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अपने इस बेटे का 23 साल से इंतजार कर रही मां, अब सरकार से लगाई ये गुहार

20 जुलाई 1994 को परमजीत साथी मुलाजिम एसपीओ जसपाल सिंह के साथ गांव आया था।

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 05:52 AM IST
परमजीत सिंह की तस्वीर परमजीत सिंह की तस्वीर

होशियारपुर. जिले के गांव ढांडा खुर्द निवासी एसपीओ परमजीत सिंह का 23 साल से कोई सुराग नहीं है। मां चरण कौर ने डीजीपी, मुख्यमंत्री, गृह विभाग और ह्यूमन राइट कमीशन पंजाब को पत्र लिखकर केस की जांच कर इकलौते बेटे को ढूंढने की मांग की है। पत्र में चरण कौर पत्नी लश्करी राम ने बताया कि होमगार्ड में तैनात बेटे परमजीत सिंह की ड्यूटी 1994 में जालंधर के थाना नकोदर की पुलिस चौकी सिहोवाल में थी। 20 जुलाई 1994 को परमजीत साथी मुलाजिम एसपीओ जसपाल सिंह के साथ गांव आया था।

दोनों ही घर से पुलिस चौकी सिहोवाल गए थे। जाने से पहले बेटे ने बताया था कि वह कमांडो पुलिस में सलेक्ट हो गया है, लेकिन 25 अगस्त 1994 को साथी जसपाल सिंह ने बताया कि परमजीत भेदभरी हालत में लापता हो गया है। दूसरे दिन वह पुलिस चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह को सिहोवाल जाकर मिले तो परमजीत के बारे कुछ नहीं बताया गया। 30 अगस्त को बेटे की गुमशुदगी के बारे एसपीएच जालंधर में शिकायत दी, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। बड़े पुलिस अधिकारियों को मिले तो यही बताया गया कि परमजीत को कमांडो की ट्रेनिंग के लिए जालंधर भेजा था, कहां चला गया पता नहीं। ट्रेनिंग सेंटर बहादरगढ़ भी गए, लेकिन परमजीत यहां आया ही नहीं।

​पुलिस अधिकारियों को भी नहीं पता कहां गया परमजीत

चरण कौर ने बताया कि चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह ने बताया था कि मार्च 1994 से सितंबर 1994 तक परमजीत उनके पास ड्यूटी पर था। 18 जुलाई को थाना नकोदर से सभी एसपीओज को जालंधर में आरजी ड्यूटी पर बुला लिया गया था। इसी दिन परमजीत और जसपाल सिंह को नकोदर भेज दिया गया। इसके बाद वह पुलिस चौकी नहीं आया। 21 जुलाई की शाम 5.15 पर सिहोवाल के किरपाल सिंह, बलकार सिंह, लैहंबर सिंह, सुखदेव ने बताया था कि एसपीओ परमजीत किरपाल सिंह के छोटे भाई ज्ञान सिंह के घर छिपा हुआ है। परमजीत को पुलिस चौकी ला रहे थे तो वह छुड़ाकर भाग गया।

मजदूरी कर घर चला रही हूं, पेंशन दें सीएम : चरण कौर

चरण कौर ने बताया कि वह वह गरीब परिवार से है। पति लश्करी राम बेटे की तलाश में मानसिक रोगी हो गया और 6 साल पहले गम में उसकी मौत हो गई। उसने डीजीपी समेत मुख्यमंत्री से मांग की है कि परमजीत सिंह कि ड्यूटी दौरान हुई गुमशुदगी के मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। घर के गुजारे के लिए पेंशन लगवाने की भी मांग की।

24 अक्टूबर 2005 में थाना नकोदर में दर्ज हुआ था केस

मां चरण कौर ने बताया कि परमजीत सिंह के साथी सिपाही जसपाल सिंह से बात की तो उसने बताया था कि परमजीत सिंह को भी 18 जुलाई को आरजी ड्यूटी के लिए पुलिस लाइन जालंधर भेजा गया था, लेकिन उसने वहां रिपोर्ट ही नहीं की थी। इसके बाद 20 जुलाई को परमजीत ने उसे बताया कि उसे पीएपी में सिपाही का नंबर मिल गया है। इसके बाद वे दोनों गांव में आ गए। फिर परमजीत 2000 रुपए घर से लेकर वापस चला गया, लेकिन इसके बाद उसका परमजीस सिंह से कभी मेल नहीं हुआ। चरण कौर ने बताया कि 24 अक्टूबर 2005 में थाना नकोदर में केस दर्ज हुआ पर मामले में आज तक कोई जांच नहीं हुई। उन्होंने सीएम, डीजीपी और ह्यूमन राइट्स कमीशन से मांग की मामले की पूरी तरह से जांच कर उसे इंसाफ दिलाया जाए। उसे पेंशन लगाने पर भी विचार किया जाए।

एसएसपी जालंधर से नहीं हो सकी बात

मामले को लेकर एसएसपी जालंधर से उनके फोन पर 9876516001 बात करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की।

परमजीत सिंह की तस्वीर दिखाती मां चरण कौर और बहन सोनू। परमजीत सिंह की तस्वीर दिखाती मां चरण कौर और बहन सोनू।