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6 साल की बच्ची को चिप्स-समोसे देकर ले गया पड़ोस का हलवाई, रेप के बाद गला घोंटा

कैटरर के पास काम करने वाले 40 साल के हलवाई ने दुष्कर्म के बाद छह साल की बच्ची को गला घोंटकर मार डाला।

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 05:57 AM IST

लुधियाना. कैटरर के पास काम करने वाले 40 साल के हलवाई ने दुष्कर्म के बाद छह साल की बच्ची को गला घोंटकर मार डाला। मासूम से ऐसी दरिंदगी मंगलवार शाम बस्ती जोधेवाल इलाके के फावड़ा रोड पर स्थित सिरीयांश नगर में हुई। दरिंदा बच्ची को पहले मूंगफली, चिप्स फिर समोसा दिलाया और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। बच्ची से हैवानियत के बाद लाश पीड़ित परिवार के घर के पास ही खाली प्लॉट में फेंक दी। बुधवार सुबह पीड़ित परिवार के वेहड़े की पहली मंजिल पर रहने वाला बच्चा ब्रश करने छत पर गया तो उसने प्लॉट की दीवार के साथ बच्ची को पड़े देखा। घरवालों ने जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। बच्ची की पीठ और चेहरे पर भी चोटों के निशान थे। हलवाई को थाना बस्ती जोधेवाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह गोदाम के एक कमरे में डिब्बों के पीछे छुपा बैठा था।

पुलिस ने होजरी में काम करने वाले बच्ची के पिता के बयान पर आरोपी मुंबई के रहने वाले प्रमोद कुमार उर्फ पंडित के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। वह तीन साल से इसी इलाके में रहता हैं और उसकी पत्नी 6 महीने पहले ही गांव से आई थी। उसकी तीन बच्चियां हैं। सबसे बड़ी बच्ची आंगनबाड़ी स्कूल में पढ़ती थी। आरोपी पीड़ित परिवार के घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित कैटरर के गोदाम में ही रहता है। सिविल अस्पताल में डॉ. बिंदू, डॉ. गुरविंदर कौर और डॉ. सुरभि की टीम ने लाश का पोस्टमार्टम करने के बाद दुष्कर्म की पुष्टि की है।

दुकानदार ने आरोपी को देखा था बच्ची को सामान दिलाते और अपने साथ ले जाते
रातभर ढूंढते रहे परिजन, घर से 70 कदम पर पड़ी थी बच्ची

घर के पास ही होजरी में काम करता हूं। रोज की तरह शाम 7.30 बजे घर पहुंचा तो घर के बाहर लोग इक्ट्ठा थे। मालूम चला कि बच्ची घर से गायब है। काफी ढूंढने पर जब बच्ची नहीं मिली तो थाना बस्ती जोधेवाल में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी। बार-बार लाउड स्पीकर से अनाउंसमेंट भी की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह करीब 7 बजे पता चला कि बच्ची की लाश घर के साथ खाली प्लॉट में 70 कदम दूर पड़ी है। -जैसा बच्ची के पिता ने बताया।

दुकानदारों ने बताया तब हुआ शक
दोनों दुकानदारों ने बताया कि हलवाई प्रमोद बच्ची के साथ घूम रहा था। जब सभी बच्ची को ढूंढ रहे थे तो पड़ोस में रहने पर भी आरोपी वहां नहीं था। सुबह भी वह कहीं दिखाई नहीं दिया तब लोगों को शक हुआ। पुलिस को लोगों ने आरोपी के बारे में बताया। कैटरर के गोदाम में बने कमरे में ही आरोपी रहता था। पुलिस ने रेड की तो आरोपी कमरे से निकल कर डिब्बों के पीछे छिप गया। पुलिस जाने लगी तभी एक महिला की नजर हिल रहे डिब्बों पर पड़ी। उसने शोर मचाया और पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया।

बचपन की यह भयानक पीड़ा, बच्चों के लिए डरावनी, हमारे लिए शर्मनाक
मेरा नाम- कुछ भी। गलती- बच्चा होना। अपराधी-मुझसे बड़ा कोई भी।
कई चेहरों में छिपे भेड़िये बचपन को नोंच रहे हैं- इस बार चेहरा पड़ोसी का निकला।
समाज में इतने सारे अच्छे लोग फिर भी बच्चों की सुरक्षा यकीनी क्यों नहीं?


जब पप्पू मेरी दुकान पर आया तो पहले उसने बच्ची को मूंगफली लेकर दी और बच्ची चली गई। फिर वह दोबारा बच्ची को लेकर आया और चिप्स का पैकेट दिलाया। पहले कभी भी उसने बच्ची को कोई चीज नहीं दिलवाई थी। -विक्की, दुकानदार

फावड़ा रोड पर सिरीयांश नगर का पीड़ित परिवार, मंगलवार शाम से गायब थी बच्ची
लाश दीवार के सहारे लगाकर छोड़ गया था दरिंदा: आरोपी ने खाली प्लाॅट में वारदात को अंजाम दिया। प्लॉट के बाहर ईंटें भी रखी थीं। प्लाट नीचा होने से आरोपी ने वारदात के बाद बच्ची को दीवार के साथ लगा कर छोड़ दिया। अंधेरा होने के कारण खोजबीन के दौरान बच्ची का पता नहीं चल सका। (तस्वीर) शव मिलने की जगह से सबूत जुटाते जांचकर्मी।


देर शाम पप्पू कुछ देर मेरी दुकान पर खड़ा रहा। उसने बच्ची को समोसे लेकर दिए और बीड़ी का बंडल लिया। बच्ची समोसा नहीं ले रही थी, लेकिन पप्पू ने उसके हाथ में समोसा पकड़ा दिया। फिर पता नहीं पप्पू किधर चला गया। -अजय कुमार, दुकानदार