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दीदी ने संदूक में रखा है पोते का कंकाल, बोलीं- कातिलों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार

पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार करके उसके सामने लाएगी, तभी वह संदूक की चाबियां देगी।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 08:08 AM IST

लुधियाना. थाना हठूर के अंतर्गत पड़ते गांव देहड़का के परिवार के इकलौते बेटे और दो बहनों के भाई गुरप्रीत सिंह की हुई बेरहमी से हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस पांच दिन बीतने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि पुलिस की और से सौंपे गए मृतक का कंकाल और हड्डियां उसकी दादी ने लकड़ी के संदूक में संभालकर दो ताले लगा दिए हैं।

गुरदियाल कौर का कहना है कि अगर पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार करके उसके सामने लाएगी, तभी वह संदूक की चाबियां देगी। इसमें उसके पोते के शव के टुकड़े और खून में लथपथ कपड़े पड़े हैं। गुरदियाल कौर का ये भी कहना है कि यदि एक या दो दिन के भीतर उसके पोते के कातिल नहीं पकड़े जाते तो वो पोते के शव को सड़क पर रखकर धरना देंगी। तब तक वहां से नहीं उठेंगी, जबतक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते।

30 दिसंबर से लापता था गुरप्रीत

जानकारी के मुताबिक गांव देहड़का का रहने वाला 22 साल का गुरप्रीत 30 दिसंबर को घर से सुबह पांच बजे पटियाला जाने की बात कहकर निकला था। देर शाम तक गुरप्रीत नहीं लौटा तो परिवार ने पहली जनवरी को थाना हठूर में उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। नौ दिन तक उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो लुधियाना पुलिस को गुरप्रीत के लुधियाना बस स्टैंड से अचानक गायब होने की सूचना मिली। इसी दिन ही गुरप्रीत की लाश जांलधर के कस्बा लांबड़ा में बेईं के किनारे पर टुकड़ों में मिला। लुधियाना पुलिस ने गुरप्रीत के पिता जसवीर सिंह के बयानों पर नौ जनवरी को थाना डिवीजन नंबर पांच में मामला दर्ज किया और जांलधर से शव बरामद करके परिवार को सौंप दिया गया।

कई नेता पहुंचे घर, मगर मिला सिर्फ आश्वासन

सोमवार को पुलिस के कई आला अफसर और नेताओं ने परिवार को बेटे का अंतिम संस्कार करने की बात कही, परंतु दादी नहीं मानी। पूर्व अकाली विधायक एसआर कलेर पहुंचे। कलेर ने घरवालों की बात सुनकर सीधे सीपी आरएन ढोके से बात की। उन्होंने बाद दोपहर परिवार समेत लुधियाना आकर मिलने को कहा। परिवार के साथ सीपी से मिलने पहुंचे गांव देहड़का के जसविंदर ने बताया कि सीपी ने इस केस को थाना हठूर में शिफ्ट करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और परिवार को इंसाफ देने का आश्वासन दिया। सीपी ने घरवालों की मांग पर थाना डिवीजन नंबर पांच के एसएचओ और केस के जांच अधिकारी को भी तुरंत दफ्तर बुलाकर केस संबंधी रिपोर्ट देने की बात कही। गुरदियाल कौर का कहना है कि पांच दिन से लेकर आज सोमवार तक गांव के सैकड़ों लोग, कई पुलिस अफसर घर आए, परंतु सभी आश्वासन देकर ही चले गए। उन्होंने कहा कि उसके पोते की न तो किसी से कोई दुश्मनी थी और न ही कभी उसका किसी से झगड़ा हुआ। फिर भी उसे बेरहरमी से मारा गया। गौर हो कि इस मामले में पुलिस को पहली लीड गुरप्रीत से मोबाइल से ही मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने लुधियाना की युवती को हिरासत में लिया था। उसने ही उसकी लाश के बारे में जानकारी दी थी।