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एयरपोर्ट पुल के साथ 3 दिन बाद झाड़ियों में पड़ी मिली बच्ची, परिवार ने पहचाना, आज होगा डीएनए

Ludhiana News - सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल से चोरी हुई दो दिन की बच्ची तीन दिन बाद बड़े ही रहस्यमय ढंग से एयरपोर्ट के...

Feb 15, 2020, 08:05 AM IST

सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल से चोरी हुई दो दिन की बच्ची तीन दिन बाद बड़े ही रहस्यमय ढंग से एयरपोर्ट के नजदीक से मिली। इलाके में पेट्रोलिंग को लोगों ने सूचना दी तो पुलिस बच्ची को उठाकर सिविल अस्पताल ले गई। वहीं, बच्ची के परिजनों को भी उससे मिलाया गया। फिलहाल पुलिस के लिए इस बात की परेशानी खड़ी हो गई है, आखिर बच्ची वहां पहुंची कैसे। पुलिस मामले में जांच कर रही है और शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार शाम को चौकी ईश्वर नगर की पुलिस एयरपोर्ट के नजदीक गश्त कर रही थी। इस दौरान वहां की झुग्गियों में रहने वाले एक शख्स ने उन्हें बताया कि पुल के पास एक बच्चा झाड़ियों में पड़ा है। सूचना मिलते ही टीम वहां पहुंची, जिन्होंने बच्ची को उठाकर पुलिस के अपने वाट्सएप ग्रुप में डाल दिया। इसके बाद डिवीजन 2 की पुलिस को इसके बारे में सूचित किया गया और बच्ची को सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया गया। जहां पुलिस बच्ची के पिता उमेश और मां सिरबावति को लेकर आई। उन्होंने बताया कि बच्ची उन्हीं की है। फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है।

पुराने गैंग की पहचान कर रही पुलिस


कुछ समय पहले सिविल अस्पताल में एक रेप पीड़िता के बच्चे को सफाई कर्मचारी की ओर से अपने साथियों से मिलकर महिला को बेच दिया था। तब मामले पर से थाना डेहलों की पुलिस ने पर्दा उठाया था। मामले में जमानत पर आने के बाद आरोपी दोबारा वहां काम करने लगा, लेकिन कुछ दिन बाद वो वहां से चला गया था। फिलहाल पुलिस अब उसके साथ के आरोपियों की भी तलाश रही है कि उनका गैंग कैसा था और उसमें कौन-कौन था। हालांकि मामले में एक महिला का भी नाम सामने आया था, मगर उसकी लोकेशन अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस उसकी भी पड़ताल कर रही है।

सवालों के घेरे में अस्पताल


विभागीय सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में 125 के करीब मुलाजिम हैं। इसमें नर्स, वार्ड ब्वाॅय, सफाई मुलाजिम और सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं। इनमें से सिर्फ 40 लोग ही पक्के मुलाजिम हैं, जबकि बाकी को ठेकेदार भर्ती कर काम चला रहा है। हालात ये है कि इनमें से किसी को भी आई कार्ड नहीं दिए गए और जिन्हें दिए गए हैं, वो पहनते नहीं। इसी फायदा उठाकर बाहरी और संदिग्ध लोग अस्पताल में मिलकर गैर-कानूनी कामों का नेटवर्क चला रहे हैं। इसका पता तब चलता है, जब कोई बड़ी वारदात हो जाए।


}मलौद में दबाव बनाया तो लुधियाना में बच्ची रिकवर : मामले में पुलिस ने बच्ची के पिता की ओर से दिया गया महिला का नंबर ट्रैक किया था। इसे चेक करते हुए पुलिस मलौद पहुंची और जब वहां दबाव बनाया तो उसके अगले ही दिन बच्ची रिकवर हो गई। मगर पुलिस उस पॉइंट को दोबारा चेक करने मलौद जाएगी। वहीं, बेशक बच्ची के परिजनों ने उसकी पहचान करा दी, लेकिन कानूनी प्रोसेस को फाॅलो करते हुए शनिवार को पुलिस बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाएगी। इसकी रिपोर्ट आने के बाद पुलिस मामले को आगे बढ़ाएगी। फिलहाल पुलिस के लिए ये परेशानी बनी है कि आखिर वो महिला है कौन, क्योंकि उसका चेहरा अभी तक पुलिस को कहीं नहीं मिल पाया है।


प्राथमिक जांच में तो पुलिस ने कहानी बनाई है। मगर सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला था, जहां अस्पताल के कैमरों ने तो मदद नहीं की, लेकिन सेफ सिटी के कैमरे पुलिस के लिए मददगार साबित हुए। उसी कैमरे में पता चला कि महिला एक ऑटो में बैठी थी। उसकी डिटेल पुलिस ने निकलवाई और सभी कैमरों को खंगाल ऑटो की लोकेशन का पता किया कि वो कहां-कहां गया। ऑटो की आखिरी लोकेशन ढंडारी पुल के आसपास की मिली। पुलिस ने सिविल अस्पताल से लेकर ढंडारी तक आने वाले सभी थानों की पुलिस को अलर्ट किया। उन्होंने अपने-अपने तौर पर चेकिंग की। जहां आखिरी लोकेशन मिली वो इलाका चौकी ईश्वर नगर की पुलिस का था। उन्होंने सर्च ऑपरेशन चलाया तो बच्ची रिकवर कर ली गई।


सिविल अस्पताल से 2 दिन की बच्ची चोरी होने का मामला

पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस को लोगों ने बताया, फिर की रिकवर, मुलाजिमों ने अस्पताल जांच के बाद परिजनों को दिखाई बच्ची

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