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नए साल की खुशी में वीआईपी नंबर लगी गाड़ी खरीदने का शौैक नहीं होगा पूरा

सॉफ्टवेयर में गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन होनी है और लुधियाना में अभी तक इसे चालू नहीं किया जा सका है।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 05:03 AM IST

लुधियाना. नए साल की खुशी में वीआईपी नंबर लगी गाड़ी खरीदने वालों का इस बार शौक पूरा नहीं हो पाएगा क्योंकि दिसंबर में नई सीरीज वाले वीआईपी नंबरों की बोली नहीं हो पाई। इसके पीछे गाड़ियों की आरसी के लिए चालू किए जा रहे नए सॉफ्टवेयर वाहन-4 को बताया जा रहा है। आगे से इसी सॉफ्टवेयर में गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन होनी है और लुधियाना में अभी तक इसे चालू नहीं किया जा सका है।

चूंकि अब बिना नंबर लगी गाड़ी सड़क पर नहीं चलाई जा सकती है और नई सीरीज का वीआईपी नंबर मिलेगा नहीं तो ऐसे में शौकीनों को गाड़ी बाद में खरीदने या फिर साधारण नंबर लगाकर ही काम चलाने को मजबूर होना पड़ेगा।

सॉफ्टवेयर वाहन-4 ने लगाई रोक

असल में गाड़ियों की आरसी के लिए चालू किए जा रहे नए सॉफ्टवेयर वाहन-4 के चक्कर में वीआईपी नंबरों की नीलामी रुक गई है। इसी के चलते दिसंबर में दो सीरीज की नीलामी सिरे नहीं चढ़ सकी। इससे वीआईपी नंबरों के शौकीनों को इंतजार करना पड़ रहा है। चूंकि बोली अब ऑनलाइन ही होती है, ऐसे में मैनुअल अलॉटमेंट भी नहीं की जा सकती। खासकर, नए साल में गाड़ी खरीदने वालों को इससे परेशानी हो रही है। हालांकि ट्रांसपोर्ट महकमे के पास पिछली सीरीजों के कुछ एक वीआईपी नंबर बकाया जरूर हैं लेकिन इन्हें लेने वालों के पास फिर विकल्प नहीं होगा।

पहले हर महीने नई सीरीज के 275 नंबरों की होती थी बोली

बता दें कि पहले हर महीने नई सीरीज के लगभग पौने तीन सौ नंबरों की बोली होती थी। जो हर महीने के पहले हफ्ते में होती थी। इसके बाद अक्टूबर में ट्रांसपोर्ट महकमे ने निर्देश दिए कि हर महीने 15-15 दिन के अंतराल में दो सीरीज के नंबरों की बोली कराई जाए। इसके बाद बोली कराई भी गई लेकिन दिसंबर पूरा बीतने के बाद भी कोई बोली नहीं हो सकी। आखिरी बोली पीबी 10 एफके सीरीज की हुई थी। इसके बाद वीआईपी नंबरों के बोलीदाता इंतजार कर रहे हैं।

लुधियाना में नहीं शुरू हो सका सॉफ्टवेयर

वहीं, नई कांग्रेस सरकार ने हाल ही में वीआईपी नंबरों के रिजर्व प्राइज घटा दिए थे, जिसके बाद बोलीदाता बढ़ने की उम्मीद थी। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि अब गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन का सारा काम वाहन-4 में होगा, जो केंद्रीय एजेंसी एनआईसी का सॉफ्टवेयर है। इसके जरिए पूरे देश की गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन की डिटेल्स एक ही सॉफ्टवेयर में जुटाई जा रही है। ताकि, गाड़ी के बारे में जानकारी लेने या कहीं दूसरी जगह रजिस्ट्रेशन के वक्त आसानी से इसके बारे में पता लगाया जा सके। लुधियाना में अभी यह सॉफ्टवेयर शुरू नहीं हो सका है।

जनवरी में शुरू होगा

गाड़ियों की आरसी बनाने के लिए अब सेंट्रल सॉफ्टवेयर लागू किया जा रहा है। कई जिलों में यह शुरू हो चुका है जबकि लुधियाना में भी जनवरी में हो जाएगा। इस वाहन-4 सॉफ्टवेयर के चालू होने के तुरंत बाद ही वीआईपी नंबरों की नीलामी भी हो जाएगी।
-गगन पजनी, कोऑर्डीनेटर, ट्रांसपोर्ट सोसाइटी।