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बहू-बेटे से दुखी बुजुर्ग दंपति ने 6 सुसाइड नोट चिपकाए, निगलीं नींद की गोलियां

हादसे का पता सोमवार को सुबह उस समय चला जब मोहल्ले में रहने वाली महिला उन्हें नाश्ता देने गई।

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2018, 07:59 AM IST
हॉस्पिटल में एडमिट अविनाश कौर और गुरमीत सिंह। हॉस्पिटल में एडमिट अविनाश कौर और गुरमीत सिंह।

लुधियाना. चंडीगढ रोड पर एलआईजी फ्लैट्स में बुजुर्ग दंपति ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते सुसाइड करने की कोशिश की। इससे पहले दंपति ने अपने कमरे की अलग-अलग दीवारों पर 6 सुसाइड नोट चिपका दिए। इसमें उन्होंने बेटे व बहू से दुखी होकर जीवन लीला समाप्त करने की बात लिखी है। दंपति ने पहले नींद की गोलियां निगली और फिर बुजुर्ग ने परने से पंखे के सहारे फंदा लगाने की कोशिश की। छत नीचे होने के कारण फंदा न लग सका।


नाश्ता देने गई महिला तो हुई जानकारी

हादसे का पता सोमवार को सुबह उस समय चला जब मोहल्ले में रहने वाली महिला उन्हें नाश्ता देने गई। जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने मोहल्ले के अन्य लोगों को सूचित किया। फिर लोगों ने पास में ही रहने वाले दंपति के बड़े बेटे कुलविंदर सिंह को फोन पर बताया। कुलविंदर ने मौके पर पहुंच कर दरवाजा तोड़ा और देखा दंपति बेड पर बेहोशी ही हालत में थे और फंदा लटक रहा था। आसपास सुसाइड नोट चिपके हुए थे। लोगों ने दोनों को सीएमसी अस्पताल पहुंचाया। उनकी पहचान गुरमीत सिंह(65)व उसकी पत्नी अविनाश कौर(62) के रूप में हुई है।

छोटे बेटे को लिया हिरासत में

थाना डिवीजन नंबर 7 के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने मौके पर पहुंच कर दंपति का मोबाइल, सुसाइड नोट व अन्य सामान जब्त कर लिया। पुलिस ने दंपति के छोटे बेटे हरविंदर सिंह को भी हिरासत में ले लिया है। दूसरी तरफ हादसे के बाद दंपति के परिजन खुड्ड मोहल्ला स्थित उनके पुश्तैनी घर में रह रहे, छोटे बेटे हरविंदर सिंह व उसकी पत्नी पायल को शिकायत करने गए तो वहां पर दाेनों पक्षों में विवाद हो गया। हरविंदर का ससुर सुरजीत सिंह मौके पर बेहोश हो गया। उसे भी सीएमसी में भर्ती करवाया गया, जबकि पायल व अन्य लोग मौके से फरार हो गए।

झूठे केस में फंसाने की देते थे धमकी

दंपति के परिजनों ने बताया कि गुरमीत सिंह का खुड्ड मोहल्ला में पुश्तैनी घर है। बड़े बेटे की शादी के बाद वह चंडीगढ रोड पर स्थित एमआईजी फ्लैट में चला गया। दंपति का अपने छोटे बेटे के साथ विवाद रहता था। फिर दंपति भी रहने के लिए एलआईजी फ्लैट्स में चला गया। लेकिन उसके बाद भी जायदाद में हिस्से को लेकर छोटा बेटा व उसकी पत्नी उन्हें परेशान करते रहते थे। इस दौरान कई बार उनका पंचायती फैसला भी किया गया, लेकिन हर बार कोई न कोई बात बना कर दोनों अपने माता-पिता को परेशान करते थे। उनका आरोप था कि बेटे का ससुर उनकी सहायता करता था और राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस की सहायता से उन पर दबाव बनाता था।

दो कमरों में ताला लगाकर सामान रखा था दंपति ने

दंपति ने पुश्तैनी घर में दो कमरों को ताला लगा कर अपना सामान रखा हुआ था। कुछ दिन पहले बेटे ने कमरों के ताले तोड़ कर सारा सामान निकाल लिया। पता चलने पर दंपति ने इसका विरोध किया। जब वह अपना सामान देखने के लिए खुड्‌ड मोहल्ला गए तो वहां पर विवाद हो गया। बेटे व उसकी बहू ने थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस को झूठी शिकायत दे दी कि बुजुर्ग महिला ने उससे मारपीट करते हुए उसके पेट में टांगे मारी हैं। परिजनों के अनुसार अविनाश कौर को शिकायत के कारण सारा दिन थाना डिवीजन नंबर 3 में बिठा कर रखा। देर शाम को पुलिस ने महिला को वापस घर भेज दिया। उसके बाद उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकियां व उन्हें व उनके रिश्तेदारों को झूठे केस में फंसाने की धमकियां देते रहे। जिस कारण दोनों काफी परेशान हो गए।

गुरमीत सिंह। गुरमीत सिंह।
अविनाश कौर। अविनाश कौर।
दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट। दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट।
दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट। दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट।
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हॉस्पिटल में एडमिट अविनाश कौर और गुरमीत सिंह।हॉस्पिटल में एडमिट अविनाश कौर और गुरमीत सिंह।
गुरमीत सिंह।गुरमीत सिंह।
अविनाश कौर।अविनाश कौर।
दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट।दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट।
दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट।दंपति ने कमरे में अलग-अलग दीवारों पर लगाए थे 6 सुसाइड नोट।
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