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सेवा केंद्रों पर जन्म-मौत, रिहायश प्रमाणपत्र समेत 273 कामों की जिम्मेदारी, ढाई माह से 3000 पेंडेंसी

एक वर्ष पहले
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सरकारी दफ्तरों में लोगों को चक्कर काटकर अपना कीमती वक्त बर्बाद न करना पड़े, इसी मकसद से सरकार ने सेवा केंद्र शुरू किए। यहां पर जन्म-मौत, रिहायशी, मैरिज, जाति प्रमाण-पत्र और आर्म्स लाइसेंस समेत जनता से जुड़े 273 तरह की सुविधाओं के लिए आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। मगर ये केंद्र अब धीरे-धीरे दुविधा केंद्र बन रहे हैं। क्योंकि सेवा केंद्रों में अप्लाई होने वाले सर्टिफिकेट जिन महकमों की ओर से जारी किया जाना होता है उनकी तरफ से देरी की जा रही है। दिसंबर 2019 में जिला प्रशासन ने जब रिव्यू मीटिंग की, तब भी 12 माह की पेंडेंसी 3000 से ज्यादा निकली।

वहीं, इस साल भी 1 जनवरी से लेकर 10 मार्च तक भी पेंडेंसी विभागीय तौर पर क्लियर ही नहीं हो पा रही है। मौजूदा समय में भी करीब 3 हजार पेंडेंसी है। सूत्रों से पता चला है जिला प्रशासन ने फिर से रिव्यू मीटिंग की। इसमें फिर ये तर्क सामने आया है कि विभागों में मैनपावर की कमी से काम नहीं हो पा रहे। मगर असिस्टेंट कमिश्नर अंडर ट्रेनी आईएएस विराज ने विभागों के प्रमुखों को फटकार लगा पेंडेंसी को खत्म करने की हिदायतें दी।

इधर, सोमवार से सेवा केंद्रों में भर सकेंगे प्रॉपर्टी टैक्स

अब शहरवासी सेवा केंद्रों पर प्रॉपर्टी टैक्स सोमवार से जमा कर पाएंगे। लोगों को सिर्फ 30 रुपए सर्विस चार्ज अदा करना होगा। अभी चार जोनों में निगम के ही सुविधा सेंटरों में ही ये सुविधा थी। मगर लंबी लाइनें लगने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। इसके मद्देनजर ये सुविधा शुरू की जा रही है। इसी तरह अब मंडी बोर्ड में बनने वाले आढ़ती लाइसेंस भी सुविधा केंद्रों में बनेंगे। ये सुविधा अगले 10 दिन में शुरू की जा सकती है। नए लाइसेंस के लिए 1000 रुपए और रिन्यू के लिए 500 रुपए सर्विस चार्ज देना होगा।

तहसीलदार और डीलिंग क्लर्कों के स्तर की पेंडेंसी भी 1 हजार से ज्यादा


यही बस नहीं, अगर जिला प्रशासन के कामों की बात करें तो रिहायशी, मैरिज और कास्ट सर्टिफिकेट के लिए भी आवेदकों को तरसाया जा रहा है। प्रशासन के अधीन आते तहसीलदार और डीलिंग क्लर्कों के पास सर्टिफिकेटों को जारी करने के लिए साइन करने तक का समय नहीं दिया जा रहा है। इसके तहत 1300 हजार से ज्यादा के पेंडेंसी 2 माह से चल रही है। लुधियाना वेस्ट में डीलिंग क्लर्क स्तर पर करीब 700, ईस्ट में तहसीलदार और डीलिंग क्लर्क स्तर पर 200 से ज्यादा, सेंट्रल और रायकोट स्तर पर 450 से ज्यादा की पेंडेंसी है। वहीं, असलहा लाइसेंस की पेंडेंसी एडीसी ऑफिस, एसएसपी ऑफिस स्तर पर वेरिफिकेशन से लेकर लाइसेंस जारी करने की 300 से ज्यादा पेंडेंसी है।


सबसे ज्यादा जन्म-मौत सर्टिफिकेट की पेंडेंसी

हैरानीजनक है कि जन्म-मौत सर्टिफिकेट जारी करने वाले महकमों में निगम और हेल्थ विभाग भी शामिल है। करीब 2500 सर्टिफिकेट बाकी हैं। इनमें निगम की 1470, सीएमओ की 1091 की पेंडेंसी है। पिछले दो महीनों से लोगों की ओर से अप्लाई किए जन्म-मौत के सर्टिफिकेट अभी तक जारी नहीं हो पाए। नियमों के मुताबिक हफ्तेभर में सर्टिफिकेट जारी करने का प्रावधान है।


विभागों में मैनपावर की कमी, लोग हो रहे परेशान

सिविल अस्पताल के पास सेवा केंद्रों में सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई करते शहरवासी।

}तहसीलों में भी स्थिति ज्यादा खराब : बता दें कि तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की तरफ से रेजिडेंस, मैरिज और एससी-बीसी प्रमाण-पत्र को मंजूरी दी जाती है, लेकिन लुधियाना समेत, खन्ना, समराला, पायल, जगराओं, रायकोट, साहनेवाल, डेहलों, कूमकलां, मुल्लांपुर, मलौद, माछीवाड़ा और सिधवां बेट इलाकों के 1500 के करीब सर्टिफिकेट पेंडिंग हैं। इसी तरह आर्म्स के 700 लाइसेंस पेंडिंग हैं। इन्हें 1 जनवरी से अभी तक पेंडिंग रखा गया है। हालांकि इस बारे में गत दिनों हुई मीटिंग के दौरान पेंडेंसी क्लियर करने के आदेश जारी हैं। इसके बावजूद अभी तक हालात वैसे ही बताए जा रहे हैं। इससे पब्लिक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सेवा केंद्रों की सुविधा पर बड़ा सवाल उठता है।

}रोज होते झगड़े : बताया जा रहा है कि जिले के 38 सेवा केंद्रों पर जिलेभर के सभी लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की बजाय वहीं पर सारी सुविधाएं दी जा रही हैं। ऐसे में लंबी पेंडेंसी के चलते लोग अब परेशान होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि रोजाना 25 से 30 लोग सिर्फ कचहरी परिसर में बने सेवा केंद्र पर आकर वहां पर बैठे मुलाजिमों से सर्टिफिकेट्स जारी न होने के चलते लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं। सेवा केंद्रों की तरफ से भी यही जवाब दिया जा रहा है कि उनकी तरफ से फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी कर आगे विभागों को भेज दी जाती है, जहां से ही देरी हो रही है। इस बारे में कई बार जिला प्रशासन को लिख भी चुके हैं।
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