लुधियाना

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RTA ऑफिस में मारी रेड तो काम छोड़ भागे क्लर्क, परमिट बांटने में गड़बड़ी

जिलों में आरटीए दफ्तरों और ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 06:00 AM IST
Marie Red in RTA office then left the job clerk

होशियारपुर/जालंधर. विजिलेंस ब्यूरो की चार टीमों ने शुक्रवार को जालंधर और होशियारपुर के रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी के दफ्तरों में रेड की रिश्वत मामले में फंसे असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट अफसर (एटीओ) प्यारा सिंह लंबे समय तक इन दोनों जिलों में तैनात रहे हैं। प्यारा सिंह से हुई पूछताछ के आधार पर विजिलेंस ने दोनों जिलों में आरटीए दफ्तरों और ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

डिर्पाटमेंट के 29 अफसर मुलाजिम इस रेड में शामिल हुए। डीएसपी रैंक के 3, इंस्पेक्टर रैंक के 3 अफसर, एक सब इंस्पेक्टर, 18 एएसआई, हेड कांस्टेबल और 4 कांस्टेबलों ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। तीन टीमें जालंधर और एक होशियारपुर में डटी रही। सर्च देर रात तक चली। विजिलेंस रेड की खबर मिलते ही दोनों जिलों के आरटीए दफ्तरों में काम करने वाले कई क्लर्क भाग निकले। इन क्लर्कों के दफ्तर सील कर दिए गए हैं। करीब 6 लोगों के बयान कलमबद्ध हुए हैं। विजिलेंस ने इन सभी लोगों के बयानों की वीडियोग्राफी भी करवाई है।

रिश्वत लेते पकड़े एएसआई ने लिया था प्यारा िसंह का नाम
विजिलेंसकार्रवाई की शुरूआत असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट अफसर प्यारा सिंह के गनमैन एएसआई रमेश चंद्र उर्फ हैप्पी से हुई। हैप्पी को एक ट्रांसपोर्टर सुखविंदर सिंह से डेढ़ लाख रुपये की वसूली करने के बाद जंडूसिंघा के पास ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया था। हैप्पी ने पूछताछ में बताया कि वह ये पैसे असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट अफसर प्यारा सिंह के लिए लेकर जा रहा था। इसके बाद विजिलेंस ने प्यारा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पिछले दिनों रिमांड पर हुई पूछताछ ने प्यारा सिंह ने आरटीए दफ्तर में बड़े स्तर पर चल रहे रिश्वतखोरी के केस का पर्दाफाश किया। इस बिनाह पर शुक्रवार सुबह विजिलेंस ब्यूरो ने चार टीमें बनाकर आरटीए दफ्तर जालंधर होशियारपुर में छापेमारी की।

भागने वाले मुलाजिमों पर कार्रवाई करेंगे : एसएसपी
एसएसपीविजिलेंस दिलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया, प्यारा सिंह से हुई पूछताछ के बाद यह सामने आया कि आरटीए दफ्तर करप्शन का अड्‌डा बन चुके हैं। यहां संगठित तरीके से रिश्वतखोरी का काम चल रहा है। इसी आधार पर यह रेड हुई है। विजिलेंस जांच शुरू होते ही दफ्तरों के मुलाजिम सहयोग करने की बजाय काम छोड़कर चले गए और वापस नहीं लौटे। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस की टीमें रात तक रिकाॅर्ड खंगालती रही। विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी जांच में आरसी ट्रांसफर, न्यू आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, लर्निंग लाइसेंस से संबंधित अहम रिकाॅर्ड जब्त किया है। आरटीए दफ्तर में बैठने वाले क्लर्क, प्राइवेट कारिंदे, एजेंट और स्मार्ट चिप कंपनी के मुलाजिम पुलिस राडार पर हैं। पता चला है कि इन दफ्तरों में परमिटों को लेकर बड़ी गड़बड़ी हुई है। बड़े स्तर पर परमिट देकर कई बड़े ट्रांसपोर्टरों की बसें चलती रहीं। अफसरों ने लाखों की रिश्वत ट्रांसपोर्टरों से वसूली

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Marie Red in RTA office then left the job clerk
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