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महिला ने सऊदी से लौटकर सुनाई आपबीती, 8 लाख में हुआ सौदा फिर शेख बोला ये

शेख की कोठी में रात-दिन काम कराया। भरपेट खाना मिलना तो दूर, इस उम्र में मारपीट भी की जाती थी।

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 05:35 AM IST
पीड़िता कुलदीप कौर पीड़िता कुलदीप कौर

लुधियाना. घूमने के बहाने सऊदी अरब भेज एजेंट के चंगुल में फंसाने से लेकर मेरी वापसी तक मेरे पूरे परिवार ने छह महीने रो-रोकर काटे। ये रब की मेहर है कि मैं किसी तरह फिर अपने घर जिंदा लौट आई। वर्ना मेरे बच्चों और ब्लाइंड पति का क्या हाल होता। शहर के गुरु अर्जुन देव नगर की 47 साल की कुलदीप कौर ये बताते-बताते रोने लगीं। ये वही महिला हैं, जो छह महीने बाद सऊदी अरब में ट्रेवल एजेंट के चंगुल से छूटकर लौटी हैं। अापबीती सुनाते कुलदीप कौर की आंखों में दहशत साफ झलकी, बताने लगीं कि बेटी सोनिया की शादी के बाद घर में पति व तीन बेटों के साथ छोटी सी दुकान चला गुजारा कर रही थी। पासपोर्ट छीन लिया था जाते ही...

- पिछले साल अगस्त में इसी इलाके की एक औरत मेरे साथ श्री हेमकुंट साहिब गई थीं। उसने झांसे में लेकर मेरा पासपोर्ट बनवाया।

- फिर कुछ दिन घूमने के साथ में कमाई होने का लालच देकर मुंबई ले जाकर सीधे सऊदी अरब भिजवा दिया। वहां पहुंचते ही मेरा पासपोर्ट छीन लिया।

- एक शेख की कोठी में रात-दिन काम कराया। भरपेट खाना मिलना तो दूर, इस उम्र में मारपीट भी की जाती थी।

8 करोंड़ में एजेंट से हुआ था सौदा

- वापस भेजने की बात कहने पर शेख कहता था कि तुम्हारा 8 लाख में एजेंट से हुआ है ठेका, उस रकम की पूर्ति होने पर ही जा सकती हो।

- कुलदीप कौर बोलीं, मैंने हौंसला नहीं छोड़ा, एक दिन शेख के ड्राइवर का चार्जिंग पर लगा मोबाइल उठा बेटी को लुधियाना फोन कर दिया।

- फिर बेटी व बाकी परिजनों ने मेरे सऊदी में फंसे होने की जानकारी सरकार तक पहुंचाई। इसके बावजूद मुझे रिहा नहीं कराया जा सका।

- कुदरत ने मौका दिया और एक दिन शेख के गोदाम में आग लगी तो सभी वहां चले गए।

- मैंने अलमारी खोल उसमें रखा पासपोर्ट उठाया और भागते हुए तीन किमी दूर थाने पहुंची। वहां की पुलिस को सारी बात बताई तो उन्होंने इंडियन एंबेसी बात कर मेरा वीजा कैंसिल करा वापस भिजवाया।

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