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नाबालिग की जयमाला से पहले पहुंची पुलिस, मां बोली- अभी सिर्फ सगाई है शादी नहीं

शादी समारोह गुप्त तरीके से लड़के वालों के गांव में साथ लगते एक खेत में रखा हुआ था।

Danik Bhaskar | Feb 08, 2018, 07:02 AM IST
नाबालिग बेटी की जबरन शादी करवाना पड़ा परिजनों को महंगा नाबालिग बेटी की जबरन शादी करवाना पड़ा परिजनों को महंगा

हाजीपुर. नजदीकी गांव वेला सरियाणां में मंडप सजा हुआ था...रिश्तेदार और बाराती भी मौजूद थे और डीजे भी बज रहा था। जयमाला की तैयारियां चल रही थीं कि ऐन मौके पर पुलिस पहुंच गई और नाबालिग की शादी को रुकवा दिया। शादी समारोह गुप्त तरीके से लड़के वालों के गांव में साथ लगते एक खेत में रखा हुआ था, ताकि किसी को भनक तक न लगे। ऐसे पकड़ाए दोनों...


मामला हाजीपुर के नजदीकी गांव वेला सरियाणां का है। यहां बुधवार को एक नाबालिग युवती (15 साल)की जबरन एक 23 साल के युवक से शादी करवाई जा रही थी। इसकी सूचना हाजीपुर के एक व्यक्ति ने एसडीएम मुकेरियां कोमल मित्तल को दी कि हाजीपुर के बोलियां मोहल्ला निवासी एक महिला अपनी नाबालिग बेटी की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ कर रही है। एसडीएम कोमल मित्तल ने शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए हाजीपुर पुलिस और सीडीपीओ कार्यालय को कार्रवाई कर शादी रुकवाने के आदेश जारी किए।

पुलिस थाने ले गई
इस पर टीम ने दोपहर करीब एक बजे शादी समारोह में दबिश देकर शादी रुकवाई। पुलिस लड़के और लड़की के साथ-साथ दोनों परिवारों को अपने साथ हाजीपुर पुलिस थाने ले गई। टीम में एसएचओ हाजीपुर लोमेश शर्मा और गांव के सरपंच किशोर कुमार और पंच विमला शर्मा भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार नाबालिग युवती की मांं ने शादी तय करने के बाद बेटी को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया था। युवती सरकारी कन्या स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। यहां जब महिला पुलिस कर्मी द्वारा नाबलिग से शादी के बारे में पूछताछ की गई, तो युवती संतोषजनक बयान नहीं दे सकी। इस पर लड़की की मां ने कहा कि वह शादी नहीं सिर्फ रिंग सेरेमनी ही करवा रहे हैं। पुलिस ने जब अपने स्तर पर जांच की तो सामने आया कि मां मनघड़ंत कहानी बना रही है।

दोनों परिवारों ने गलती की लिखित में मांगी माफी

बाल सुरक्षा दफ्तर से पहुंचे सुखजिंदर सिंह ने बताया कि नाबालिग की अभी शादी नहीं हुई थी। दोनों परिवारों द्वारा गलती की लिखित में माफी मांग लेने पर उन्हें छोड़ दिया गया है। अगर शादी हो गई होती, तो कानून के मुताबिक दोनों परिवारों पर कार्रवाई तय थी। यहां सीडीपीओ कार्यालय की सुपरवाइजर राजिन्द्र कौर, पुरुषोतम कौर, रीना रानी व बाल सुरक्षा दफ्तर होशियारपुर से पहुंचे सुखजिंदर सिंह ने युवती का अलग से बैठाकर पक्ष सुना। शादी को लेकर दिनभर पूरे क्षेत्र में चर्चा होती रही। वहीं, एसएचओ का कहना था कि के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और शादी को रुकवा दिया। दोनांे पक्षों ने लिखित में माफी मांग ली थी, जिसके चलते पर्चा नहीं हुआ।

दोनांे परिवारांे को थाने ले गई पुलिस दोनांे परिवारांे को थाने ले गई पुलिस
मुंह छिपाते नजर आए बाराती मुंह छिपाते नजर आए बाराती