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इंग्लैंड से जम्मू के खाते में ट्रांसफर हुए थे 1 हजार पौंड, उसी से खरीदे थे हथियार

पठानकोट हाइवे के माइल स्टोन पर हुई थी हथियारों की डिलीवरी, मोगा पुलिस ने जग्गी को जम्मू से किया काबू।

Danik Bhaskar | Dec 03, 2017, 04:58 AM IST

मोगा. टार्गेट किलिंग में इंगलैंड से जम्मू के गाड़ीगड़ के शास्त्री नगर निवासी जगजीत सिंह जग्गी के खाते में 1 हजार पौंड ट्रांसफर किए गए थे। यह रुपये इंग्लैंड से जिम्मी ने अपने चचेरे भाई त्रिलोक लाड़ी को देने के लिए जग्गी के खाते में डाले थे। इसके बाद इसी रुपये से जम्मू से हथियारों की खरीद की गई और बाद में उसे पठानकोट के माधोपुर बैरियर के माइल स्टोन के पीछे छिपाकर उसका फोटो खींचकर इंगलैंड वाट्सअप किया गया। यह हथियार पंजाब के शूटरों को डिलिवर हुए और बाद में इनका इस्तेमाल किलिंग में हुआ। गिरफ्तार किए गए आरोपी तलजीत सिंह उर्फ जिम्मी जट्ट से पूछताछ के बाद शुक्रवार को मोगा पुलिस जम्मू में जाकर जगजीत सिंह उर्फ जगी को गिरफ्तार करके मोगा ले आई। इसे शनिवार को बाघा पुराना कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे 5 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

जग्गी के लैपटॉप और मोबाइल की होगी जांच
जगजीतसिंह को गिरफ्तार करने के बाद मोगा पुलिस उसके घर शास्त्री नगर में गई वहां से उसका मोबाइल फोन, लेपटॉप तथा विभिन्न बैंकों के कुछ दस्तावेज जब्त किए है। अभी तक की हुई पूछताछ में साफ हो चुका है कि जगी की 31 अक्टूबर 2017 से पहले तक अकसर तलजीत सिंह जिम्मी के साथ फोन पर बात होती रही थी। उसके मोबाइल में जगतार सिंह जौहल को छुड़वाने के लिए विदेश में हो रहे प्रचार के सभी पोस्टें मौजूद है।

पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी अनुसार साल 2016 में जगतार सिंह जौहल और तलजीत सिंह जिम्मी ने पंजाब में हत्याएं करवाने के लिए एक हजार पौंड जिम्मी के खास दोस्त जम्मू के शास्त्री नगर निवासी जगजीत सिंह जगी के नाम पर वेस्टर्न यूनियन के रास्ते भेजे थे। जगी ने वेस्टर्न यूनियन में जाकर रुपये लेने के लिए अपना पहचान पत्र की कॉपी दी, मगर राशि 50 हजार रुपये से ज्यादा होने के चलते चैक बनाकर दे दिया था। इसके बाद जगजीत सिंह ने चैक अपने खाते में लगाकर एक हजार पौंड की भारतीय करंसी लगभग 90 हजार रुपये निकलवा ली और उसे जिम्मी के चचेरे भाई तरलोक सिंह लाडी को दे दिए थे। रुपये मिलने के बाद तरलोक सिंह लाडी ने इसी से अवैध असला खरीदकर साल 2016 में जिला फरीदकोट के बरगाड़ी में वारदात करके असला कस्बा बाघापुराना में पड़ते गांव बुध सिंह वाला की ड्रेन के पास छिपा दिया था। बाजाखाना बाघापुराना पुलिस ने 17 दिसबंर 2016 को उस असलहे को बरामद करके तरलोक सिंह लाडी के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद 31 अक्टूबर 2017 को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से तलजीत सिंह जिम्मी को गिरफ्तार किया। रिमांड दौरान उसने अपने दोस्त जगजीत सिंह जगी का नाम लिया था। शुक्रवार को पुलिस को जगजीत सिंह जगी के बारे में इनपुट मिलने पर डीएसपी डी सर्बजीत सिंह, सीआईए प्रभारी जतिंदर सिंह, थाना अजीतवाल एसएचओ जसवंत सिंह तीन गाड़ियों में पुलिस मुलाजिमों के साथ जम्मू पहुंचे ओर वहां की पुलिस को साथ लेकर जगजीत सिंह को उसके सैमसंग सर्विस सेंटर पर जाकर गिरफ्तार किया। लेकिन वहां के लोगों ने जगजीत सिंह को गिरफ्तार करने का विरोध किया। लोगों को समझाने के बाद पुलिस अपने साथ लेकर उसे मोगा के लिए रवाना हुई। रात को 11 बजे पुलिस उसे लेकर सीआईए स्टाफ मैहना पहुंची थी। शनिवार को उसे बाघापुराना के सरकारी अस्पताल में मैडिकल करवाने के बाद अदालत में पेश करने पर जज ने पांच दिसबंर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

पांच दिसंबर तक का मिला पुलिस रिमांड
पंजाब में अभी आतंकी गतिविधियों का खतरा टला नहीं है। साथ ही केंद्रीय एजेंसियां भी लगातार पंजाब पुलिस को आगाह सतर्क कर रही है। किसी भी सड़क किनारे लगे माइल स्टोन या पब्लिक स्थान पर किसी तरह के संदिग्ध सामान को छुए बिना तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। -दिनकरगुप्ता, एडीजीपी