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नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगे 6 लाख, निजी बैंक से दिलाया था लोन

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका बेटा जतिंदरपाल सिंह और पुत्रवधु नेहा दोनों ही ग्रेजुएट व स्पोर्ट्समैन हैं।

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 03:59 AM IST

लुधियाना. दंपति को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दे 6 लाख 10 हजार ठगने के आरोप में महिला समेत तीन लोगों को नामजद किया गया है। थाना डिवीजन नंबर 8 में शिकायतकर्ता बलविंदर सिंह के बयान पर आशापुरी की रमनदीप कौर, साहनेवाल के बलजिंदर सिंह व फतेहगढ़ साहिब के बलविंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका बेटा जतिंदरपाल सिंह और पुत्रवधु नेहा दोनों ही ग्रेजुएट व स्पोर्ट्समैन हैं। उनके रिश्तेदार ने ही आरोपी रमनदीप कौर से मिलाया था। रमनदीप ने बताया था कि उसने पहले भी कई लोगों को सरकारी नौकरी पर लगवाया है। शिकायतकर्ता ने अपने बेटे व उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए बात की थी। जिस पर आरोपियों ने 10 लाख की मांग की। एडवांस के तौर पर 6 लाख रुपए की बात तय की गई थी। इतना ही नहीं आरोपियों ने भुगतान कराने के लिए पीड़ित को निजी बैंक से लोन भी दिलवा दिया। पीड़ित ने अलग-अलग चेकों से 5 लाख रुपए का भुगतान कर दिया और 1 लाख 10 हजार रुपए कैश दे दिए। उसके बाद आरोपियों ने टाल मटोल करना शुरू कर दिया। फिर आरोपियों ने उन्हें 5 लाख रुपए के चेक दे दिए, लेेकिन बैंक में चेक लगाने पर फेल हो गए। सब इंस्पेक्टर कुलविंदर सिंह ने बताया कि जांच के बाद ही मामला दर्ज किया गया है।

एएसआई ने पुलिस में भर्ती कराने के नाम 3.70 लाख ठगे

पंजाब पुलिस में भर्ती करवाने के नाम पर एएसआई मलकीत सिंह ने एक युवक से 3.70 लाख रुपए ठग लिए। बाद में एएसआई ने पैसे वापस करने की एवज में सिक्योरिटी के तौर पर एक चेक दे दिया। कई लोगों के कहने के बावजूद उसने पैसे नहीं किए। पीड़ित ने इस संबंध में एक मार्च को पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी। जांच के बाद थाना पीएयू पुलिस ने शिमलापुरी के रहने वाले रवि शर्मा की शिकायत पर एएसआई मलकीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

एएसआई लखविंदर मसीह ने बताया कि आरोपी मलकीत सिंह पंजाब पुलिस में एएसआई है और मौजूदा समय में ह्यूमन ट्रैफिक विंग में तैनात है। शिकायतकर्ता रवि शर्मा और एएसआई मलकीत सिंह आपस में जानकार है। रवि ने अपने भांजे जीवन लाल को पुलिस में भर्ती करवाने के लिए मलकीत से बात की। मलकीत ने अक्टूबर 2015 में भर्ती कराने को 15 लाख रुपए देने को कहा, लेकिन आखिर में 12 लाख रुपए में बात तय हो गई। जीवन ने अलग-अलग समय में पांच लाख रुपए दे दिए, जबकि बाकी के सात लाख काम होने के बाद देने थे। पैसे लेने के बाद उसने 2-3 महीने में नौकरी का नियुक्ति पत्र दिलवाने की बात कही। लेकिन एक साल तक टाल मटोल करने के बाद एएसआई ने नौकरी न मिलने की बात कही और जल्द पैसे वापस करने का बोला। कई बार कहने के बाद अक्टूबर 2016 में एएसआई ने तीन बार में 1.90 लाख रुपए दे दिए। बाकी की रकम देने के लिए वह फिर टाल मटोल करने लगा। परेशान होकर रवि शर्मा ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी।

पुलिस में भर्ती कराने के नाम ठगने वाला गिरफ्तार

लुधियाना| पुलिस में भर्ती के नाम पर लोगों से ठगी मारने के आरोप में वॉन्टेड आरोपी को पुलिस ने लाडोवाल की चिट्टी कॉलोनी के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चिट्टी कॉलोनी का कुलविंदर सिंह है। सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रेम सिंह ने बताया कि 2013 में सरकार की तरफ से पुलिस में नई भर्ती करने की बात कही गई थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने कई लोगों से ठगी मार ली। इसके बाद थाना लाडोवाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। उसके बाद से आरोपी फरार था। अदालत की ओर से उसे वॉन्टेड करार दिया गया था। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी इलाके में घूम रहा है। जिसके बाद रेड कर उसे काबू कर लिया गया।