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दिव्यांग को है पढ़ने का शौख, 8 साल से ट्राइसाइकिल पर 2Km दूर स्कूल ले जाता है भाई

अमरीक क्लास नौंवी का, जबकि राहुल 10वीं का स्टूडेंट है।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 06:05 AM IST

दसूहा/होशइयारपुर. दसूहा से करीब 12 किलोमीटर दूर गांव जागलां का अमरीक सिंह बोलने और चलने में असमर्थ हैं, लेकिन उसके अंदर भी एक सामान्य छात्र की तरह पढ़ने की ललक है। उसकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए 8 साल से ट्राइसाइकिल पर छोटा भाई राहुल घर से तीन किलोमीटर दूर स्थित संसारपुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल ले जा रहा है। इलाके के लोग दोनों भाइयों के जज्बे को सलाम करते नहीं थक रहे। अमरीक क्लास नौंवी का, जबकि राहुल 10वीं का स्टूडेंट है।


स्कूल के प्रिंसिपल विनय कुमार शर्मा ने बताया की अमरीक सिंह को सीडब्लयूडीएन (चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड) की कैटेगिरि में रखा गया है। कहा, अमरीक सिंह पढ़ाई में तेज है, वह सभी बातों को अच्छी तरह से समझता तो है, लेकिन बोलने व लिखने में उसे परेशानी होती है। मां किरण देवी ने बताया कि अमरीक सिंह का जन्म 1997 में हुआ था। जन्म के कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि वह बोलने व चलने में असमर्थ है। इलाज के लिए उसे कई जगह लेकर गए। डाक्टरों ने बताया कि अमरीक के सिर की नसें ब्लॉक हैं। पिता संसार सिंह ने बताया कि वह राज मिस्त्री का काम करके घर का गुजारा करते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कराण उन्होंने शहर के बड़े अस्पताल में उसका इलाज नहीं कराया। कहा, हमें तो यह भी नहीं पता कि अमरीक को कौन सी बीमारी है।

बेटों को दोपहिया वाहन नहीं दिला पा रहे पिता

संसार सिंह ने बताया की उन्होंने कई बार सोचा कि एक बाइक अथवा स्कूटर खरीद लें ताकि स्कूल जाने में समय बचने के साथ-साथ बच्चों को आसानी हो। लेकिन आर्थिक हालातों ने इसकी इजाजत नहीं दी और आज तक वह बाइक के लिए रुपए नहीं जुटा पाए।


आगे की पढ़ाई के लिए आ रही समस्याएं

परिजनों ने बताया की अमरीक सिंह 9वीं में है। छोटा बेटा दसवीं के बाद नॉन मेडिकल की पढ़ाई करना चाहता है, जो वर्तमान स्कूल में उपलब्ध नहीं है। आगे की पढ़ाई के लिए उसे 12 किलोमीटर दूर दसूहा जाना होगा। ऐसे में अमरीक को स्कूल कौन लेकर जाएगा यह बड़ा सवाल है। कहा कि काम के सिलसिले में उन्हें दूरदराज के गांव जाना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में भी रुचि

छोटे भाई राहुल ने बताया कि अमरीक सिंह को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से बहुत प्रेम है। बेशक वह ज्यादा चल और बोल नहीं पाता लेकिन उसे मोबाइल और कंप्यूटर की अच्छी तरह से समझ है। तकनीकी चीजों के बारे में उसे अच्छी जानकारी है। आसानी से वह इन चीजों को समझ लेता है।


नहीं मिली मदद

परिजनों ने बताया कि अमरीक सिंह के इलाज और पढ़ाई में किसी संस्था अथवा राजनीतिक लोगों ने कोई मदद नहीं की। फिलहाल परिजन अमरीक सिंह के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।