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वारदात / एडीसी ऑफिस के वेटिंग रूम में महिला सीनियर असिस्टेंट को ढाई घंटे बंधक बनाया

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 05:43 AM IST


accused of inhuman behavior with Government women workers
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accused of inhuman behavior with Government women workers

  • 52 वर्षीय पीड़ित ने कहा- एडीसी डॉ. शेना अग्रवाल के कहने पर ऐसा किया
  • बात सिर्फ इतनी- फाइल पर इम्प्लामेंट एक्सचेंज के डिप्टी डायरेक्टर के साइन न थे

लुधियाना. एडीसी (विकास) दफ्तर के वेटिंग रूम में इम्पलाइजमेंट एक्सचेंज की सीनियर असिस्टेंट 52 वर्षीय जसविंदर कौर को ढाई घंटे तक बंधक बनाए रखा गया। पीड़ित का आरोप है कि एडीसी (विकास) डॉ. शेना अग्रवाल के कहने पर उसके साथ ऐसा सलूक किया गया। मुलाजिमों ने उसका फोन अपने पास रख लिया और कमरे में पानी तक नहीं दिया।

 

जसविंदर कौर ने कहा कि बात महज इतनी थी कि उन्होंने डॉ. अग्रवाल के कहने पर इम्पलाइमेंट ऑफिस के डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ यह लिखकर नहीं दिया कि फाइल पर वह साइन नहीं कर रहे हैं। पीड़ित महिला कर्मचारी के मुताबिक पहले उन्हें जलील किया गया।

 

फिर वेटिंग रूम में बैठने की बात कहते हुए बाहर से कुंडी लगा दिया गया। तकरीबन ढाई घंटे बाद उन्हें दो महिलाओं ने बाहर निकाला। तब तक उनकी हालत खराब हो चुकी थी। घटना 6 नवंबर को दोपहर 1 से 4 बजे के बीच की बताई जा रही है। पूरे घटनाक्रम से जुड़ा करीब 48 सेकंड के वीडियो भी सामने आया है जिसमें पीड़त बेहद घबराई हुई दिख रही हैं और रोते हुए अपने साथ हुए अमानवीय व्यवहार को बता रही हैं।  
 

बाहर निकलने पर पीड़ित ने पति को बुलाया : 

प्रताप चौक में इम्पलाइमेंट ऑफिस के लिए नई बिल्डिंग बनी है। वहां पर बिजली मीटर लगाने में दिक्कत आ रही थी। मुझे मीटर संबंधी फाइल लेकर एडीसी (विकास) डॉ. शेना अग्रवाल ने 5 नवंबर को शाम 7 बजे अपने घर बुलाया। 7 बजे मैं पहुंची, लेकिन वह घर पर नहीं थीं। करीब 9 बजे एडीसी आईं और फाइल देखा तो उसमें छुट्‌टी पर चल रहे डिप्टी डायरेक्टर के साइन बाकी थे।

 

एडीसी ने मुझे बुरा-भला करते हुए उसी समय फाइल पर साइन कराने के आदेश दिए। मैंने दोबारा फाइल कंप्लीट कराकर 7 नवंबर को सुबह 9 बजे उनके ऑफिस आने की बात कही। 7 नवंबर को भी डिप्टी डायरेक्टर छुट्‌टी पर थे तो मैं दोपहर 1 बजे के करीब एडीसी के पास पहुंचीं। फाइल पर साइन नहीं होने पर मुझे फिर बुरा-भला कहा गया।

 

मैंने कहा कि आप डिप्टी डायरेक्टर से बात कर लें, मैं उनके घर जाकर साइन करा लाऊंंगी। लेकिन एडीसी ने कहा कि मैं डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ लिख कर दूं कि उन्होंने साइन नहीं किए हैं। मैंने मना किया तो मुलाजिम भेजकर दोबारा बुलाया और मुझे वेटिंग हाल में बंद करा दिया।

 

वहां पर पानी भी नहीं था और मेरा मोबाइल फोन भी मुलाजिमों ने बाहर अपने पास रखा लिया। ढाई घंटे बाद जब मुझे निकाला गया तो मैंने अपने पति को बुलाया और सारी बात वीडियो रिकार्डिंग करवाकर सामने रखी। मेरी मां कैंसर की मरीज हैं। घर पर बच्चे-पति इंतजार कर रहे थे, लेकिन त्योहार से ठीक पहले मेरे साथ ऐसा बुरा बर्ताव किया गया। (-जैसा जसविंदर कौर ने भास्कर को बताया। इम्पलाइजमेंट एक्सचेंज की कर्मचारी जसविंदर ने दावा किया- सीसीटीवी कैमरे में भी पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड है।)
 

पीड़ित महिला कर्मी आज करेंगी लिखित शिकायत :

जसविंदर कौर ने बताया कि घटना के बाद वह अपने पति राजपाल के साथ डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार अग्रवाल के पास शिकायत लेकर गए थे। उन्होंने एडीसी (जनरल) इकबाल सिंह संधू से मिलने को कहा। संधू ने सारी बात लिखित में मांगी है, जसविंदर शुक्रवार को पूरे मामले की लिखित में शिकायत करेंगी। 
 

अफसर बोलीं- उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता, आरोप गलत :

डॉ. शेना अग्रवाल ने पहले न ही फोन उठाया और न ही मैसेज का जवाब दिया। बाद में डीपीआरओ ने बताया कि डॉ. अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। उन्होंने स्टाफ को ये मैसेज दिया था कि छुटि्टयां होने के कारण मंगलवार तक सारा काम पूरा कर लें ताकि पब्लिक को परेशानी न हो। किसी महिला कर्मचारी को बंधक बनाए जाने के आरोप झूठे हैं। वेटिंग हाल में किसी को भी बंदी नहीं बनाया गया।

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