लुधियाना

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बिना फाइल के एडमिट नहीं किया गर्भवती को, लेबर रूम के बाहर हुई डिलीवरी

पति को भी भेज दिया था आशा वर्कर को बुलाने

Danik Bhaskar

Jan 03, 2018, 07:15 AM IST

लुधियाना. सिविल हॉस्पिटल के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में मंगलवार शाम को फाइल न बनी होने पर गर्भवती को एडमिट नहीं किया गया। इसके चलते उसकी डिलीवरी लेबर रूम के बाहर ही हो गई। उस समय पति फाइल बनवाने के लिए आशा वर्कर को ढूंढ रहा था। घटनास्थल पर मौजूद दूसरे मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।


हुआ यूं कि विजय नगर में रहने वाले रिक्शा चालक दिनेश की पत्नी पूनम को लेबर पेन शुरू हुई तो वह उसे लेकर शाम छह बजे सिविल हॉस्पिटल के एमसीएच विंग में पहुंचा। लेबर रूम में मौजूद स्टाफ ने उसे आशा वर्कर को बुलाकर लाने को कह दिया और उसकी पत्नी पूनम को बाहर इंतजार करने को कह दिया। दिनेश आशा वर्कर को बुलाने चला गया तो कुछ ही मिनटों बाद पूनम को लेबर पेन शुरू हो गई और उसका आधा बच्चा डिलीवर हो गया। वहां मौजूद दूसरे मरीजों के परिजनों ने शोर मचाया तो काफी देर बाद लेबर रूम का स्टाफ बाहर आया और पूनम को अंदर ले गया। इसके चलते वहां मौजूद लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। दिनेश ने बताया कि लेबर रूम की दीदी ने कहा कि आशा वर्कर को बुलाकर लाओ। वह आशा वर्कर को बुलाने चला गया और बाहर ही पत्नी की डिलीवरी हो गई।

बिना फाइल नहीं कर सकते एडमिट: एसएमओ

एमसीएच की एसएमओ डॉ. हतिंदर कौर ने कहा कि जब मरीज लेबर रूम में आया तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उसे चेक किया। मरीज को अपने साथ आशा या किसी अन्य महिला को बुलाकर लाने को कहा, ताकि फाइल बनवाई जा सके। क्योंकि फाइल के बिना एडमिशन नहीं हो सकती थी। उसका पति आशा वर्कर को बुलाने चला गया और वह बाहर खड़ी होकर उसका इंतजार करने लगी। इसी बीच डिलीवरी हो गई। स्टाफ उसे अंदर ले आया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

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