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अब कहीं बड़ी आग लगी तो सुरक्षित नहीं लुधियानावासी, चार में से तीन की हुई मौत

15 पोस्टों के एवज में केवल चार सब फायर अफसर ही दो दिन पहले ड्यूटी पर तैनात थे।

Danik Bhaskar | Nov 23, 2017, 05:22 AM IST

लुधियाना. आगजनी की बड़ी घटनाओं में शहर सुरक्षित नहीं है। असल में निगम से जुड़े फायर ब्रिगेड विंग में सब फायर अफसर की कुल 15 पोस्टों के एवज में केवल चार सब फायर अफसर ही दो दिन पहले ड्यूटी पर तैनात थे। सूफियां चौक, मुश्ताक गंज में आगजनी के बाद जमींदोज हुई पांच मंजिला बिल्डिंग के मलबे में तीन सब फायर अफसर शहीद हो गए हैं। इनमें सब फायर अफसर राजिंदर शर्मा, राजकुमार और सिमॉन गिल शामिल हैं।

ऐसे में एक सब फायर अफसर के सहारे ये ब्रांच कैसे बड़ी-बड़ी आगजनी की घटनाओं पर काबू कर पाएगा, इसका अंदाजा बेहतर लगाया जा सकता है। सरकार की ओर से पिछले 15 सालाें में फायर ब्रिगेड में मुलाजिम तो नहीं बढ़ाए गए, लेकिन मुश्ताक गंज की इस ताजा घटना ने इस ब्रांच को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है।

मेरे तो पूरा परिवार ही उजड़ गया: एडीएफओ
कहीं आग लग जाए तो मेरी जुबान पर पहला नाम राजिंदर शर्मा का रहता था और अगर कोई दफ्तर का काम होता था तो राजू (राजकुमार) को कहता था, लेकिन अब ये दोनों ही चले गए। मेरा तो पूरा परिवार ही उजड़ गया। ये शब्द एडीएफओ भूपिंदर सिंह ने कही। फैक्टरियों में कैमिकल और ज्वलनशील पदार्थ भारी मात्रा में रखे जाते हैं, ऐसे में तो हमारे लिए इनमें घुसना पूरी तरह से जान जोखिम में डालने वाली बात है।

अक्टूबर से वेतन तक नहीं मिला पर लोगों की सेवा में कोई कमी नहीं आने दी
इस हादसे में अपने सीनियर और साथियों को खोने के बाद भी फायर मुलाजिमों के हौसले कम नहीं हुए हैं। वे लापता साथियों की तलाश में दिन रात एक कर रहे हैं। उन्हें गुस्सा सिर्फ सरकार पर है जिसने उसे अभी तक अक्टूबर महीने का वेतन तक नहीं दिया। यही नहीं उन्हें आज तक पूरे सुरक्षा उपकरण तक नहीं मुहैया कराए। फायरमैन बोले-वेतन देरी से मिलने के बावजूद उन्होंने कभी अपनी ड्यूटी से मुंह नहीं मोड़ा।

डिवीजनल कमिश्नर ने शुरू की जांच
सीएम के आदेश पर डिवीजनल कमिश्नर वीके मीना ने जांच शुरू कर दी है। मीना ने इंडस्ट्रियल साइट का जायजा लेने के बाद विभागीय अफसरों से मीटिंग कर वीरवार तक उक्त मामले की पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है।