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रॉक बैन्ड ने रथयात्रा में दी परफोर्मेंस, हाईटेक यात्रा में अंग्रेजों समय के रथ का हुआ यूज

रथयात्रा में इस बार 100 के करीब विदेशी भक्तजन भी शामिल हुए। उज्बेकिस्तान, कज़ाकिस्तान, यूक्रेन, अमेरिका के श्रृध्दालु।

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 04:44 AM IST
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा

लुधियाना. बहन देवी सुभद्रा, बड़े भैया बलराम के साथ पुष्प-पल्लव से सुसज्जित रथ पर विराजमान प्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच तकरीबन 10 घंटे तक रहे। शहरवासियों पर कृपा बरसाने निकले माधव के रथ की डोर भक्तों के हाथ में थी। भक्त की मर्जी पर भगवान चल रहे थे। साथ में ढोल-नगाड़े, शंख, मंजीरे और हरी नाम संकीर्तन। दर्शन को लालायित लाखों भक्त, जहां-तहां पूजा पंडाल, लंगर, स्वागत द्वार और जगत पालक पर फूलों की वर्षा और दिव्यभोग का चढ़ावा। इसी के साथ रविवार को 22वीं भगवान जगन्नाथ रथयात्रा संपन्न हो गई।

श्री दुर्गा माता मंदिर से दोपहर लगभग 2 बजे शुरू होकर रथयात्रा फव्वारा चौक, घुमारमंडी, आरती चौक और फिरोजपुर रोड होती हुई रात 12 बजे के आसपास सराभा नगर पहुंची। यहां पर भगवान की पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद प्रभु विश्राम करने के लिए मंदिर में चले गए।

नए डिजाइन का रथ, यात्रा डिजिटल

रथयात्रा में इस बार 100 के करीब विदेशी भक्तजन भी शामिल हुए। उज्बेकिस्तान, कज़ाकिस्तान, यूक्रेन, अमेरिका व यूरोप से आए श्रद्धालुओं ने झूमते-गाते हुए प्रभु दर्शन का आनंद उठाया। पहली बार नामधारी पंथक एकता संस्था के 25 के करीब वॉलंटियर रथयात्रा का हिस्सा बने। इन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से साफ-सफाई का जिम्मा संभाला। रथयात्रा में सारंग ठाकुर और ब्रजवधू के रॉक बैंड ने शुरुआत से लेकर आखिर तक हरे रामा हरे रामा हरे कृष्णा हरे कृष्णा, मंत्रों को रॉकिंग बनाकर प्रस्तुत किया। भक्तजन झूमने पर विवश हो गए। पहली बार भगवान के रथ को नए डिजाइन में सजाया गया, रथयात्रा हुई डिजिटल, लाइव प्रसारण।

छप्पन भोग, भक्तों के लिए 56 तरह का लंगर

जगन्नाथ जी को छप्पन भोग लगाने के लिए प्रसाद के साथ ही भक्तजनों के लिए 56 तरह का लंगर तैयार कराया था। इस पंडाल में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, दिल्ली, गुड़गांव, अम्बाला, राजस्थान के ीजें शामिल की गई थीं। पंडाल में 50 हजार भक्तजनों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। इस सेवा कार्य में कमल ढांडा के साथ उनके पारिवारिक सदस्य भी पूरे श्रद्धाभाव से साथ रहे। उन्होंने प्रसाद के तौर पर बांटने के लिए डेढ़ क्विंटल बेसन के लड्‌डू भी बनवाए थे।

प्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच तकरीबन 10 घंटे तक रहे। प्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच तकरीबन 10 घंटे तक रहे।
jagannath rathyatra in ludhiana
सफाई की सेवा में महिलाएं सफाई की सेवा में महिलाएं
महिलाओं ने रास्ते में झाड़ू भी लगाई। महिलाओं ने रास्ते में झाड़ू भी लगाई।
रथ यात्रा में मौजूद बच्ची। रथ यात्रा में मौजूद बच्ची।
भगवान का रथ। भगवान का रथ।
नामधारी पंथक एकता संस्था के 25 के करीब वालंटियर पहली बार भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का हिस्सा बनें। नामधारी पंथक एकता संस्था के 25 के करीब वालंटियर पहली बार भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का हिस्सा बनें।
गजानन ने यात्रा की बढ़ाई शोभा गजानन ने यात्रा की बढ़ाई शोभा
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भगवान जगन्नाथ रथयात्राभगवान जगन्नाथ रथयात्रा
प्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच तकरीबन 10 घंटे तक रहे।प्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच तकरीबन 10 घंटे तक रहे।
jagannath rathyatra in ludhiana
सफाई की सेवा में महिलाएंसफाई की सेवा में महिलाएं
महिलाओं ने रास्ते में झाड़ू भी लगाई।महिलाओं ने रास्ते में झाड़ू भी लगाई।
रथ यात्रा में मौजूद बच्ची।रथ यात्रा में मौजूद बच्ची।
भगवान का रथ।भगवान का रथ।
नामधारी पंथक एकता संस्था के 25 के करीब वालंटियर पहली बार भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का हिस्सा बनें।नामधारी पंथक एकता संस्था के 25 के करीब वालंटियर पहली बार भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का हिस्सा बनें।
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