लुधियाना

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मरीज की हुई मौत, फिर 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और डाॅक्टर से की मारपीट

मरीज की मौत हो गई। इसके के बाद मरीज के घरवाले भड़क उठे।

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 06:56 AM IST
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जगराओं/लुधियाना. सिविल अस्पताल में डायलसिस को आए मरीज को प्राइवेट अस्पताल ले जाने से मना करने पर उसके परिजन एंबुलेंस ड्राइवर से झगड़ा करने लगे। इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। इसके के बाद मरीज के घरवाले भड़क उठे। उन्होंने 108 एंबुलेंस के ड्राइवर एंबुलेंस के सहयोगी डाॅक्टर से मारपीट की। दोनों ने खुद को एमरजेंसी में जाकर बचाया। परिजनों ने एबुलेंस में तोड़-फोड़ करने के बाद आग लगाने की कोशिश भी की। 108 कंट्रोल रूम अमृतसर से सिटी पुलिस जगराओं को दी गई सूचना के बाद मौके पर दो एएसआई सिविल अस्पताल पहुंचे। तब तक लाश को लेकर परिजन जा चुके थे। ये था मामला...

108 एबुलेंस के ड्राइवर गुरविंदर सिंह राउवाल ने बताया कि उन्हें वीरवार की देर शाम सिविल अस्पताल से डायलिसिस को आए एक मरीज को लुधियाना ले जाने के लिए रेफर स्लिप दी गई। मौके पर उन्होंने मरीज को गाड़ी में लिटाया। परिजनों ने मरीज को लुधियाना के दीप या पंचम अस्पताल ले जाने की बात कही। गुरविंदर के मुताबिक उन्होंने मरीज के परिजनों को कहा कि सरकार की हिदायतों के मुताबिक वो या तो लुधियाना के सरकारी अस्पताल जा सकते हैं या फिर चेरिटेबल अस्पताल डीएमसी या सीएमसी में। इस दौरान उन्होंने मरीज के परिजनों को अस्पताल की सरकारी एंबुलेंस या प्राइवेट एंबुलेंस में अपने मरीज को लेकर जाने की बात कही और 108 एंबुलेंस मोड़कर सिविल अस्पताल में ही खड़ी कर दी। मरीज के परिजन बहसबाजी करने लगे इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत से भड़के परिजनों ने गुरविंदर सिंह सहायक डाॅक्टर मुनीष कुमार से हाथापाई करनी शुरू कर दी। गुरविंदर के मुताबिक वो जान बचाने के लिए भागकर एमरजेंसी में आए तो मरीज के परिजनों ने एबुलेंस के शीशे और बोनट पर जोर-जोर से हाथ मारने शुरू कर दिए।

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