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कुंवारी मां बनी युवती ने मनाई बेटी की लोहड़ी, कहा-इसलिए बेटी को पढ़ाकर बनाऊंंगी जज

शादी का झांसा देकर अमरीका भाग चुका है दो बच्चों का बाप

Danik Bhaskar | Jan 14, 2018, 03:14 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

होशियारपुर. पास के गांव की कुंवारी मां बनी लड़की ने माहिलपुर में धार्मिक स्थल पर माथा टेक कर अपनी 4 साल की बेटी की पहली बार लोहड़ी मनाई है। पीड़िता ने संकल्प लिया कि वह बेटी को जज बनाएगी ताकि भविष्य में किसी से बेइंसाफी हो तो बेटी के माध्यम से इंसाफ दिलवा सकूं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी अमरीका भाग गया था। बेटी के साथ आई साल 2012-13 के दौरान खालसा कॉलेज माहिलपुर की स्टूडेंट रही पोस्ट ग्रेजुएट पीड़िता ने बताया कि वह वकील बनना चाहती थी।

कॉलेज में गिद्दे की टीम की कप्तान भी रही। इसी दौरान सहेली के कहने पर एक अमीर घर के लड़के के साथ दोस्ती कर बैठी। प्यार में फंस गई। लड़के ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए। प्रेग्नेंट हो गई। प्रेमी को पता चला तो वह गर्भपात का दबाव बनाने लगा। शादी से इंकार कर दिया। इसी दौरान पता चला कि आरोपी शादीशुदा और दो बच्चों का बाप है। कोर्ट जाने पर आरोपी पर 376 का केस दर्ज हुआ तो आरोपी अमरीका भाग गया। अब कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया हुआ है।

परिवार ने साथ छोड़ा, पर हिम्मत नहीं हारी, बेटी के साथ चंड़ीगढ़ रहने लगी

पीड़िता ने बताया कि गर्भवती होने का पता चला तो माता-पिता भी साथ छोड़ गए। कहते थे कि अभी कुछ नहीं बिगड़ा, जिंदगी नए सिरे से शुरू कर ले, पर वह नहीं मानी। विदेश भागने से पहले आरोपी प्रेमी ने जान से मारने की धमकियां तक दी। डर में चंडीगढ़ जाकर रहने लगी।उसने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में केस किया तो कोर्ट ने बचाव के लिए उसे दो गनमैन दे दिए।

पैसे नहीं थे तो गनमैनों और मकान मालिक की मदद से किया कोर्ट केस

पीड़िता ने बताया कि चंडीगढ़ में खर्च चलाना मुसीबत हो गया। इसी दौरान मकान मालिक और दो गनमेनों का साथ मिला व हर मदद का आश्वासन दिया। इससे उसका हौसला बढ़ा और उनकी मदद से कोर्ट में केस लगा दिया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी पर थाना माहिलपुर में रेप का केस दर्ज कर दिया। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, पर प्रेमी की बड़ी पहुंच होने के कारण केस दर्ज होने के बाद भी अमरीका भाग गया।

बांटी मूंगफली और रेवड़ियां

माहिलपुर आई पीड़िता ने बताया कि कोई मदद न मिलने से उसने बच्ची के साथ बड़ा संघर्ष किया। अब धार्मिक स्थल पर माथा टेककर संकल्प लिया है कि वह पढ़ाकर बेटी को जज बनाएगी, ताकि वह भविष्य में ऐसे केसों में पीड़ितों को इंसाफ दिला सके। यही उनके जीवन का लक्ष्य है। सादे समागम में बच्चों को मूंगफली व रेवड़ियां बांटी।