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मनप्रीत की सैलरी से होता था घर का गुजारा, शादी के लिए ढूंढ रहे थे लड़की

प्राइवेट कंपनी के जरिए मिली थी नौकरी, मलबे में दबने वाला सबसे कम उम्र का फायरमैन।

Dainik Bhaskar

Nov 23, 2017, 06:20 AM IST
Manpreets salary would have been the living of the house

लुधियाना. फैक्ट्री की बिल्डिंग के मलबे में दबने वाले फायर मुलाजमों में फायरमैन मनप्रीत सिंह सबसे कम उम्र (24) का युवक है, लेकिन अभी तक उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। रेस्कयू टीम द्वारा उसकी तलाश की जा रही है। गांव थरीके का रहने वाला मनप्रीत घरवालों का इकलौता बेटा है। उसकी एक बड़ी बहन है, जो शादीशुदा है। जानकारी के अनुसार मनप्रीत पेस्को कंपनी का मुलाजिम है। उसने एक साल पहले फायर विभाग की नौकरी जॉइन की। हादसे में बचने वाले उसके साथी इंद्रप्रीत सिंह ने बताया कि मनप्रीत अन्य अफसरों के साथ आग बुझा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया।

मनप्रीत के बारे में पता चलने के बाद से उसके पिता मलकीत सिंह सदमे में हैं। मलबे के नीचे दबे बेटे के सही सलामत बरामद होने के इंतजार में मनप्रीत के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार घटनास्थल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि रेस्क्यू टीम की ओर से मनप्रीत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही।

मनप्रीत के रिश्तेदारों ने बताया कि उसके पिता मलकीत सिंह वेरका कंपनी में नौकरी करते थे। लेकिन कुछ समयच पहले ही वह रिटायर्ड हुए हैं। वेरका कंपनी की तरफ से उनकी पेंशन भी कम आती है। जिससे घर का गुजारा मुश्किल से हो रहा था। फिर मनप्रीत ने स्टडी पुरी की और अपने पैरों पर खड़ा हुआ और प्राइवेट कंपनी पेस्को के जरिए फायरमैन की नौकरी करने लगा। उसकी सैलरी से घर का खर्च चल रहा था। मनप्रीत की मां भी ज्यादा काम नहीं कर पाती, जिस कारण वह उसकी शादी के लिए लड़की ढूंढ रहे थे, ताकि वह घर का कामकाज देख सके।

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Manpreets salary would have been the living of the house
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