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सात टारगेट किलिंग में आरोपी जिम्मी और जग्गी का 28 नवंबर तक रिमांड

सिलसिले में साजिश में शामिल होने के आरोप में 18 नवंबर प्रोडक्शन वारंट पर फरीदकोट जेल से लाई थी।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 04:59 AM IST

लुधियाना. सात टारगेट किलिंग मामले में आरोपी तलजीत सिंह उर्फ जिम्मी और जगतार सिंह जौहल उर्फ जग्गी को ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट राजिंदर सिंह-टू की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उनका पुलिस रिमांड 28 नवंबर तक बढ़ाने का हुक्म दिया। गौर हो कि थाना डिवीजन आठ की पुलिस दोनों आरोपियों को हिंदू नेता अमित शर्मा के कत्ल के सिलसिले में साजिश में शामिल होने के आरोप में 18 नवंबर प्रोडक्शन वारंट पर फरीदकोट जेल से लाई थी।

फिर इनकी गिरफ्तारी डाल अदालत में पेश कर 24 नवंबर तक का रिमांड लिया था। शुक्रवार को रिमांड खत्म होने पर फिर से आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन का रिमांड मांगा। इस दौरान पुलिस की आेर से दलील दी गई जिम्मी ने पंजाब आतंक फैलाने हिंदू नेताआें की हत्या कराने के लिए यूके में रहते हुए अपने चचेरे भाई तिरलोक को जम्मू पैसे भेजे थे। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए उसे जम्मू ले जाना है।

वहीं दूसरी तरफ आरोपी के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने सरकारी पक्ष की कहानी झूठी बताते हुए तर्क दिया कि जिम्मी ने जब पुलिस को खुद ही बता दिया कि उसने अपने चचेरे भाई तिरलोक सिंह जम्मू में गुरुद्वारे की सेवा के लिए 28 हजार रुपये वेस्टर्न यूनियन के जरिए भेजे थे। जिसके दस्तावेजी सबूत भी हासिल किए जा सकते हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी जिम्मी का 28 नवंबर तक का रिमांड दे दिया।

जग्गी से मिलने कोर्ट पहुंचे ब्रिटिश कमीशन के डिप्टी हाई कमिश्नर एंड्रयू
आरोपी जगतार सिंह जौहल उर्फ जग्गी से मिलने के लिए ब्रिटिश कमीशन चंडीगढ़ के डिप्टी हाई कमिश्नर एंड्रयू आयरे अदालती कार्रवाई देखने पहुंचे। साथ में उनके सहयोगी बतौर कमीशन की कौंसलर ऑपरेशन पल्लवी जयरथ-दिल्ली रीजन क्राइसेस एडवाइजर फार इंडिया, भूटान नेपाल की वाइस काउंसलर जूली मिशेल मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि उनका मकसद यह पता लगाना है कि ब्रिटिश नागरिक के साथ कोई अन्याय तो नहीं हो रहा है। आरोपी जग्गी से मिलने उसके ससुर भी पहुंचे।

दूसरी आेर, थाना सलेमटाबरी की पुलिस ने पादरी सुल्तान मसीह के कत्ल की साजिश में हाथ होने हत्यारों को फंडिंग करने के आरोप में यूके सिटीजन जगतार सिंह जौहल उर्फ जग्गी को फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर 17 नवंबर को अदालत में पेश किया था। वह 24 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर था। शुक्रवार को उसे फिर अदालत में पेश कर पुलिस ने सात दिन का रिमांड मांगा, जो दे दिया गया। वहीं आरोपी के वकील मंझपुर ने रिमांड का विरोध करते हुए दलील दी कि उनका मुवक्किल यूके में जन्मा-पला है। उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। वह तो यूके से शादी कराने 2 नवंबर को इंडिया आया था 4 नवंबर से पुलिस हिरासत में ही है। उससे अभी तक कुछ बरामद नहीं हुआ, पुलिस उसे बेवजह तंग कर रही है।

अदालत द्वारा पूछने पर आरोपी जग्गी ने खुद को बेकसूर बताया। वहीं हाई कमिश्नर एंड्रयू से मालूम किया तो उन्होंने बताया कि वह इस केस में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। वह बस अदालती कार्रवाई देखने आए हैं। उनके आग्रह पर अदालत ने हाई कमिश्नर से आरोपी के साथ एक घंटे सीआईए में मुलाकात करने की इजाजत भी दी।