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एनकाउंटर- राजस्थान के रेतीले टीलों में छुपने के लिए गैंगस्टर लूटते हैं फॉर्च्यूनर

ये भी ज्यादातर राजस्थान में ही सक्रिय थे। पंजाब में वारदात कर वहीं छुपते थे।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 06:24 AM IST

बठिंडा. शुक्रवार को बठिंडा में हुए एनकाउंटर में भी गैंगस्टर्स से लूटी गई फार्च्यूनर गाड़ी ही बरामद हुई है। 2012 से लेकर 2017 तक हुए 4 एनकाउंटर व अन्य घटनाओं पर नजर डालें तो इनमें भी गैंंगस्टर्स से फार्च्यूनर ही पकड़ी गई थीं या लूटी गई थीं। इस गाड़ी का इस्तेमाल गैंगस्टर्स यूपी और पंजाब में वारदात के बाद राजस्थान में रेत के टीलों में छुपने के लिए करते हैं। क्योंकि रेत में चलने के लिए फोर वाय फोर गाड़ी चाहिए जिसके लिए फार्च्यूनर सबसे दमदार है। शुक्रवार को बठिंडा एनकाउंटर में शामिल तमाम गैंगस्टर फाजिल्का और अबोहर के हैं। ये भी ज्यादातर राजस्थान में ही सक्रिय थे। पंजाब में वारदात कर वहीं छुपते थे।


इधर एनकाउंटर में गैंगस्टर हरविंदर भिंदा की गिरफ्तारी नाभा जेल ब्रेक में वांटेड गौंडर, प्रेमा लाहौरिया, हैरी चट्‌ठा, सुखभखारीवाल, गुरप्रीत गोपी और गुरप्रीत कौड़ा की गिरफ्तारी के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती है। क्योंकि गौंडर जेल ब्रेक के बाद ज्यादातर राजस्थान में ही छिपता रहा है। गुरप्रीत सेखों भी मोगा में पकड़े जाने से पहले राजस्थान से ही आया था। भिंदा व उसका गैंग कई सालों से राजस्थान में सक्रिय होने से वहां के हर ठिकाने से वाकिफ है और वह नाभा जेल ब्रेक के बाद गौंडर के संपर्क में भी रहा है। इसलिए पुलिस अब उससे गौंडर के ठिकानों संबंधी सुराग ढूंढने में लगी है। आईजी मुखविंदर सिंह छीना के मुताबिक उन्हें शेरा की बुआ बेटा होने के चलते भिंदा गौंडर के काफी नजदीक है इसलिए उससे गौंडर तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है।

2012 से 2017 की घटनाएं, जिनमें फॉर्च्यूनर इस्तेमाल

- 6 सितंबर 2012 को बठिंडा में शेरा का एनकाउंटर हुआ, उसके पास फॉर्च्यूनर थी, जिसे मोहाली से लूटा था।
- 21 जनवरी 2015 को फगवाड़ा में गौंडर ने सुक्खा काहल्वां का एनकाउंटर किया, उसमें भी फॉर्च्यूनर इस्तेमाल हुई, जिसे मोगा से लूटा था।
- 11 सितंबर 2016 को बठिंडा में गैंगस्टर दविंदर बंबीहा का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। उसके पास भी फॉर्च्यूनर बरामद हुई थी।
- 30 अप्रैल 2016 को गैंगस्टर से नेता बने जसविंदर रॉकी की परवाणु में हत्या हुई। गाड़ी भी फॉर्च्यूनर थी।
- 27 नवंबर 2016 को नाभा जेल ब्रेक में भी अबोहर से लूटी फॉर्च्यूनर यूज ।
- 12 दिसंबर 2017 को यमुनानगर के छछरौली में गौंडर की फॉर्च्यूनर पलटी, जिसे लुधियाना से लूटा गया था।
- 14 दिसंबर 2017 बठिंडा के गुलाबगढ़ एनकांउटर में भी गैंगस्टरों के पास फॉर्च्यूनर थी, जिसे भुच्चो से लूटा गया था।
- पुलिस के पास पंजाब में मात्र 3 फॉर्च्यूनर गाड़ियां है

गौंडर की मदद से भिंदा ने बनाया था अपना गैंग
पकड़ा गैंगस्टर भिंदा हाइवे रॉबर गैंग सरगना रहे शेरा खुब्बन की बुआ का बेटा है। जिसने शेरा के 6 सितंबर 2012 को बठिंडा में एनकाउंटर के बाद उसके गैंग के ही सदस्य रहे गौंडर की मदद से राजस्थान में अपना गैंग खड़ा किया। पीलिया बंगा राजस्थान में 25 जून 2015 को एमजीबी ग्रामीण बैंक में 8.03 लाख और 2 जुलाई 2015 को बीकानेर के बज्जू इलाके में बैंक ऑफ बडौदा से 6 लाख लूटे।

पहले शेरा के गैंग में ही था गौंडर, एनकाउंटर के बाद अलग हुआ

हाइवे रॉबर गैंग की शुरुआत 2009 में गैंगस्टर शेरा खुब्बन ने चंडीगढ़ से की थी। इसमें गैंगस्टर जयपाल, तीर्थ ढिलवां, राजीव राजा, हरिंदर टीनू, हरजोत, गौंडर, गुरप्रीत सेखों, कुलप्रीत नीटा भी थे। इन्होंने 2010 में होशियारपुर में गन हाउस से 100 के करीब हथियार लूट थे। फिर मोहाली बैंक डकैती, पंचकुला बैंक डकैती समेत कई वारदातें कीं। 2010 में पकड़े जाने के बाद बुडै़ल जेल में जयपाल, शेरा की मुलाकात गैंगस्टर जसविंदर सिंह रॉकी से हुई। जेल से छूटने के बाद 2012 में शेरा ने जब फिरोजपुर में हैपी दयौड़ा को मारा तो रॉकी और शेरा में बिगड़ गई। 6 सितंबर 2012 में शेरा का बठिंडा में एनकाउंटर कर दिया। इसके बाद जयपाल, तीर्थी, चंदू और गौंडर ने अपना गैंग बना लिया और राजस्थान चले गए। यहीं पर इन्होंने भिंदा को भी गैंग बनाने में मदद की। सेखों ने रम्मी मशाना से मिल गैंग पंजाब में चलाया। जयपाल को शेरा के एनकाउंटर में मुखबरी का शक रॉकी के नजदीकी करमीती पर था। जयपाल ने दिसंबर 2013 में करमीती और उसके एक साथी को मार दिया। इसके बाद जयपाल, तीर्थ ढिलवां और चंदू अलग हो गए। गौंडर ने साथी की हत्या का बदला लेने को 21 जनवरी 2015 को सुक्खा काहलवां की हत्या की।