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कर्ज लौटाने पर बैंक ने जमीन कुर्क की तो परेशानी में किसान की मौत

मृतक अपने पीछे पत्नी, 14 और 4 वर्ष की दो बेटियां और 12 साल का बेटा छोड़ गया।

bhaskar news | Last Modified - Jan 08, 2018, 06:29 AM IST

  • कर्ज लौटाने पर बैंक ने जमीन कुर्क की तो परेशानी में किसान की मौत

    मुकेरियां. पंजाब सरकार के कर्ज माफी सर्टिफिकेट बांटे जाने से एक दिन पहले ही कमाही देवी के गांव बह फत्ते का 1 एकड़ का मालिक किसान मुकेश कुमार (41) कर्ज की भेंट चढ़ गया। भारती स्टेट बैंक गढ़दीवाला और सहकारी सभा कमाही देवी से कर्ज की लगभग तीन गुणा हो चुकी रकम की अदायगी कर सकने के चलते उसकी जमीन की 21 दिसंबर को कुर्की हो गई थी। जमीन की कुर्की हो जाने के कारण मानसिक परेशानी में मुकेश बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी, 14 और 4 वर्ष की दो बेटियां और 12 साल का बेटा छोड़ गया।

    मुकेश की पत्नी कमला रानी ने बताया कि उसके पति ने 2010 में एसबीआई गढ़दीवाला से 2 लाख का कर्ज लिया था। एक एकड़ जमीन से वह बैंक कर्ज समय पर वापस नहीं कर सका और कर्ज बढ़कर करीब 5 लाख हो गया। कंडी क्षेत्र में खेती बारिश पर निर्भर होने के कारण घर तंगी थी, जिसके चलते उसके पति ने गांव मरवाड़ी के पास दुकान भी खोली लेकिन बैंक की देनदारी वापस कर सका। बैंक द्वारा भेजे गए नोटिस के कारण वह घर आने से ही गुरेज करने लगा था। बीते कुछ समय से नोटिस आने बंद हो गए थे क्योंकि बैंक ने जमीन की कुर्की के लिए अदालत में केस कर दिया था। अदालती केस दौरान वकील की फीस भर सकने के कारण वह अदालत में अपनी मजबूरी बता सके। केस के कारण बीती 15 दिसंबर को माल विभाग के अधिकारियों ने गांव के चौकीदार रजिंदर कुमार के माध्यम से संदेश भेजा कि 21 दिसंबर को उसकी जमीन की कुर्की है और इससे पहले माल अधिकारियों को आकर मिले। इसके बाद मुकेश बहुत परेशान हो गया और माल अधिकारियों ने अदालती आदेशों पर 21 दिसंबर को जमीन की कुर्की कर दी।

    सहकारी सभा से लिए कर्ज को वापस किए जाने के कारण सहकारी सभा ने गवाह को भी नोटिस भेजने शुरू कर दिए। परिवार का कोई भी रोजगार का साधन होने और एक एकड़ जमीन की कुर्की होने के कारण मुकेश गहरी मानसिक परेशानी में चला गया। गत दिन मुकेश घर के पास ही चक्कर आने से बेहोश कर गिर गया। उसे पहले भोल कलोता अस्पताल और वहां से सिविल अस्पताल दसूहा ले जाया गया, जहां इलाज दौरान उसकी मौत हो गई।

    परिवार की मदद करे सरकार : सरपंच
    गांवके पूर्व सरपंच वसावा सिंह और चौकीदार रजिंदर सिंह ने बताया कि जमीन की कुर्की के बाद मुकेश परिवार के गुजारे और रहते कर्ज को लेकर परेशान था। उसके पीछे परिवार के गुजारे का कोई साधन नहीं है। परिवार की नौबत भूखे मरने तक चुकी है। उन्होंने पंजाब सरकार से परिवार को मुआवजा देने की मांग करते हुए कांग्रेस सरकार अपने कुर्क की जमीन वापस दिलाने और कर्ज माफ करने की मांग की। कानूनगो यशपाल सिंह ने कहा कि उक्त किसान की जमीन अदालती आदेशों पर कुर्क करके उसको बेचने पर रोक लगा दी गई है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक के पास से लिए गए कर्जे को मुकेश वापस नहीं कर पाया था। बैंक अधिकारियों ने केस जीत कर यह आदेश करवाए थे।

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Web Title: The Farmers Death In The Trouble Of Land Cover
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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