सेफ टारगेट, सेफ रास्ता वो भी हाईवे के निकट
    सूत्रों के अनुसार आरोपी सेफ टारगेट ढूंढते थे और वारदात के बाद सेफ रास्ते से भाग निकलते थे। खन्ना की वारदात मेन रोड पर, किदवई नगर में हमला, कुंदनपुरी, अमित शर्मा की जगराओं पुल के निकट, डेरा-प्रेमी बाप बेटे, पास्टर सुल्तान मसीह की जीटी रोड गोसाईं की वारदात जालंधर बाईपास गांवों को जाने वाले रास्ते पर कीं। सभी वारदात स्थल मेन रोड से 500 से एक हजार मीटर की दूरी पर है। आरोपी रास्ते भी इस तरह के ढूंढते थे कि जहां पर सीसीटीवी कैमरे हो। पास्टर, अमित गोसाईं मर्डर में आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज क्लियर ही नहीं मिल सकी।
    रमनदीप ने पास्टर, गोसाईं अमित किया था टारगेट
    सूत्रों का कहना है कि आरोपी सोशल साइट्स पर देख कर ही टारगेट का चयन करते थे। आकाओं ने केवल गगनेजा का टारगेट दिया था। उसके बाद आरोपियों ने सोशल साइट के जरिए टारगेट ढूंढे। आरोपियों ने देखा कि एक साइट पर कट्टरपंथी हिन्दू नेता अापस में गर्म कमेंट्स कर हैं तो उन्होंने शिव सेना नेता को टारगेट किया। एक साइट पर जब ईसाई समुदाय कट्टरपंथियों को आपस में वाक युद्ध करते देखा तो पास्टर को टारगेट किया। माहौल खराब करने के लिए आरआरएस के शाखा प्रशिक्षक को टारगेट किया।

    सोशल मीडिया पर बने थे शेरा और रमनदीप के संबंध
    जांच में पता चला कि रमनदीप शेरा की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए ही हुई थी। कट्टरपंथियों का विरोध करने वाले लोगों के दोनों ही खिलाफ थे। बेअदबी के मामलों के दौरान रमनदीप ने कई धरनों में भाग लिया और सोशल साइट्स पर कमेंट्स भी डाले। फिर विदेश में बैठे अाकाओं से रमनदीप के संबंध बने, जिन्होंने आगे शूटर हरदीप के साथ मिलाया। उसके बाद दोनों मोबाइल पर स्पेशल एप के जरिए बातचीत करते थे। किदवई नगर में की गई वारदात से करीब 3 महीने पहले दोनों आरोपी पहली बार गुरुद्वारा श्री दु:ख निवारण साहिब लुधियाना में मिले थे। वारदात को अंजाम देने के दौरान पहले दो बार रमनदीप ने फायरिंग की, लेकिन वह दोनों बार चूक गया तो फिर शेरा ने मोर्चा संभाला। इलाकों की पूरी जानकारी होने के कारण रमन ने मोटरसाइकिल चलानी शुरू की और शेरा पीछे बैठता था।
    किदवई नगर में आरआरएस के कार्यकर्ता नरेश कुमार शिव सेना के नेता अमित अरोड़ा पर रमनदीप ने फायरिंग की थी लेकिन दोनों बच गए थे। उसके बाद शिव सेना के दुर्गा प्रसाद गुप्ता, पास्टर सुलतान मसीह, आरएसएस के शाखा प्रशिक्षक रविंदर गोसाई श्री हिन्दू तख्त के प्रचारक पर दाेनों हाथों से हरदीप सिंह उर्फ शेरा ने ही फायरिंग की थी। इस दौरान रमनदीप ने हवाई फायरिंग की। जब कि डेरा सच्चा सौदा के सतपाल उसके बेटे रामेश पर दोनों ने ही फायरिंग की।
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Web Title: 7 Target Killing Case In Punjab
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