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डेढ़ साल से कमरे में बंद 72 साल की बुजुर्ग महिला, दर्द के कारण अकसर चीखती थी संतोष

संस्था की ओर से इस संबंध में पुलिस को सूचित किया गया।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 06:43 AM IST
बुजुर्ग महिला। बुजुर्ग महिला।

लुधियाना. एक घर में कमरे में डेढ़ साल से बंद 72 साल की बुजुर्ग महिला को वुमेन वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों की ओर से रिहा करवाया गया। एसोसिएशन की महा सचिव कंचन शर्मा ने बताया कि महिला को उसके बेटे द्वारा पसंद करने की वजह से बंद करके रखा हुआ था। गंदगी में रहने और रोटी खाने के कारण संतोष की हालत काफी खराब थी। जिसके चलते उन्हें पुलिस की सहायता से संस्था ने एम्बुलेंस के साथ हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। जहां उनका इलाज जारी है।

ये था मामला

करीब डेढ़ साल पहले बुजुर्ग महिला संतोष के पति की मौत हो गई थी। उसका एक एक बेटा है। बेटे ने महिला को न्यू टैगोर नगर स्थित उनके घर के कमरे में ही बंद कर दिया और मेन गेट को भी ताला लगाकर खुद दूसरी जगह किराए पर रहने लग गया।

दरवाजे के नीचे से रोटी देकर चला जाता था बेटा

वह रोजाना सुबह आता था और मां को दरवाजे के नीचे से रोटी देकर चला जाता था। जबकि ज्यादा चल पाने के कारण संतोष खाना उठा नहीं पाती थी। इसी वजह से गिर गिरकर उनकी टांगों में गहरी चोटें गई। संतोष ने बताया कि उनसे शौचालय भी नहीं जाने दिया जाता था। जिस कारण कमरे में ही उनके शौच करना पड़ता था।

इस कारण चीखती थी महिला
दर्द के कारण संतोष अक्सर ऊंची ऊंची चीखती थी। जब इलाके के लोगों ने उनकी आवाजें सुनी तो कई बार उनके बेटे को भी कहा। लेकिन वह नहीं माना। जिसके बाद इलाकावासियों ने इसकी जानकारी कंचन शर्मा को दी। कंचन ने बताया कि सूचना मिलने पर वह मंगलवार को अपनी एसोसिएशन के सदस्यों समेत वहां पहुंची और संतोष को रिहा करवाया।

सूचना मिलने पर चौकी जगतपुरी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। महिला के बेटे ने माफीनामा लिखकर आगे से अपनी मां संतोष चावला का ध्यान रखने की बात कही। जिसके बाद उसे छोड़ा गया। वुमेन वेल्फेयर एसोसिएशन की कंचन ने बताया कि संतोष की आंखों से भी दिखाई नहीं दे पा रहा और टांगों में चोटें आने के कारण चलने में परेशानी हो रही है।

आगे की स्लाइड्स में देखें कैसा था कमरे का मंजर...