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सवा 3 साल पहले जेल तोड़ने वाले गैंगस्टर नीटा को भी मोबाइल फोन उपलब्ध करा चुके थे गिरफ्तार जेल वार्डन

एक वर्ष पहले
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नाभा जेल में मोबाइल पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार वार्डन और कैदियों को कोर्ट में लेकर पहुंची पुलिस। - Dainik Bhaskar
नाभा जेल में मोबाइल पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार वार्डन और कैदियों को कोर्ट में लेकर पहुंची पुलिस।
  • 2016 को मैक्सिमम सिक्युरिटी जेल से विक्की गौंडर और आतंकियों के साथ भागा कुलप्रीत सिंह देओल उर्फ नीटा
  • 18 जनवरी 2017 को इंदौर से लुधियाना बैंक रॉबरी के आरोपी साथी के साथ गिरफ्तार, नई जेल में बंद हैं इन दिनों

पटियाला/नाभा (राकेश कुमार). पटियाला जिला जेल के दोनों वार्डन वरिंदर कुमार और तरुणदीप सिंह सवा 3 साल पहले बहुचर्चित नाभा जेल तोड़ने वाले कैदियों को मोबाइल फोन उपलब्ध करा चुके हैं। दूसरी कोशिश में कामयाब होने से पहले ही पकड़े गए। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने नई जेल में बंद कैदी कुलप्रीत सिंह देओल उर्फ नीटा, टाइगर के अलावा एक अन्य को दो दिन के रिमांड पर लिया है।


27 नवंबर 2016 को मैक्सिमम सिक्युरिटी जेल तोड़कर विक्की गौंडर और आतंकियों के साथ भागा नीटा इन दिनों नई जेल में बंद है। उसे 18 जनवरी 2017 को इंदौर से लुधियाना बैंक रॉबरी के आरोपी साथी के साथ उस वक्त मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब इसके सिर पर पंजाब पुलिस 5 लाख का इनाम घोषित कर चुकी थी। नीटा और उसके साथी सुनील कालड़ा उर्फ शैल्ला को एक रहवासी अपार्टमेंट के फ्लैट से गिरफ्तार कर इनसे 8 मोबाइल, एक लैपटॉप और 92,000 रुपए बरामद किए गए थे। 

अब इसी जेल के 2018 बैच के वार्डन वरिंदर और तरुणदीप को दो मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया गया। रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि इन्होंने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर नीटा और उसके साथी गुरविंदर सिंह टाइगर तक एक मोबाइल पहुंचाया था। दोनों दो और मोबाइल की जेल में सप्लाई कर पाते, इससे पहले धरे गए। मामले में मुकुंद नाम के एक और कैदी का भी नाम सामने आया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने प्रॉडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की और सोमवार को फिर से पांचों कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 

जुर्म की दुनिया का बड़ा नाम है नीटा
नीटा, विक्की गोंडर गैंग का कुख्यात गैंगस्टर रहा है। इस पर लगातार वारदात करते रहने के कारण अलग-अलग राज्यों में दर्जनों मामले दर्ज हैं। विक्की गोंडर और आतंकियों के साथ जेल तोड़ भागा था। फिर से हत्थे चढ़ा तो इसके बाद पंजाब की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया जा रहा था।

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